ब्रेकिंग न्यूज
loading...
Hindi News / अन्य समाचार / डूसू चुनाव में कश्मीर से लेकर फर्जी डिग्री तक का होगा शोर

डूसू चुनाव में कश्मीर से लेकर फर्जी डिग्री तक का होगा शोर

Katyayani.Upreti@timesgroup.com n नई दिल्ली : एडमिशन के बाद अब दिल्ली यूनिवर्सिटी में चुनाव का शोर होगा। डूसू के चुनावी मैदान में एबीवीपी, एनएसयूआई, आइसा और सीवाईएसएस कई मुद्दों के साथ तैयारी में जुट चुके हैं। डीयू ने डूसू चुनाव 2019-20 के लिए चीफ इलेक्शन ऑफिसर और बाकी टीम भी नियुक्त कर ली है। जल्द ही तारीख का ऐलान भी होगा। डूसू में पिछले साल प्रेजिडेंट, वाइस प्रेजिडेंट, जॉइंट सेक्रेटरी तीनों पोस्ट एबीवीपी को मिली। तीनों पर एनएसयूआई के कैंडिडेट दूसरे स्थान पर रहे। हालांकि, प्रेजिडेंट पोस्ट एबीवीपी के अंकित बसोया ने तो जीती। मगर उनके फर्जी सर्टिफिकेट का पता चलते ही डूसू विवादों से घिरा, अंकित सस्पेंड हुए और प्रेजिडेंट पोस्ट एबीवीपी के वाइस प्रेजिडेंट शक्ति सिंह की हो गई। इस बार बीजेपी की स्टूडेंट्स विंग एबीवीपी का कहना है कि वो सोच-समझकर कैंडिडेट को खड़ा करेगा। एबीवीपी के स्टेट मीडिया इंचार्ज आशुतोष सिंह कहते हैं, हम स्टूडेंट्स से मिल रहे हैं, ताकि वो कैंपस के मुद्दों और एबीवीपी के काम को जानें। आशुतोष बताते हैं, इस बार हॉस्टल, लाइब्रेरी का मुद्दा अहम रहेगा। दूसरी ओर, एनएसयूआई हॉस्टल, लाइब्रेरी, मेट्रो पास के मुद्दों के साथ पिछले साल के डूसू प्रेजिडेंट का विवाद भी उठाएगा। एनएसयूआई के स्टेट प्रेजिडेंट अक्षय लाखड़ा कहते हैं, हम अगले हफ्ते कैंपेन में बताएंगे कि कैसे उनके साथ एबीवीपी ने पिछले साल धोखा किया। आरटीआई अमेंडमेंट का मसला भी अहम है। दो साल पहले एबीवीपी के डूसू पैनल की 22 लाख की चाय का स्कैम हो या फिर डूसू प्रेजिडेंट की फेक डिग्री, यह आरटीआई ने ही बताया। हम डीयू जो मिनी इंडिया है, उसके हर स्टूडेंट को जोड़ रहे हैं। सीवाईएसएस और आइसा इस बार अलग-अलग! पिछले साल आइसा और सीवाईएसएस ने मिलकर एबीवीपी और एनएसयूआई का सामना किया था मगर इस बार इसपर सोचा नहीं गया है। पिछले साल तीन पोस्ट दोनों का पैनल तीसरे नंबर पर था और एक पर चौथे नंबर पर। कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) की स्टूडेंट्स विंग ऑल इंडियन स्टूडेंट्स असोसिएशन (आइसा) की स्टेट प्रेजिडेंट कवलप्रीत कौर आप की स्टूडेंट्स विंग छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस) के दिल्ली जनरल सेक्रेटरी हरिओम पंवार दोनों का कहना है कि इस बारे में सोचा नहीं गया है। वहीं, हरिओम का कहना है कि अकेले भी चुनाव लड़ा जा सकता है। मगर अभी यह आंकलन भी जारी है कि डूसू की चारों पोस्ट पर लड़ें या दो-तीन पोस्ट पर। कवलप्रीत बताती हैं, इस साल पर्यावरण हमारा मुद्दा है। मेट्रो का किराया स्टूडेंट्स के लिए कम करने की मांग जारी रहेगी। पिछले साल दिल्ली सरकार से कहकर स्टूडेंट्स के लिए एससी बस के पास की मंजूरी दिलवाई थी, इस बार हम बसों की संख्या बढ़ाने की मांग उठाएंगे। यूजी सिलेबस के विवाद पर स्टूडेंट्स को बताया जाएगा कि अगर एक विचारधारा से जुड़ा सिलेबस आएगा तो डीयू के यूजी प्रोग्राम का स्तर गिरेगा। हर कॉलेज में एक सी फीस, बाहर के स्टूडेंट्स के लिए हॉस्टल भी एजेंडा में होगा।

Check Also

योगी ने किया मंत्रियों के विभागों का बंटवारा

लखनऊ, 22 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में शामिल नये और पुराने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *