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Hindi News / राशिफल / शेर ने हंस को बनाया था मंत्री, एक दिन जंगल में गरीब ब्राह्मण आया, उसने हंस को अपनी परेशानियां बताई, हंस ने शेर से कहा कि हमें गरीब की मदद करनी चाहिए, शेर ने ब्राह्मण को सोने के आभूषण दे दिए, कुछ दिन बाद ब्राह्मण फिर जंगल में आया

शेर ने हंस को बनाया था मंत्री, एक दिन जंगल में गरीब ब्राह्मण आया, उसने हंस को अपनी परेशानियां बताई, हंस ने शेर से कहा कि हमें गरीब की मदद करनी चाहिए, शेर ने ब्राह्मण को सोने के आभूषण दे दिए, कुछ दिन बाद ब्राह्मण फिर जंगल में आया



रिलिजन डेस्क। एक प्रचलित लोक कथा के अनुसार किसी जंगल में शेर ने हंस को अपना मंत्री बना रखा था। हंस की सोच बहुत ही धार्मिक थी और वह दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहता था। उस जंगल के पास ही एक गांव भी था। इस गांव में एक गरीब ब्राह्मण रहता था। एक दिन ब्राह्मण ने सोचा कि दूसरे गांव जाकर थोड़ा धन कमाना चाहिए, इस गांव में तो कुछ होना नहीं है।

> ब्राह्मण दूसरे गांव जाने के लिए निकल पड़ा, रास्ते में जंगल था। जंगल में ब्राह्मण को हंस मिला तो उसने ब्राह्मण से कहा कि यहां बड़े-बड़े भयानक जंगली जानवर हैं, आप यहां से जल्दी-जल्दी निकल जाएं, वरना आपके प्राणों का संकट खड़ा हो जाएगा। ब्राह्मण ने हंस को अपनी परेशानियां बता दी। हंस को दया आ गई और वह जंगल के राजा शेर के पास पहुंचा और ब्राह्मण की मदद करने की बात कही।

> शेर को भी अपने मंत्री की बात सही लगी। उसने ब्राह्मण के लिए ढेर सारे सोने के आभूषण भिजवा दिए। ब्राह्मण इतना सोना पाकर खुश हो गया और अपने गांव में वापस चला गया। कुछ ही समय बाद ब्राह्मण का धन समाप्त हो गया। वह फिर से उसी जंगल में पहुंच गया, लेकिन इस बार जंगल में बहुत कुछ बदल चुका था।

> हंस की मृत्यु हो चुकी थी और शेर ने एक कौएं को अपना मंत्री बना दिया था। कौएं ने जैसे ही ब्राह्मण को देखा तो काउं-काउं करके शेर को शिकार के लिए इशारा करने लगा। शेर भी कौएं की आवाज सुनकर ब्राह्मण के पास पहुंच गया और उसे पहचान लिया।

> शेर से ब्राह्मण से कहा कि आप तो वही हैं, जिसे हमने पहले सोना दिया था। कौएं ने कहा कि महाराज इसका शिकार कर लें, पिछली बार इसकी मदद कर दी थी, लेकिन बार-बार मदद करने से मदद करने से इसकी आदत बिगड़ जाएगी। अभी मदद करेंगे तो ये कल फिर आ जाएगा। शेर को कौएं की बात सही लगी और उसने ब्राह्मण का शिकार कर लिया।

कथा की सीख

इस कथा की सीख यह है कि हम जैसे लोगों के साथ रहते हैं, हमारी सोच भी वैसी ही हो जाती है। जब शेर हंस के साथ था तो उसकी सोच अच्छी थी, लेकिन कौएं की वजह से उसकी सोच भी भ्रष्ट हो गई। इसीलिए हमें अच्छे लोगों के साथ ही रहना चाहिए। गलत संगत में नहीं फंसना चाहिए।

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