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बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी ने 483 करोड़ रु की संपत्ति जब्त की



नई दिल्ली. बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंबई में केएसएल और इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 483 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है। कंपनी पर 2008 में कथित तौर परबैंक ऑफ इंडिया और आंध्रा बैंक से 524 करोड़ रुपए काकर्ज लेने के मामले में धोखाधड़ी का आरोप है। इस आधार पर एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की है।

  1. ईडी के मुताबिक केएसएल और इंडस्ट्रीज लिमिटेड तायल समूह की एक कंपनी है। इसे बिजनेसमैन प्रवीण कुमार तायल के परिवार द्वारा प्रमोट किया गया है। कंपनी की जब्त की गई संपत्तियों में जमीन और नागपुर में एक शॉपिंग मॉल शामिल है।

  2. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस समूह की तीन विभिन्न कंपनियों-एक्टिफ कोर्पोरेशन लिमिटेड, जयभारत टेक्सटाइल एंड रियल इस्टेट लिमिटेड और केकेटीएल और इस्के निट (इंडिया) लिमिटेड के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के तहत जांच शुरू की।

  3. ईडी ने बताया ,‘‘हमारी जांच से खुलासा हुआ कि इस समूह की मुंबई स्थित कंपनियां एमएस एक्टिफ कार्पोरेशन लिमिटेड, एमएस जयभारत टेक्सटाइल एंड रियल इस्टेट लिमिटेड और एमएस केकेटीएल और एसएस इस्के निट (इंडिया) लिमिटेड ने 2008 के दौरान बैंक ऑफ इंडिया और आंध्रा बैंक से धोखाधड़ी करके 524 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।’’

  4. एजेंसी ने बताया कि इन कंपनियों ने धनशोधन के लिए मुखौटा कंपनियों का गोरखधंधा तैयार किया। इससे पहले इसी तरह से यूको बैंक के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में ईडी ने तायल समूह की 234 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की थी।

  5. एजेंसी ने कहा, ‘‘इस तरह समूह की 717 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इस मामले में एक अभियोजन शिकायत पीएमएलए अदालत के समक्ष दायर की गई है। बाकी जांच भी जारी है।’’

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      प्रतीकात्मक फोटो।

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