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Hindi News / स्वास्थ्य चिकित्सा / रोजाना 5 मिनट गर्दन की एक्सरसाइज दवाओं से बेहतर, गलत पॉश्चर है पेन का बड़ा कारण

रोजाना 5 मिनट गर्दन की एक्सरसाइज दवाओं से बेहतर, गलत पॉश्चर है पेन का बड़ा कारण



हेल्थ डेस्क. शाम को ऑफिस में काम खत्म करते ही या सुबह उठते ही गर्दन दर्द शुरु हो जाता है तो अलर्ट होने की जरूरत है। गर्दन का दर्द अब आम समस्या बन रही है। खासकर 16-34 वर्ष की आयु के युवाओं इसके मामले अधिक बढ़ रहे हैं। इसके लिए स्मार्टफोन या लैपटाॅप का उपयोग करते समय लंबे समय तक गलत मुद्रा को जिम्मेदार माना जाता है। फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. अंकित शर्मा से जानते हैं ऐसा बिना दवाओं के इसका क्या इलाज है…

    • गलत मुद्रा से गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ने से गर्दन में दर्द हो सकता है। एक अच्छी मुद्रा में सिर गर्दन पर 4.5 से 5.5 किलो का वजन डालता है और गर्दन को 15 डिग्री में आगे झुकाने पर यह वजन दोगुना हो जाता है।
    • गर्दन का झुकाव बढ़ने के साथ गर्दन की मांसपेशियों को और कठिन काम करना पड़ता है और गर्दन के 30 डिग्री एवं 60 डिग्री आगे झुकाने पर इस पर क्रमशः 18 किलो और 27 किलो तक का भार पड़ता है। 60 डिग्री एक ऐसा एंगल है जिस पर पढ़ते या अपने फोन पर चैट करते समय अपनी गर्दन झुकाते हैं।
    • रीढ़ इस तरह से डिजाइन है कि सामान्य मुद्रा में अपने सिर का वजह संभाल सकें। गर्दन की गलत मुद्रा इस पर पांच गुना अधिक वजन डालती है, जिससे गर्दन, बांह में दर्द पैदा हो जाता है या गर्दन और बांह सुन्न पड़ जाती है।
  1. 1- सिर को सीध में रखिए

    • अपनी रोजाना की एक्टिविटीज के दौरान सही मुद्रा बनाए रखकर गले पर दबाव से आसानी से बच सकते हैं।
    • इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का उपयोग करते समय और लंबे रास्ते पर चहल-कदमी के लिए निकलते समय सिर को सीधा रखने की आदत डालकर गर्दन दर्द को रोक सकते हैं।

    2- सही पॉश्चर के लिए इन बातों का ध्यान रखें

    • बैठे समय गर्दन और रीढ़ का बाकी हिस्सा सीधा रहना चाहिए। इसका मतलब है कि कान, कंधों पर रहें और कंधे कूल्हों के ऊपर रहें।
    • आईने में देखकर या फोन या लैपटाप के फ्रंट कैमरे में देखकर बारबार अपनी मुद्रा जांचते रहें। इससे स्वस्थ मुद्रा की आदत बनाने में मदद मिलती है।
    • कंप्यूटर या लैपटाप पर काम करते समय मॉनीटर आंख के स्तर पर होना चाहिए। स्वस्थ मुद्रा बनाए रखने के लिए एक एरगोनामिक ऑफिस चेयर जिसमें आर्मरेस्ट लगा हो उस पर बैठें।
    • स्मार्टफोन का अधिक उपयोग करने वाले व्यक्तियों को कान और कंधे के बीच फोन फंसाकर बातचीत करने से बचना चाहिए। यदि उसे लंबी बातचीत करने की जरूरत है तो एक अच्छी गुणवत्ता का फोन उपयोग करना चाहिए।
    • कंप्यूटर मॉनिटर की तरह ही फोन की स्क्रीन भी लिखते, पढ़ते या वीडियो देखते समय आंख के स्तर पर रखिए। रोल के आकार वाले ऑर्थोपेडिक तकिये का प्रयोग करें जिसे पीठ के बल या करवट लेकर सोते समय गर्दन के वक्र में रखा जा सकता है।
    • पेट के बल सोने से बचना चाहिए क्योंकि यह रीढ़ की सीध को बिगाड़ता है। लंबे समय तक एक ही मुद्रा बनाए रखना स्वास्थ्य की दृष्टि से ठीक नहीं होता है। इसलिए व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का उपयोग करते समय थोड़ा विराम लेना चाहिए।
    • कुर्सी से थोड़ी देर के लिए उठें और अंगड़ाई लें। इससे पेशे से जुड़े गर्दन दर्द को रोकने में मदद मिल सकती है।
    • लगातार आगे झुके रहने से गर्दन के पीछे की मांसपेशियों में जरूरत से अधिक खिंचाव आता है और आगे से मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं। प्रतिदिन पांच मिनट गर्दन का व्यायाम काफी राहत देता है।
    • ठोड़ी को गर्दन की ओर ले जाएं मानो सीने को छूने का प्रयास कर रहे हों और फिर धीरे-धीरे इसे ऊपर की तरफ उठाएं। कंधे की तरफ सिर को घुमाएं फिर इसे धीरे से मोड़ें और दूसरे कंधे की ओर ले जाएं। बांह को शरीर की तरफ नीचे रखकर कंधों को सीधा घुमाएं और फिर उल्टी दिशा में घुमाएं।
    • गलत मुद्रा से गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ने से गर्दन में दर्द हो सकता है। एक अच्छी मुद्रा में सिर गर्दन पर 4.5 से 5.5 किलो का वजन डालता है और गर्दन को 15 डिग्री में आगे झुकाने पर यह वजन दोगुना हो जाता है।
    • गर्दन का झुकाव बढ़ने के साथ गर्दन की मांसपेशियों को और कठिन काम करना पड़ता है और गर्दन के 30 डिग्री एवं 60 डिग्री आगे झुकाने पर इस पर क्रमशः 18 किलो और 27 किलो तक का भार पड़ता है। 60 डिग्री एक ऐसा एंगल है जिस पर पढ़ते या अपने फोन पर चैट करते समय अपनी गर्दन झुकाते हैं।
    • रीढ़ इस तरह से डिजाइन है कि सामान्य मुद्रा में अपने सिर का वजह संभाल सकें। गर्दन की गलत मुद्रा इस पर पांच गुना अधिक वजन डालती है, जिससे गर्दन, बांह में दर्द पैदा हो जाता है या गर्दन और बांह सुन्न पड़ जाती है।
  2. सिर को सीध में रखिए

    • अपनी रोजाना की एक्टिविटीज के दौरान सही मुद्रा बनाए रखकर गले पर दबाव से आसानी से बच सकते हैं।
    • इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का उपयोग करते समय और लंबे रास्ते पर चहल-कदमी के लिए निकलते समय सिर को सीधा रखने की आदत डालकर गर्दन दर्द को रोक सकते हैं।

    सही पॉश्चर के लिए इन बातों का ध्यान रखें

    • बैठे समय गर्दन और रीढ़ का बाकी हिस्सा सीधा रहना चाहिए। इसका मतलब है कि कान, कंधों पर रहें और कंधे कूल्हों के ऊपर रहें।
    • आईने में देखकर या फोन या लैपटाप के फ्रंट कैमरे में देखकर बारबार अपनी मुद्रा जांचते रहें। इससे स्वस्थ मुद्रा की आदत बनाने में मदद मिलती है।
    • कंप्यूटर या लैपटाप पर काम करते समय मॉनीटर आंख के स्तर पर होना चाहिए। स्वस्थ मुद्रा बनाए रखने के लिए एक एरगोनामिक ऑफिस चेयर जिसमें आर्मरेस्ट लगा हो उस पर बैठें।
    • स्मार्टफोन का अधिक उपयोग करने वाले व्यक्तियों को कान और कंधे के बीच फोन फंसाकर बातचीत करने से बचना चाहिए। यदि उसे लंबी बातचीत करने की जरूरत है तो एक अच्छी गुणवत्ता का फोन उपयोग करना चाहिए।
    • कंप्यूटर मॉनिटर की तरह ही फोन की स्क्रीन भी लिखते, पढ़ते या वीडियो देखते समय आंख के स्तर पर रखिए। रोल के आकार वाले ऑर्थोपेडिक तकिये का प्रयोग करें जिसे पीठ के बल या करवट लेकर सोते समय गर्दन के वक्र में रखा जा सकता है।
    • पेट के बल सोने से बचना चाहिए क्योंकि यह रीढ़ की सीध को बिगाड़ता है। लंबे समय तक एक ही मुद्रा बनाए रखना स्वास्थ्य की दृष्टि से ठीक नहीं होता है। इसलिए व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का उपयोग करते समय थोड़ा विराम लेना चाहिए।
    • कुर्सी से थोड़ी देर के लिए उठें और अंगड़ाई लें। इससे पेशे से जुड़े गर्दन दर्द को रोकने में मदद मिल सकती है।
    • लगातार आगे झुके रहने से गर्दन के पीछे की मांसपेशियों में जरूरत से अधिक खिंचाव आता है और आगे से मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं। प्रतिदिन पांच मिनट गर्दन का व्यायाम काफी राहत देता है।
    • ठोड़ी को गर्दन की ओर ले जाएं मानो सीने को छूने का प्रयास कर रहे हों और फिर धीरे-धीरे इसे ऊपर की तरफ उठाएं। कंधे की तरफ सिर को घुमाएं फिर इसे धीरे से मोड़ें और दूसरे कंधे की ओर ले जाएं। बांह को शरीर की तरफ नीचे रखकर कंधों को सीधा घुमाएं और फिर उल्टी दिशा में घुमाएं।
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      bad posture causes neck pain do neck exercises instead of medicines

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