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मौजूदा माहौल में शेयर में थोड़ा-थोड़ा निवेश करें, जोखिम कम रहेगा: अजय मेनन



मुंबई. संवत् 2074 इक्विटी मार्केट के लिए ऐतिहासिक रहा। इस वर्ष शेयर बाजार के इंडेक्स ने नई ऊंचाई को छुआ। संवत् की शुरुआत तेजी से हुई लेकिन बाद में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स, पंजाब नेशनल बैंक में घोटाला, जियो पॉलिटिकल मुद्दे और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में ब्याज दरें बढ़ने से भारतीय बाजारों में गिरावट का माहौल बन गया। मिडकैप और स्मॉलकैप में तेज गिरावट रही। हालांकि लार्ज कैप शेयरों में तेजी दिखी। अगस्त में निफ्टी 50 ने 11760 का सबसे ऊंचा स्तर छुआ। घरेलू निवेश बढ़ने के साथ बेहतर आर्थिक आंकड़े भी इसके कारण थे।

भारत की जीडीपी 2018-19 की पहली तिमाही में 8.2% बढ़ी। पिछले साल की आखिरी तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2018 में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.7% थी। पहली तिमाही की ग्रोथ रेट 2 साल में सबसे ज्यादा है। कैलेंडर वर्ष के लिहाज से देखें तो विदेशी निवेशकों ने भारत के मार्केट से अक्टूबर तक करीब 42,000 करोड़ रुपए निकाले हैं। म्यूचुअल फंड यहां लगातार खरीदारी कर रहे हैं। उन्होंने 1.04 लाख करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी है। यह किसी भी साल का रिकॉर्ड है।

लेकिन सितंबर और अक्टूबर का महीना भारतीय बाजारों के लिए काफी अस्थिर रहा। निफ्टी 50 में इसके शीर्ष स्तर से 12% की गिरावट आई। इसकी वजह अमेरिका और चीन के बीच तनाव, ग्लोबल ट्रेड वार का डर, कच्चे तेल के बढ़ते दाम, डेट मार्केट में नकदी का संकट और आईएलएंडएफएस मुद्दे थे। रुपए में भी 14% से ज्यादा की गिरावट आई।

अब हम संवत् 2075 में प्रवेश कर चुके हैं। विदेशी निवेशकों को लेकर अनिश्चितता, राज्यों में विधानसभा चुनाव, रुपए में कमजोरी, चालू खाता घाटा और राजकोषीय घाटा बढ़ने की आशंका और अगले साल लोकसभा चुनाव कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिनकी वजह से आगे बाजार में अस्थिरता का माहौल रह सकता है। दूसरी ओर जीडीपी ग्रोथ, जीएसटी कलेक्शन में स्थिरता, न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी, ग्रामीण इलाकों में आमदनी और खपत में बढ़ोतरी, सरकार के राजस्व का बढ़ना ऐसे विषय हैं जिनकी वजह से इक्विटी मार्केट में निवेश बढ़ सकता है।

हमारा मानना है कि निवेश में कमी और चुनाव के मद्देनजर फिलहाल भारतीय बाजारों में अस्थिरता रहेगी। इसलिए हमारी राय में निवेशकों को इक्विटी में थोड़े-थोड़े निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए। इससे बाजार में अनिश्चितता होने के बाद भी जोखिम कम रहेगा। आर्थिक आंकड़े थोड़े सुस्त रह सकते हैं, लेकिन माइक्रो स्तर पर देखें तो कई चीजें बेहतर नजर आ रही हैं। कई वर्षों के बाद निफ्टी के रेवेन्यू में ग्रोथ 10% से ज्यादा रहने की संभावना है। खपत की मांग में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। ये फैक्टर बाजार को ज्यादा गिरने से रोकेंगे।

ये 10 शेयर दे सकते हैं अच्छा रिटर्न

कंपनी कीमत का लक्ष्य (रुपए) रिटर्न
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज 338 46%
इंद्रप्रस्थ गैस 373 34%
ओबेरॉय रियल्टी 574 34%
एलआईसी हाउसिंग 550 31%
मारुति सुजुकी 8,484 26%
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज 6,870 23%
एक्साइड इंडस्ट्रीज 312 22%
पीवीआर 1,650 21%
इन्फोसिस 800 20%
आईसीआईसीआई बैंक 400 13%

(येलेखक के निजी विचार हैं। इनके आधार पर निवेश से नुकसान के लिए दैनिक भास्कर जिम्मेदार नहीं होगा।)

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अजय मेनन, सीईओ, ब्रोकिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन, मोतीलाल ओसवाल

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