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महिलाओं के कारोबार में 58%, पुरुषों के कारोबार में सिर्फ 12% की बढ़ोतरी: अध्ययन



न्यूयॉर्क. महिलाओं का वर्चस्व हर क्षेत्र में बढ़ रहा है पर बिजनेस में तो आश्चर्यजनक रूप से बढ़ा है। अमेरिका में हर 10 में चार बिजनेस या तो महिलाएं संचालित और नियंत्रित कर रही हैं या फिर इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं जुड़ी हैं। महिलाओं के मालिकाना हक वाले बिजनेस को लेकर अमेरिकन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक 2007-18 के दशक में महिलाओं द््वारा शुरू किए गए बिजनेस की संख्या 58% बढ़ी, जबकि पुरुषों के बिजनेस की 12% ही बढ़ सकी। महिला उद्यमिता में यह बड़ा बदलाव है। वजह भी बड़ी है, निवेशक महिलाओं पर भरोसा करने लगे हैं, क्योंकि वे किसी भी समस्या पर तत्काल फैसले लेती हैं। महिलाओं के आगे बढ़ने के ऐसे ही कुछ और भी कारण हैं, बता रही हैं कुछ बड़ी महिला उद्यमी।

रिजेक्शन से नहीं डरती, चुनौतियों को पार करके आगे बढ़ती हैं
ट्रिक इक्विनॉक्स की सीईओ निकी लियोनडेकिस कहती हैं कि महिला उद्यमी लौटाने में विश्वास रखती है। यानी उन्होंने किसी से मदद ली है तो वे उन्हें लौटाती हैं। निवेशकों को इसी भरोसे की जरूरत है। महिलाएं रिजेक्शन से नहीं डरतीं। लोग कई बार उन्हें कम आंकते हैं, पर वे चुनौतियों को झेलते हुए तय लक्ष्य तक पहुंचती हैं। खासतौर पर पुरुषों के दबदबे वाले माहौल में उनकी यह दक्षता बहुत काम आती है।

बिजनेस की शुरुआत में धैर्य रखने का काम महिलाएं बेहतर कर सकती हैं

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शेयर्ड 415 फिटनेस स्टूडियो की फाउंडर बोनी मिकेली और ट्रेसी रोमर बताती हैं बिजनेस की शुरुआत में बहुत धैर्य की जरूरत होती है। यह समय लेने वाली प्रक्रिया है। इस स्थिति को महिलाएं अच्छी तरह संभाल पाती हैं। उनमें नया करने का उत्साह तो होता ही है, पर उन्हें जोखिम का अंदाजा भी रहता है। इसलिए वे एक समय में एक ही लक्ष्य पर काम करती हैं। यही वजह है कि निवेशक महिलाओं पर भरोसा करने लगे हैं।

टीम बनाकर काम करती हैं, अपने साथियों पर पूरा भरोसा जताती हैं

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महिला उद्यमियों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह टीम बनाकर काम करती हैं। एक्सपीडिया क्रूजशिप सेंटर्स की प्रमुख हेलन रॉबर्ट्सन बताती हैं कि उनकी पारखी नजर पहचान जाती हैं कि कौन सा व्यक्ति किस काम में माहिर है, वह कौन सा काम बेहतर कर पाएगा, यह समझती हैं। उन पर पूरा भरोसा जताती हैं। उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां भी देती हैं। कार्यस्थल की संस्कृति ही ऐसी बनाती हैं सब एक-दूसरे पर भरोसा कर सकें।

हेलन रॉबर्ट्सन

सीधी-सीधी बातें करने में यकीन रखती हैं, सकारात्मक रहती हैं

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रियल एस्टेट फर्म विन होम इंस्पेक्शन की प्रमुख हेली पामर के मुताबिक महिलाएं सीधी बात करती हैं। खुद को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बतातीं। बिजनेस में स्पष्ट बोलना बहुत जरूरी है। यह भरोसा महिलाएं ही दे पाती हैं। वे अपनी क्षमताएं बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर पाती हैं। अपने आत्मविश्वास के जरिए वे बड़ी से बड़ी डील सहजता से पूरी कर लेती हैं। उनका प्रबंधन बेहतरीन रहता है। मीटिंग में हर चीज को सकारात्मक तरीके से लेती हैं।

भारत : महिलाओं के 80% बिजनेस खुद के दम पर
भारत में महिला उद्यमियों के बनने की रफ्तार धीमी है। नेशनल सैंपल सर्वे के मुताबिक सिर्फ 14% बिजनेस ही महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे हैं। इस स्टडी के मुताबिक महिलाओं के मालिकाना हक वाले 80% बिजनेस सेल्फ फायनेंस्ड हैं। यानी उन्हें बिजनेस के लिए खुद ही पैसे जुटाने पड़े। 2017 में मास्टरकार्ड ने महिला उद्यमियों की मदद करने वाले फैक्टर्स पर स्टडी की थी। इसमें 54 देशों की सूची में भारत का स्थान 49वां था।

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ट्रिक इक्विनॉक्स की सीईओ निकी लियोनडेकिस।

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