ब्रेकिंग न्यूज
loading...
Hindi News / राशिफल / फल के ठेले पर बोर्ड था, उस पर लिखा था- मेरी मां बीमार है, मुझे उन्हें दवा देने जाना पड़ता है, आप फल तौल कर पैसे गल्ले में रख दें, शाम को फल वाले से एक आदमी ने पूछा- क्या तुम्हारे फल या पैसे चोरी नहीं होते?

फल के ठेले पर बोर्ड था, उस पर लिखा था- मेरी मां बीमार है, मुझे उन्हें दवा देने जाना पड़ता है, आप फल तौल कर पैसे गल्ले में रख दें, शाम को फल वाले से एक आदमी ने पूछा- क्या तुम्हारे फल या पैसे चोरी नहीं होते?



रिलिजन डेस्क। एक व्यक्ति बाजार में फल खरीदने गया। बाजार जाकर उसने देखा कि एक ठेले पर फल तो रखे हैं, लेकिन बेचने वाला कोई नहीं है। व्यक्ति को ठेले पर एक बोर्ड दिखा, उसमें लिखा था- मेरी बूढ़ी मां बीमार है, इसलिए मुझे थोड़ी-थोड़ी देर में उन्हें दवा देने जाना पड़ता है। अगर आपको जल्दी है तो आप अपने हाथों से फल तौल कर पैसे गल्ले में रख दें। इसके बाद फलों की रेट लिस्ट लिखी थी।
उस व्यक्ति ने थोड़ी देर इंतजार किया, जब कोई नहीं आया तो उसने एक किलो सेब, एक दर्जन केले लिए और रेट लिस्ट के हिसाब से गल्ले में पैसे रख दिए। फल खरीद कर वो व्यक्ति अपने घर आ गया। शाम को जब वो व्यक्ति घूमने निकला तो उसने देखा कि एक कमजोर-सा दिखने वाला आदमी फलों का वही ठेला लेकर जा रहा है।
व्यक्ति से रहा नहीं गया और उसने फल वाले से पूछा कि- क्या तुम रोज इसी तरह अपना ठेला छोड़कर मां को दवा देने जाते हो। क्या तुम्हें चोरी होने का कोई डर नहीं है?
फल वाला हल्के से मुस्कुराया और बोला- मेरी मां पिछले कई महीनों से बीमार है और मेरी परिवार में भी कोई नहीं है, मां की देखभाल के लिए मुझे हर वक्त उसी के पास रहना पड़ता है। मैं रोज फल का ठेला इसी जगह लाकर खड़ा कर देता हूं और उसके ऊपर बोर्ड लगाकर चला जाता हूं।
शाम को आकर ठेला ले जाता हूं। आज तक न फल कम हुए और न ही कभी पैसों की चोरी हुई। उल्टा कुछ पैसे ज्यादा ही मिलते हैं गल्ले में। कभी कोई मां के लिए खाना रख जाता है तो कोई कुछ और। कल एक बच्ची पुलाव बना कर रख गई थी, साथ मे एक पर्ची भी थी, उसमें लिखा था- अम्मा के लिए।
कुछ दिनों पहले एक डॉक्टर अपना कार्ड छोड़ गए थे, उसके पीछे लिखा था अम्मा की तबीयत नाजुक हो तो मुझे फोन लगाना, मैं आ जाऊंगा। इस तरह रोज मेरी अच्छी आमदनी हो जाती है और मां की सेवा भी कर लेता हूं। इतना कहकर फल वाला अपने घर चला गया।

लाइफ मैनेजमेंट
माता-पिता की सेवा करना हर इंसान का कर्तव्य है। कई बार जीवन की मुश्किलें ऐसा करने से रोकती जरूर है, लेकिन अगर मन में माता-पिता के लिए सच्चा सम्मान है रास्ता जरूर निकल जाता है। भगवान भी ऐसे लोगों का साथ देता है और नई रास्ते दिखाता है।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


Story of fruit seller, story in hindi, story for sharing, story for kids, story with learning, story with moral

Check Also

पत्नी ने छत पर गार्डन बनाया, एक दिन पति छत पर गया तो देखा कि पत्नी  मुरझाए हुए पौधे को हरे-भरे पौधों की बीच रख रही है, पति ने कारण पूछा तो उसने कहा- अकेला होने के कारण ये पौधा मुरझा गया है

रिलिजन डेस्क। शहर में पति-पत्नी रहते थे। पत्नी को बागवानी का शौक था, इसलिए उन्होंने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *