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Hindi News / स्वास्थ्य चिकित्सा / सिक्के के आकार का पैच सेंसर पसीने से बीमारी का स्तर बताता है, नहीं पड़ेगी ब्लड सेंपल की जरूरत

सिक्के के आकार का पैच सेंसर पसीने से बीमारी का स्तर बताता है, नहीं पड़ेगी ब्लड सेंपल की जरूरत



हेल्थ डेस्क. नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक सिक्के के आकार का पैच सेंसर विकसित किया है जो पसीने की मदद से बीमारियों पर नजर रखता है। पैच में बने छिद्रों में जब पसीना जाता है तो इसके रसायनों की मदद से मरीज को सावधान किया जाता है। ऐसे मरीज जो किडनी फेल्योर या सिस्टिक फायब्रोसिस से जूझ रहे हैं उन्हें समय पर अलर्ट भेजकर सावधान किया जा सकता है।

  1. पैच सेंसर को मोबाइल फोन से जोड़ा गया है। इसलिए जब पसीने में लेक्टेट और ब्लड शुगर की मात्रा अधिक होती है सेंसर मरीज को मैसेज भेजकर अलर्ट करता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ज्यादातर बीमारियों की जांच के लिए ब्लड टेस्ट करते हैं लेकिन पैच की मदद से घर बैठे बिना किसी दर्द के मरीज को जानकारी मिलेगी।

  2. वैज्ञानिकों का कहना है कि पैच एक लैब की तरह काम करते हैं। मरीज से निकलने वाले पसीने की बूंदें जब पैच सेंसर में जाती हैं तो इसमें मौजूद बारीक नलिकाएं क्लोराइड, लैक्टेट, ग्लूकोज और पीएच लेवल का स्तर पता लगाती हैं। यहां से इलेक्ट्रिक सिग्नल जनरेट होकर मोबाइल में भेजे जाते हैं जहां मरीज को जानकारी मिलती है। जैसे पसीने से पीएच लेवल चेक करने के बाद शरीर में लेक्टेट और ब्लड शुगर का स्तर बताता है। शरीर में लेक्टेट अधिक होने का मतलब है ऑक्सीजन की कमी होना। जिये हायपॉक्सिया कहते हैं।

  3. वैज्ञानिकों का कहना है कि पसीने की मदद से हर बीमारी की जानकारी नहीं दी जा सकती है लेकिन रोजाना इसकी जांच करके सिस्टिक फ्रायब्रोसिस जैसी गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीज को अलर्ट किया जा सकता है। सिस्टिक फ्रायब्रोसिस फेफड़ों से जुड़ा रोग है जो जीन में बदलाव होने के कारण होता है। ऐसी स्थिति में कोशिकाएं अपना काम ठीक से नहीं कर पाती। पसीने और म्यूकस के रूप में शरीर से अधिक तरल पदार्थ बाहर आने लगते हैं।

  4. रिसर्च के मुताबिक, कोशिकाएं पसीना बनाती हैं इसलिए इसकी मदद से यह पता लगाया गया जा सकता है कि मरीज में सिस्टिक फायब्रोसिस की स्थिति कैसी है, खासकर एथेलिक से जुड़े खिलाड़ियों में। रिसर्च में सामने आया कि यह रियल टाइम में सटीक नतीजे बताती है। यह काफी हल्का होने के साथ सॉफ्ट है और बिना बैट्री व इंट्रोफेस टेक्नोलॉजी के काम करता है। इसे और विकसित किया जा रहा है ताकि डायबिटीज और किडनी से जुड़ी बीमारियों की जानकारी दी जा सके।

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      Tiny skin patch uses your sweat to measure health risks without a needle

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