ब्रेकिंग न्यूज
loading...
Hindi News / देश दुनिया / राष्ट्रीय / गंगा को प्रदूषित करने वाले उद्योगों के खिलाफ 15 दिनों में कार्रवाई करने के निर्देश

गंगा को प्रदूषित करने वाले उद्योगों के खिलाफ 15 दिनों में कार्रवाई करने के निर्देश



नई दिल्ली. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने गंगा नदी में औद्योगिक इकाईयों द्वारा अपशिष्ट पदार्थों कोलगातार बहाए जाने को लेकरचार राज्यों के प्रदूषणनियंत्रण बोर्ड को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीपीसीबी ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार के प्रदूषण बोर्ड से कहा कि यदि औद्योगिक इकाईयां पर्यावरणीय नियमों का पालन नहीं कर रहीहैं तो उ‌न्हें तत्काल बंद कराया जाए।

सीपीसीबी ने इन राज्यों के नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा- यदि उन्हें निरीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होती तो वे रिपोर्ट प्राप्त होने के15 दिनों के अंदरकार्रवाई करें। जरूरी हो तो उन्हें बंद कराएं। 400 से अधिक औद्योगिकइकाईयों का निरीक्षण किया गया,लेकिन संस्थानों ने इस बारे मेंकुछ रिपोर्ट जमा कराई है। इसमेंआईआईटी, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, मोती लाल नेहरूराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान और 12 अन्य संस्थान शामिल है।

संस्था ने एक हफ्ते पहले पत्र लिखा था

संस्था ने एक हफ्ते पहले लिखे पत्र में कहा- उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार में स्थित रासायनिक, नशीले, चीनी,लुगदी और कागज, कपड़े, खाद्य पदार्थ और डेयरी उद्योगों के द्वारा अपशिष्ट पदार्थों को सीधे गंगा में बहाया जा रहा है। इससेनदी और इसकी सहायक नदियोंके पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। यदि सभी प्रदूषित इकाईयों का निरीक्षण हो जाता है तो,तकनीकी संस्थानों को 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट जमा करानाचाहिए।

उत्तर प्रदेश में सिर्फ 153 रिपोर्ट जमा हुई

पत्र में कहा गया कि 21 जुलाई तक बिहार और उत्तराखंड में प्रदूषण फैलाने वाले 31 औद्योगिक इकाईयों की जांच करवाई गई लेकिन बिहार के बोर्ड को एक और उत्तराखंड के बोर्ड को चार रिपोर्ट ही जमा कराए गए। उत्तर प्रदेश में 380 इकाईयों का निरीक्षण हुआ लेकिन सिर्फ 153 रिपोर्ट ही बोर्ड को सौंपी गईहैं। पश्चिम बंगाल में 46 इकाईयों की जांच कराई गई लेकिन सिर्फ नौ रिपोर्ट ही जमा कराई गई हैं।

सीपीसीबी ने अप्रैल में बैठक कीथी

इससे पहले, सीपीसीबी ने इन राज्यों के बोर्ड, नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के अधिकारियों और 19 तकनीकी संस्थानों के साथ अप्रैल में बैठक की थी। इसमें यह निर्णय लिया गया कि सभी संस्थान अपनीनिरीक्षण रिपोर्ट संबंधित राज्य के बोर्ड को सौंपेंगे। इसमें बोर्ड को 15 दिनों के अंदर कार्रवाई करने को कहा गया था। हालांकि,सीपीसीबी ने पाया कि अभी इस संबंध में निरीक्षण चल रहाहै।

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें


फाइल

Check Also

टेरर फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाला

नई दिल्ली.टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *