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सीआईए के हेडक्वार्टर में रखा पजल क्रिप्टोस, 30 सालों में कोई भी इसमें मौजूद 5 कोड नहीं खोज सका



लेंगले(वर्जीनिया). क्रिप्टोस कई तरह के कोड वाला एक कॉपर निर्मित 12 फीट का फ्रेम है। इसे अमेरिकी कलाकार जिम संबोर्न ने बनाया था। नवंबर 1990 में लेंगले स्थिति अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के ऑफिस में इसे स्थापित किया गया। तब अब तक यह फ्रेम कोड ब्रेकर और पहेलियां सुलझाने वालों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बीते 30 सालों में 1800 अक्षरों वाले फ्रेम के अंदर के सभी 5 कोड कोई भी ब्रेक नहीं कर सका है।

  1. सीआईए के कोड ब्रेकर और दूसरे विशेषज्ञ अब तक इसके सिर्फ तीन ही कोर्ड ब्रेक कर सके हैं। चौथा और पांचवां अभी भी नहीं सुलझा है। विशेषज्ञों ने किताबों की कई तरकीबें अपनाईं। 97 अक्षरों की लंबी लाइन वाले क्रम में ट्रांसपोजीशन, बाइनरी, पोलीलैफेबेटिक, सब्स्टिट्यूशन और मोरे तकनीक भी बेअसर रही।

  2. रौचक बात यह है कि क्रिप्टोस की स्थापना के 8 साल के अंदर ही पहले तीन कोड को सुलझा लिया गया था, लेकिन इसके बाद किसी को सफलता नहीं मिली। यह इसलिए कि पहले दो पार्ट एक दूसरे सीधा-सीधा संबंध रखते हैं। लिहाजा जो क्रिप्टोग्राफी का बेसिक ज्ञान रखता है, इसके पहले पार्ट को सुलझा सकता है।

  3. फ्रेम का तीसरा पार्ट पहले दोनों पार्ट से एडवांस है, लेकिन चौथे पार्ट में सभी को संघर्ष करना पड़ा है, जिसे सुलझा पाना अभी तक असंभव बना हुआ है। बीते 30 सालों में सीआईए, एनएसए और दूसरे स्वतंत्र कोड ब्रेकर विशेषज्ञ इसे सुलझाने के लिए जूझ रहे हैं। इनके अलावा पूरी दुनिया के कोड ब्रेकर समूह इस पर काम कर रहे हैं।

  4. पिछले सालों से कई लोग जिम से मिल रहे हैं, ताकि कुछ संकेत इसके कोड सुलझाने का मिले, लेकिन यह दिनों-दिनों और मजबूत चुनौति पेश कर रहा है। ऐसा भी नहीं जिम क्रिप्टोग्राफी के मास्टरमाइंड जिन्होंने ऐसा फ्रेम बनाया। यह उनका पहला क्रिप्टोस फ्रेम था।

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      सीआईए के ऑफिस में रखा क्रिप्टोस फ्रेम।

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