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थोक महंगाई दर अक्टूबर में 5.28% रही, चार महीने में सबसे ज्यादा



नई दिल्ली. अक्टूबर में थोक महंगाई दर बढ़कर 5.28% हो गई। यह चार महीने में सबसे ज्यादा है। इससे पहले जून में 5.68% थी। सितंबर में यह 5.13% दर्ज की गई थी। लगातार दूसरे महीने इसमें इजाफा हुआ है। अगस्त में यह 4.53% थी। सरकार ने बुधवार को अक्टूबर की थोक महंगाई दर के आंकड़े जारीकिए।

फ्यूल-पावर बास्केट की महंगाई दर में 1.79% का इजाफा

पेट्रोल-डीजल महंगा होने की वजह से अक्टूबर की थोक महंगाई दर में इजाफा हुआ। फ्यूल एंड पावर बास्केट की महंगाई दर 18.44% रही। सितंबर में यह 16.65% थी। अक्टूबर में पेट्रोल की महंगाई दर 19.85% और डीजल की 23.91% रही।

खाने-पीने की चीजों और सब्जियों के रेट अक्टूबर में कम हुए। खाद्य वस्तुएं 1.49% और सब्जियां 18.65% सस्ती हुईं। उधर, आलू की महंगाई दर बढ़कर 93.65% हो गई। हालांकि, प्याज की कीमतों में 31.69% कमी आई है।

थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) थोक महंगाई का इंडेक्स है। डब्ल्यूपीआई में शामिल वस्तुएं अलग-अलग वर्गों में बांटी जाती हैं। थोक बाजार में इन वस्तुओं के समूह की कीमतों में हर बढ़ोतरी का आंकलन थोक मूल्य सूचकांक के जरिए होता है।

अक्टूबर में खुदरा महंगाई दर 3.31% रही
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) खुदरा (रिटेल) महंगाई का इंडेक्स है। रिटेल महंगाई वह दर है, जो जनता को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। यह खुदरा कीमतों के आधार पर तय की जाती है। आरबीआई ब्याद दरें तक करते वक्त इसे ध्यान में रखता है। अक्टूबर में रिटेल महंगाई दर 13 महीने में सबसे कम 3.31% दर्ज की गई। सरकार ने सोमवार को इसके आंकड़े जारी किए थे।

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