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शैक्षिणिक सुधार के मामले में भारत कम आय वाले देशों की श्रेणी में चौथे स्थान पर



नई दिल्ली. वर्ल्ड वाइड एजुकेटिंग फॉर द फ्यूचर इंडेक्स (डब्ल्यूईएफएफआई) 2018 में कम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं की सूची में भारत को चौथा स्थान दिया गया है। घाना इस सूची में अव्वल है तो फिलीपींस दूसरे, वियतनाम तीसरे और केन्या पांचवे नंबर पर काबिज है। दूसरे संस्करण की रिपोर्ट में कहा गया है कि शिक्षा को घिसी-पिटी परिपाटी से मुक्त करना होगा।ग्लोबल सिटीजनशिप थीम के तहत शिक्षा नीति को परीक्षा प्रणाली से अलग करभविष्य के मुताबिक तैयार करना होगा।

  1. डब्ल्यूईएफएफआई की रिपोर्ट को द इकॉनामिक इंटेलिजेंस यूनिट (ईआईयू) ने तैयार कराया है। यिदान प्राइज फाउंडेशन ने शिक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा ईआईयू को दिया था।

  2. ईआईयू ने पांच मार्च को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि लक्ष्य को पूरा करने के लिए शिक्षा के ढांचे में जो बदलाव होना था, उसे लेकर ज्यादा आशान्वित नहीं हुआ जा सकता, क्योंकि ज्यादातर देशों का शैक्षणिक ढांचा एक ही ढर्रे पर चल रहा है।

  3. यिदान फाउंडेशन ने बिल्डिंग टुमारोज ग्लोबल सिटीजन की थीम पर 50 देशों के शैक्षणिक ढांचे पर अध्ययन कराया है। इसमें 15-40 साल की आयु के युवाओं पर फोकस किया गया। शैक्षणिक ढांचे के तीन पहलुओं जैसे नीति निर्माण, शैक्षणिक माहौल और सामाजिक स्वतंत्रता को ध्यान में रखकर संस्था ने अध्ययन कराया।

  4. डब्ल्यूईएफएफआई में कहा गया है कि अपने मजबूत शिक्षा ढांचे की वजह से फिनलैंड ने 50 देशों की सूची में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। स्विटजरलैंड और न्यूजीलैंड का स्थान उसके बाद है। चौथे से दसवें स्थान पर स्वीडन, कनाडा, द नीदरलैंड, जर्मनी, सिंगापुर, फ्रांस और ब्रिटेन काबिज हैं।

  5. 2017 के इंडेक्स की रिपोर्ट के देखें तो ब्रिटेन इस बार चार पायदान नीचे आया है। सरकार की शिक्षा नीति और शिक्षकों के प्रशिक्षण के मामले में लचर नीति के चलते ब्रिटेन इस बार पिछड़ गया है।

  6. रिपोर्ट के एडीटर माइकल गोल्ड का कहना है कि मूल्यांकन प्रणाली और शिक्षा को लेकर तैयार की गई समग्र नीति की वजह से घाना ने कम आय वाले देशों की सूची में टॉप रैंकिंग हासिल की है। उनका कहना है कि घाना का प्रदर्शन दिखाता है कि शिक्षा को व्यावहारिक बनाना है तो पैसे से ज्यादा इच्छाशक्ति की जरूरत है।

  7. गोल्ड का कहना है कि इंडेक्स के दूसरे संस्करण की रिपोर्ट बता रही है कि शैक्षणिक ढांचे में सुधार के मामले में ज्यादातर देश अपने रवैये को सुधार रहे हैं, लेकिन इस दिशा में अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। उनका कहना है कि ज्यादातर देशों को शिक्षा नीतियों, पाठ्यक्रमों की समीक्षा के साथ शैक्षणिक माहौल में सुधार करने की जरूरत है।

  8. ओवर आल रैंकिंग (टॉप 5) कम आय वाली अर्थव्यवस्था (टॉप5)
    फिनलैंड घाना
    स्विटजरलैंड फिलीपींस
    न्यूजीलैंड वियतनाम
    स्वीडन भारत
    कनाडा केन्या
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      प्रतीकात्मक चित्र

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