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जिन्ना की प्रेम कहानी, रूटी का अकेलापन बयां करती नई किताब- मिस्टर एंड मिसेज जिन्ना



'मोहम्मद अली जिन्ना को जब अपने दोस्त और उस दौर के बड़े दौलतमंद सर दिनशॉ पेटिट की खूबसूरत बेटी रूटी से इश्क हुआ था, उस वक्त उनकी उम्र चालीस साल थी और वे एक सफल बैरिस्टर और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति के उभरते चेहरे थे। रूटी तब सिर्फ सोलह साल की थीं और उनके नाराज पिता ने इस विवाह से साफ इनकार कर दिया। लेकिन जब वह अठारह साल की हो गईं तो दोनों ने शादी कर ली। बम्बई का समाज गुस्से से भर उठा और रूटी-जिन्ना का बहिष्कार कर दिया गया।'

इस कभी न भूलने वाली प्रेम कहानी को वरिष्ठ पत्रकार शीला रेड्डी अपनी नई किताब 'मिस्टर और मिसेज़ जिन्ना' में एक बार फिर ताज़ा कर रही हैं। अंग्रेजी के बाद अब यह हिंदी में आई है। मदन सोनी का अनुवाद है। किताब में जिन्ना और रूटी के बेमेल प्रेम, समाज को हिला देने वाली उनकी शादी और कम उम्र में रूटी की मौत के दरमियानी किस्से तो हैं ही, जिन्ना और उनकी बेटी दीना के रिश्ते के बीच की तल्खी को भी पढ़ा जा सकता है। ये जिन्ना से ज्यादा रूटी और दीना की कहानी ज्यादा है क्योंकि उनकी जिंदगी ज्यादा तकलीफ में गुज़री। शीला ने उतनी ही संजीदगी से बयां भी किया है। इसके लिए उन्होंने रूटी और उनके दोस्तों की ऐसी चिट्ठियों का सहारा लिया, जो इसके पहले कभी देखने में नहीं आईं। दिल्ली, मुंबई औऱ कराची में की गई रिसर्च के नतीजे के रूप में आई ये किताब राजनीति, इतिहास और एक अविस्मरणीय प्रेम कहानी में दिलचस्पी रखने वालों को ज़रूर पढ़नी चाहिए।

क्यों पढ़ें- मशहूर शख्सियतों की इतिहास के पन्नों में दबी अनोखी प्रेम कहानियां पढ़ने में रुचि हो तो ये किताब आपके लिए है।
क्यों न पढ़ें- अगर जिन्ना नापसंद हैं तो।बीते समय की प्रेम कहानियां बोरिंग लगती हों, तो ये किताब न पढ़ें।

किताब का नाम- मिस्टर एंड मिसेज जिन्नाः विवाह जिसने हिंदुस्तान को हिला कर रख दिया (हिंदी अनुवाद)
लेखक: शीला रेड्डी
कीमत: 425 रुपए
298 पन्ने
प्रकाशक: मंजुल पब्लिशिंग हाउस

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Book Review: Mr and Mrs Jinnah: The Marriage that Shook India

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