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राजस्थान सहित देश के 205 शहरों में आरपीएफ के छापे, तत्काल टिकट के 387 दलाल गिरफ्तार



काेटा/जयपुर/जाेधपुर.गलत तरीके अपनाकर ट्रेनाें की कन्फर्म टिकट बुक करने वाले दलालाें पर आरपीएफ ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की। ऑपरेशन थंडर के तहत रेलवे के 16 जोन में 205 शहरों में दलालों पर छापेमारी की गई।

दलालों से 37 लाख रुपए के 22,253 टिकट बरामद हुए हैं। इन टिकटाें पर अगले सात दिन में करीब 50 हजार लोगों काे सफर करना था। राजस्थान के 9 शहरों में भी छापेमारी की गई। यहां 12 दलाल पकड़े गए। देशभर में आरपीएफ ने 375 केस दर्ज कर 387 दलालों काे गिरफ्तार किया है।

दलालों का हिसाब-किताब जांचने पर पता चला कि पिछले दिनाें में इन्होंने करीब 3.79 करोड़ के टिकट कालाबाजारी से बेचे थे। जिन आईडी से ये टिकट बनाते थे, उन्हें बंद करके 37 लाख रुपए के टिकट रद्द कर दिए गए हैं। कार्रवाई के दाैरान कई दलाल दुकान तक छोड़कर भाग गए थे। दलाल लाेगाें से दाे सौ से लेकर 5 हजार रुपए तक कमीशन वसूलते थे।

राजस्थान में ‘लाल मिर्ची’ सॉफ्टवेयर से फर्जीवाड़ा

राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, अजमेर, मेड़तारोड, बाड़मेर, फालना, अजमेर, फुलेरा, रींगस, रेवाड़ी व अलवर में 12 टिकट दलालों को गिरफ्तार किया। यहां दलाल ‘लाल मिर्ची’ नाम का एक साॅफ्टवेयर इस्तेमाल करते थे। इनके पास से4.10 लाख के 199 टिकट मिले।साइबर टीम पहले पकड़े गए दलालों के पेमेंट गेट काे लगातार ट्रेस कर रही थी। ये दलाल छूटने के बाद भले ही दूसरे नाम से यूजर आईडी बना लें, लेकिन पेमेंट गेट वही रहता है।

इसी आधार पर इनके पूरे नेटवर्क को ट्रैक किया जा रहा था। राजस्थान में पकड़े गए दलाल टिकट बुक कराने के लिए लाल मिर्ची नाम का एक साॅफ्टवेयर इस्तेमाल करते थे। इसकी मदद से दलाल पहले से सवारियों की डिटेल्स कम्प्यूटर में फीड कर लेते थे। रिजर्वेशन खुलते ही इसकी मदद से तुरंत कन्फर्म टिकट बुक हो जाता था। मुंबई से खरीदे जा रहे इस साॅफ्टवेयर से एक साथ कई टिकट बुक करने की सुविधा भी मिलती है।

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RPF raid, 387 brokers arrested in 205 cities of the country including Rajasthan

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