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बच्चों को फिट रखना है तो उन्हें रोजाना स्कूल भेजें, अमेरिकी शोधकर्ताओं का दावा



हेल्थ डेस्क. बच्चे को फिट बनाना चाहते हैं तो रोजाना स्कूल भेजें। अमेरिकी शोधकर्ताओं की हालिया रिसर्च के मुताबिक, बच्चों की फिटनेस का सम्बंध उनकी स्कूल में उपस्थिति से भी है। अमेरिका के मियामी-डेड कंट्री डिपार्टमेंट की ओर से कराई गई रिसर्च के मुताबिक, रोजाना स्कूल आने वाले बच्चे फिजिकल एक्टिविटी में ज्यादा हिस्सा लेते हैं जो उन्हें सेहतमंद बनाता है। यही खूबी उन्हें भविष्य में अनुपस्थित होने से भी बचाती है।

    • ये शोध न्यूयॉर्क में रहने वाले कक्षा 6-8 के 3 हजार बच्चों पर की गई।
    • शोधकर्ताओं ने उनकी अटेंडेंस, फिजिकल फिटनेस, सामाजिक और आर्थिक स्थिति का रिकॉर्ड देखा।
    • बच्चों की लंबाई, वजन और पांच तरह की फिटनेस एक्टिविटीज (पुशअप, सेटअप, रनिंग) के आधार पर उनका प्रदर्शन देखा गया।
    • फिटनेस एक्टिविटीज में प्रदर्शन के आधार पर उनको अंक दिए गए।
    • शोध में सामने आया कि जिन बच्चों का फिटनेस स्कोर अच्छा था उनकी उपस्थिति बेहतर रही। यह सकारात्मक बदलाव बेहद कम आय वाले परिवारों के बच्चों में अधिक देखा गया।
    • शोधकर्ताओं के मुताबिक, फिजिकल फिटनेस खुद को स्वस्थ रखने के साथ उपस्थिति बढ़ाने का बेहद किफायती तरीका है। खासतौर पर उनके लिए जो गरीब तबके से सम्बंध रखते हैं।
    • शोधकर्ताओं का कहना है कि इसका असर स्कूल में बेहद कम आय वाले परिवारों की लड़कियों पर ज्यादा देखा गया है। जिनकी उपस्थिति में 10 फीसदी इजाफा भी हुआ।
  1. 2017 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 70 लाख अमेरिकी बच्चे सालभर में 30 दिन अनुपस्थित रहते हैं। पिछले शाेध में सामने आया था कि बच्चे और टीनएजर्स शारीरिक और मानसिक समस्याओं के कारण अनुपस्थित रहते हैं। इसका कारण अस्थमा, मोटापा, डायबिटीज, डिप्रेशन और बेचैनी था। शोध में बताया गया था कि अनुपस्थिति उनके फेल होने, पढ़ाई देरी से पूरी होने और कम उम्र में मां बनने तक का कारण बन सकता है।

  2. 2005 में हुए एक शोध के अनुसार, ऐसे कर्मचारी जो स्पोर्ट्स एक्टिविटी में भाग लेते हैं उनके बीमार और छुट्टी लेने की संभावना कम होती है। वहीं 2017 में हुई एक रिसर्च के मुताबिक, फिजिकल एक्टिवटी कम होने पर बीमारी के कारण अनुपस्थिति का आंकड़ा बढ़ जाता है।

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      Attendance is higher among teens who get fitter each year study finds

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