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चुनाव परिणामों को संवैधानिक कोर्ट में चुनौती, सुबियांतो बोले- लोगों की मांग पर फैसला



जकार्ता. राष्ट्रपति पद पर लगातार दूसरी बार जीत हासिल करने वाले जोको विदोदो के चुनाव को संवैधानिक कोर्ट में चुनौती दी गई है। हारे उम्मीदवार प्राबोवो सुबियांतो के मुताबिक- कोर्ट में याचिका दायर करने का फैसला लोगों की मांग पर लिया गया। देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोगों को लगता है कि चुनाव में धांधली करके ही विदोदो ने जीत हासिल की है।

विदोदो को 55% वोट मिले
राष्ट्रपति पद के लिए जोको विदोदो को 55% वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी प्राबोवो सुबियांतो 45.5% मत ही हासिल कर सके थे। चुनाव परिणाम बुधवार को घोषित किया जाना था, लेकिन निर्वाचन आयोग ने इसे एक दिन पहले यानी मंगलवार को ही घोषित कर दिया।

इंडोनेशिया में विरोध प्रदर्शन तेज
परिणाम घोषित होने के बाद से ही इंडोनेशिया में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। विपक्ष का समर्थन कर रहे लोगों ने चुनाव परिणाम को मानने से इनकार कर दिया। उसके बाद सड़कों पर हिंसक झड़पें होने लगीं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का भी सहारा लिया।

हिंसक झड़पों में 8 लोग मारे गए
स्ट्रेट्स टाइम्स के मुताबिक- हिंसक झड़पों में 8 लोग मारे गए, जबकि 700 लोग जख्मी हुए। शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस लगातार संदिग्ध लोगों पर नजर रख रही है। काफी लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।

सुबियांतो ने 2014 में भी चुनौती दी थी
2014 में भी सुबियांतो विदोदो से चुनाव हार गए थे। तब भी उन्होंने चुनाव परिणाम को कोर्ट में चुनौती दी थी। इंडोनेशिया में 19 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। इस चुनाव में कुल 2 लाख 45 हजार लोगों ने विभिन्न पदों के लिए नामांकन कराया था। सुबियांतो इंडोनेशिया की सेना के प्रनुख रहे हैं।

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प्राबोवो सुबियांतो।

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