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रिम्स में आयुष्मान के दाे मरीजाें की माैत मामले में स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश



रांची.रिम्स में एक हफ्ते के भीतर आयुष्मान भारत याेजना के दाे मरीजाें की दवा के अभाव में हुई माैत की जांच हाेगी। स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि इस मामले में जाे भी दाेषी हाेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्हाेंने आदेश दिया कि आयुष्मान भारत याेजना के तहत भर्ती मरीजाें काे तत्काल दवा उपलब्ध कराएं। इनडेंट आदि की प्रक्रिया बाद में की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री के आदेश के बाद जांच के लिए कमेटी बना दी गई है। इनमें झारखंड स्टेट आराेग्य साेसाइटी के डाॅ. प्रभात और डाॅ. रितेश शामिल हैँ। ये दाेनाें डाॅक्टर शनिवार काे जांच के लिए रिम्स जाएंगे। जांच के बाद अपनी रिपाेर्ट सरकार काे साैंपेंगे। इसके बाद आगेकी कार्रवाई हाेगी।

गाैरतलब है कि बुधवार रात जमशेदपुर के जीतू बाग (50) की दवा न मिलने से माैत हाे गई थी। लीवर की बीमारी से पीड़ित जीतू काे 8 जून काे रिम्स में भर्ती कराया गया था। पिछले शुक्रवार काे भी मेडिसिन आईसीयू में बेड नंबर 11 पर भर्ती हजारीबाग के टाटी झरिया निवासी अरुण कुमार महताे (39) की भी दवा के अभाव में जान चली गई थी। अरुण काे 25 मई काे रिम्स में भर्ती कराया गया था, लेकिन 12 दिन बाद भी उसे दवा नहीं मिली।

जीतू बाग काे चार दिन तक काैन सी दवा दी, इसकी भी जांच हाेगी
स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी शुक्रवार काे रिम्स पहुंचे। रिम्स निदेशक डाॅ. दिनेश कुमार सिंह, अधीक्षक डाॅ. विवेक कश्यप, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डाॅ. जेके मित्रा अाैर डाॅ. एसके सिंह से पूरे मामले की जानकारी ली। रिम्स प्रबंधन के अधिकारियाें ने उन्हें बताया कि जीतू बाग काे आठ जून काे भर्ती किया गया था। 11 जून काे उसके लिए इनडेंट किया गया। 12 काे दवा खरीदी गई। उसी दिन रात में उसकी माैत हाे गई। जीतू काे चार दिन तक काैन सी दवा दी गई या नहीं दी गई, इसकी भी जांच की जाएगी।

जीतू की पत्नी बाेलीं- काेई दवा नहीं दी गई, प्रबंधन ने लौटा दिया इनडेंट
मृतक जीतू बाग की पत्नी बिमला ने कहा कि उनके पति काे आठ जून काे रिम्स में भर्ती कराया गया था। आयुष्मान भारत याेजना का मरीज हाेने के कारण उन्हें रिम्स से ही दवा दी जानी थी। चार दिन बाद 11 जून काे डाॅक्टराें ने दवा का इनडेंट किया। इस पर प्रबंधन ने नाॅट अवेलेबल लिखकर लाैटा दिया। 12 जून की रात उनकी माैत हाे गई। इस दाैरान उन्हें काेई दवा नहीं दी गई।

रिम्स निदेशक ने एसओडी से रूटीन दवाओंकी लिस्ट मांगी
रिम्स निदेशक डाॅ. दिनेश कुमार सिंह ने शुक्रवार काे विभागाध्यक्षाें के साथ बैठक की। उनसे इमरजेंसी और रूटीन दवाओंकी लिस्ट मांगी, ताकि ये दवाएं मंगाई जा सके। निदेशक ने स्पष्ट किया कि जरूरी और जीवन रक्षक दवाएं मंगाने की मनाही नहीं की गई है। कुछ डाॅक्टर भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। ऐसे डाॅक्टराें काे चिह्नित किया जा रहा है। उन्हाेंने कहा कि विशेष दवा दुकानाें से दवा मंगाने पर राेक लगाई गई है।

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Order of inquiry by health minister in case of death in Rims

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