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दोहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी ओडिशा से गिरफ्तार, दो अपराधी अब भी फरार



गढ़वा. दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी अरुण दुबे को गढ़वा पुलिस ने ओडिशा राज्य के गंजाम जिले के सिदेश्वर गांव से 12 अप्रैल काे गिरफ्तार कर लिया। वहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर गढ़वा लाया गया। अरुण दुबे पिछले दस माह से फरार चल रहा था। इस पर हत्या, रंगदारी, अपहरण, आर्म्स एक्ट आदि के गढ़वा थाने में 7 व पलामू जिले के चैनपुर थाने में एक मामला दर्ज हैं। अरुण दुबे अपराधी विकास दुबे गिरोह का सक्रिय सदस्य है। वहीं लोकसभा चुनाव में भी अरुण दुबे बाधा उत्पन्न करने के फिराक में था।

  1. इस संबंध में एसडीपीओ ओमप्रकाश तिवारी ने रविवार को सदर थाने में पत्रकार वार्ता आयोजित कर कहा कि सदर थाने के बेलहारा निवासी अरुण दुबे 3 जून 2018 को बेलहारा गांव के भितवा टांड़ टोला पर हुए दोहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। इसमें रंका बौलिया निवासी आशीष तिवारी व हरिहरपुर ओपी क्षेत्र के मेरौनी निवासी हिमांशु तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आपसी रंजिश में दोनों की हत्या की गई थी। हत्याकांड के बाद अरुण दुबे फरार चल रहा था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अरुण दुबे सहित 7 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की थी। जिसमें से सदर थाने के बनपुरवा निवासी सुधीर दुबे, चुनमुन दुबे, वेद प्रकाश दुबे व मंटू दुबे को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

  2. एसडीपीओ ने कहा कि शेष दो अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। उन्होंने कहा कि एसपी शिवानी तिवारी के निर्देश पर पुलिस लगातार इसकी गिरफ्तारी के लिए कार्य कर रही थी। इसी दौरान तकनीक तथा सूचना तंत्र के माध्यम से अरुण दुबे को ओडिशा में छुपे होने की सूचना मिली। सूचना के आलोक में पुलिस की एक टीम बनाकर ओडिशा भेजा गया। टीम में पुअनि अमरदयाल राम, स्वामी रंजन ओझा व साइबर सेल के राकेश रंजन ओझा शामिल थे।

  3. एसडीपीओ ओम प्रकाश तिवारी ने कहा कि अरुण दुबे दोहरे हत्याकांड के बाद मध्य प्रदेश के भोपाल में छुप कर रह रहा था। करीब छह माह वहां रहने के बाद ओडिशा के सिदेश्वर गांव में रहने लगा। वहां पर क्रसर प्लांट में बतौर मैनेजर काम करने लगा। उन्होंने कहा कि वहां पर अरुण दुबे अपना नाम बदलकर रह रहा था। स्थानीय लोग उसे पंडित जी के नाम से जानते थे। एसडीपीओ ने कहा कि अरुण दुबे पुलिस को गुमराह करने के लिए पुलिस अधिकारियों तक गढ़वा में होने की सूचना भेजवाता था। जिससे पुलिस गढ़वा जिले में ही उसकी तलाश करने में लगी रहे तथा वह आराम से ओडिशा में रह सके। अरुण दुबे को ऐसा लग रहा था कि पुलिस उस तक कभी पहुंच की नहीं सकती है। एसडीपीओ ने कहा कि अरुण दुबे विकास दुबे गिरोह के पुराने तथा बेल पर जेल से बाहर निकले सभी सदस्यों के टच में लगातार था। मोबाइल से बाते भी किया करता था। किसी अपराध की योजना देने के फिराक में भी था।

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      पत्रकार वार्ता करते एसडीपीओ ओम प्रकाश तिवारी व गिरफ्तार अपराधी।

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