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आपके घर के आसपास भी है धूल और धुआं तो गणित में रहेंगे कमजोर और भुलक्कड़: वैज्ञानिक रिसर्च



हेल्थ डेस्क.भारत और चीन प्रदूषण के मामले में एक-दूसरे जैसे ही हैं। लेंसेट कमीशन की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण से होने वाली मौंतों के मामले में भारत पहले और चीन दूसरे पायदान परहै।रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ 2015 में प्रदूषण के कारण दुनियाभर में 25 लाख लोगों की मौत हुई है। वायु प्रदूषण अब धीरे-धीरे लोगों की सोचने और समझने की स्किल पर भी बुरा असर छोड़ रहा है। हाल ही सामने आई एक रिसर्च के अनुसार यह गुणा-भाग तक करने की क्षमता को घटा रहा है। जानते हैं रिसर्च से जुड़ी खास बातें…

  1. वायु प्रदूषण के मस्तिष्क पर प्रभाव को जानने के लिए येल और पेकिंग यूनिवर्सिटी ने एक अध्ययन किया। प्रोसिडिंग ऑफ नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस जर्नल में ये रिसर्च प्रकाशित भी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण लोगों को छोटी-छोटी बातें या शब्द याद रखने और गुणा-भाग करने की स्किल पर भी बुरा असर डाल रहा है। इसका सीधा असर अल्जाइमर और डिमेंशिया (याददाश्त घटना) जैसी बीमारियों के रूप में देखा जा रहा है।

  2. रिसर्च टीम ने 2010 से 2014 के दौरान करीब 32 हजार चीनी लोगों पर सर्वे किया। इस सर्वे में उन्होंने देखा कि ये लोग वायु प्रदूषण की जद में कितना रहे। हर साल के डाटा का तुलनात्मक अध्ययन कर रिसर्चरों ने देखा कि प्रदूषण के संपर्क में रहने से लोगों की बोलचाल क्षमता और गणित क्षमता पर असर होता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य और निम्न आय वाले देशों के 98 फीसदी शहर, जहां की जनसंख्या एक लाख से ज्यादा है वे विश्व स्वास्थ्य संगठन के वायु गुणवत्ता दिशानिर्देशों का पालन करने में असफल रहे हैं।

  3. स्टडी में शामिल अमेरिका के इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट ने एक रिलीज में कहा है कि प्रदूषण का असर महिलाओं की तुलना में पुरुषों पर अधिक होता है, लेकिन उम्रदराज लोगों पर इसका प्रभाव सबसे ज्यादा देखा गया है। खासकर ऐसे लोगों को ये समस्याएं अधिक आती हैं जो कम पढ़े-लिखे हैं।

  4. वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरों का कारण इसमें मौजूद बारीक कण (पर्टिकुलेट मैटर) और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड व सल्फर डाई ऑक्साइड जैसी गैसे हैं। जो ब्रेन के अलावा हृदय रोग, लंग्स कैंसर और स्ट्रोक का कारण बन रही हैं। हवा में मौजूद बारीक कण मुंह और नाक की मदद से शरीर में पहुंचते हैं और ब्लड में मिलकर शरीर के दूसरे हिस्सों में पहुंचते हैं।

    • अखबार, टीवी और रेडियो से मिलने वाली वायु प्रदूषण की जानकारी के मुताबिक अपने रूटीन में बदलाव करें।
    • जिस क्षेत्र में रहते हैं अगर वहां पॉल्यूशन का स्तर अधिक है तो ज्यादा देर तक बाहर रहने से बचें।
    • सड़क और हाइवे के किनारे बनी जगहों पर एक्सरसाइज करने से बचें।
    • पाॅल्यूशन अधिक बढ़ने पर मास्क का प्रयोग करें।
    • कई ऐसे प्लांट भी अवेलेबल हैं जो एयर पॉल्युशन का स्तर कम करते हैं उन्हें लगाएं।
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      air pollution damages the skill to remember word and calculate

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