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इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस 5 घंटे से अधिक प्रयोग कर रहे हैं तो खुदकुशी का खतरा दो गुना



जीन एम ट्वेंग
अमेरिका और ब्रिटेन में चार बड़े अध्ययनों ने बताया है, हर दिन पाठ्यक्रम से अलग हटकर डिजिटल मीडिया पर आधा घंटा बिताने से खुशी मिलती है और मानसिक सेहत ठीक रहती है। इसके बाद स्थिति बिगड़ती है। अधिकतर समय ऑनलाइन रहने के नतीजे घातक हो सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का बहुत अधिक उपयोग करने वाले लोग अप्रसन्न और अवसादग्रस्त रहते हैं।

रिसर्च के अंत में संभावित फैक्टरों से नतीजों में कुछ प्रतिशत अंतर होने का संकेत है। इससे किसी फैक्टर और परिणाम का संबंध कम हो जाता है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के उपयोग से आत्महत्या के प्रयासों में केवल 0.5% से 2% का अंतर पाया गया। लेकिन, पांच घंटे या उससे ज्यादा डिवाइस का उपयोग करने वाले टीन्स ने आत्महत्या के प्रयास उन लोगों की तुलना में दो गुना किए जिन्होंने एक घंटे तक ही उपयोग किया था। टीनएजर्स के प्रभावित होने पर बढ़ते सबूतों के प्रकास में टेक्नोलॉजी के उपयोग और खुश रहने के बीच संबंध का महत्व ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिका में 2009 से 2017 के बीच 14 से 17 वर्ष की आयु के किशोरों में अवसाद की दर 60% बढ़ गई। इस आयु वर्ग में स्वयं को नुकसान पहुंचाने और आत्महत्या के विचार आने पर अस्पतालों की इमर्जेंसी में आने वालों की संख्या भी बढ़ी है। किशोर लड़कियों के बीच आत्महत्या की दर 40 वर्ष में सबसे अधिक है। इस ट्रेंड के कारणों का निर्धारण करना चुनौतीपूर्ण है। फिर भी, बहुत बड़ी संख्या में टीनएजर्स के दैनंदिन जीवन पर स्मार्ट फोन और डिजिटल मीडिया ने जितना ज्यादा प्रभाव डाला है उतना किसी अन्य परिवर्तन से नहीं पड़ा है। इसलिए इलेक्ट्रानिक डिवाइस का उपयोग सीमित करने में कोई नुकसान नहीं है।

बुरे असर से बचने के लिए क्या करें
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल की अधिकता से बचने के लिए कुछ सामान्य उपाय किए जा सकते हैं। मसलन…

  • रात के समय बेडरूम में फोन या टैबलेट नहीं होना चाहिए। यदि आप फोन का उपयोग अलार्म क्लॉक के बतौर करते हैं तो क्लॉक खरीद लीजिए। अगर टैबलेट चलाते हैं तो सभी नोटिफिकेशन बंद करें।
  • हर दिन मनोरंजन के लिए डिवाइस का समय दो घंटा से कम करें। होमवर्क और डिवाइस से जुड़े अन्य काम इसके तहत नहीं आएंगे।
  • सोने से एक घंट पहले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग न करें। ये मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालते हैं। उनकी नीली रोशनी से नींद अस्तव्यस्त हो जाती है। पर्याप्त नींद न होने से अवसाद का खतरा रहता है।

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The Risk Of Teen Depression And Suicide Is Linked To Smartphone Use, Study Says

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