ब्रेकिंग न्यूज
loading...
Hindi News / टेक / एपल ने 2018 में 1 करोड़ से ज्यादा आईफोन की बैटरी बदलीं, इससे कंपनी को 70 हजार करोड़ का नुकसान

एपल ने 2018 में 1 करोड़ से ज्यादा आईफोन की बैटरी बदलीं, इससे कंपनी को 70 हजार करोड़ का नुकसान



गैजेट डेस्क. एपल ने 2018 में बैटरी रिप्लेसमेंट प्रोग्राम के जरिए 1.10 करोड़ से ज्यादा आईफोन की बैटरियों को रिप्लेस किया, जबकि इस प्रोग्राम के जरिए एपल को 20 लाख बैटरियों को रिप्लेस करने का अनुमान था। इस बात की जानकारी एपल पर करीब से नजर रखने वाले डॉन ग्रूबर ने दी। उन्होंने दावा किया कि, एपल के सीईओ टीम कुक ने आईफोन की बैटरी रिप्लेस करने के आंकड़े एक इंटरव्यू में बताए थे।

इससे एपल को 77 हजार करोड़ का नुकसान, लेकिन 22 अरब का फायदा भी

  • एपल के बैटरी रिप्लेसमेंट प्रोग्राम के तहत आईफोन यूजर सिर्फ 29 डॉलर में बैटरी रिप्लेस करवा सकते थे। द वर्ज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोग्राम के तहत कई यूजर्स ने 1,000 डॉलर (करीब 70 हजार रुपए) का नया आईफोन खरीदने की जगह अपने पुराने आईफोन की ही बैटरी को बदलवा लिया। इस कारण एपल को 11 बिलियन डॉलर (करीब 77 हजार करोड़ रुपए) का नुकसान उठाना पड़ा।
  • हालांकि, एक बात ये भी है कि एपल के 1.10 करोड़ यूजर्स ने अपने पुराने आईफोन की बैटरी को 29 डॉलर में रिप्लेस करवाया, जिससे कंपनी को बैटरी रिप्लेसमेंट प्रोग्राम से ही 319 मिलियन डॉलर (करीब 22.66 अरब रुपए) का फायदा भी हुआ।

एपल ने पिछले साल शुरू किया था बैटरी रिप्लेसमेंट प्रोग्राम

एपल पर कई बार पुराने आईफोन की बैटरी लाइफ और परफॉर्मेंस को स्लो करने के आरोप लगे थे, जिसके बाद कंपनी ने बैटरी रिप्लेसमेंट प्रोग्राम शुरू किया था। इस प्रोग्राम के तहत कोई भी यूजर अपने पुराने फोन की बैटरी को सिर्फ 29 डॉलर में रिप्लेस करवा सकता था। जबकि भारत में इस प्रोग्राम को साल के आखिरी में शुरू किया गया था, जिसके तहत भारतीय यूजर्स 2 हजार रुपए में अपने आईफोन की बैटरी को रिप्लेस कर सकते थे, जबकि आम दिनों में बैटरी रिप्लेस करने पर 6,500 रुपए तक का खर्च आता था।

सॉफ्टवेयर के जरिए आईफोन की बैटरी लाइफ कम करती थी एपल

  • एपल पर दो साल पहले नए आईफोन की बिक्री बढ़ाने के लिए पुराने आईफोन की परफॉर्मेंस और बैटरी लाइफ स्लो करने का आरोप लगा था। दरअसल, एपल ने 2017 में आईओएस 11 में परफॉर्मेंस मैनेजमेंट फीचर दिया था, जिससे आईफोन 7 प्लस से नीचे के मॉडल की परफॉर्मेंस स्लो हो गई, साथ ही बैटरी लाइफ भी पहले के मुकाबले कम हो गई। इसके बाद 2018 में एपल ने आईओएस 12 लॉन्च किया, जिससे आईफोन 8, 8 प्लस और X की परफॉर्मेंस और बैटरी लाइफ पर असर पड़ा।
  • एपल पर जब पुराने आईफोन स्लो करने का आरोप लगा था, तो उसने कहा था कि वो ऐसा पुराने मॉडल की लाइफ बढ़ाने के लिए ऐसा करती है। एपल का कहना था कि, सॉफ्टवेयर अपडेशन के जरिए यूजर्स को बेहतर एक्सपीरियंस दिया जाता है। एपल का तर्क था, जैसे-जैसे डिवाइस पुराना हो जाता है, वैसे-वैसे उसकी बैटरी लाइफ भी कम हो जाती है और इसी वजह से डिवाइस अपने आप शटडाउन हो जाता है। हालांकि, एपल पर आरोप लगा था कि लोग नए आईफोन खरीदने के लिए मजबूर हों, इसलिए पुराने मॉडल की परफॉर्मेंस को कमजोर कर दिया जाता है।

बैटरी लाइफ कम करने के आरोप में एपल पर 84 करोड़ का जुर्माना लगा
सॉफ्टवेयर अपडेशन के जरिए पुराने फोन को जानबूझकर स्लो करने के आरोप में इटली की कंज्यूमर अथॉरिटी ने एपल और सैमसंग पर 124 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। इसमें एपल पर 10 मिलियन यूरो (83.46 करोड़ रुपए) और सैमसंग पर 5 मिलियन यूरो (41.73 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया गया है। जबकि, जून 2007 में जब पहला आईफोन लॉन्च हुआ था, तो उस वक्त कंपनी ने दावा किया था कि ज्यादातर आईफोन यूजर्स को बैटरी बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


apple replaces 11 million iphone batteries under 2018 battery replacement programme

Check Also

फेक न्यूज पर लगाम लगाने की तैयारी में व्हाट्सएप, पता चलेगा कितनी बार फॉरवर्ड हुआ मैसेज

गैजेट डेस्क.व्हाट्सएप एक नए फीचर पर काम कर रहा है जिसके जरिए पता चल सकेगा …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *