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सैटेलाइट इमेज के हवाले से दावा- भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक से जैश काे काेई नुकसान नहीं हुआ



नई दिल्ली/इस्लामाबाद. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनखवा के बालाकाेट में भारतीय वायुसेना के हवाई हमले में जैश के ठिकानाें काे तबाह करने के दावाें पर नए सवाल उठाए गए हैं। न्यूज एजेंसी राॅयटर्स ने सैटेलाइट इमेज का हवाला देकर दावा किया है कि वायुसेना ने जिस जगह हमला कर जैश के अड्डे काे तबाह करने का दावा किया है, वहां स्थित निर्माण ज्याें के त्याें खड़े हैं। यह सैटेलाइट इमेज सैन फ्रांसिस्काे स्थित प्राइवेट सैटेलाइट ऑपरेटर प्लानेट लैब्स इंक ने जारी की है।

4 मार्च की इस सैटेलाइट इमेज में जैश के मदरसे के पास छह इमारतें सुरक्षित दिख रही हैं। हमला 26 फरवरी काे किया था। यानी तस्वीरें हमले के छह दिन बाद की हैं। इसी जगह की अप्रैल 2018 की सैटेलाइट इमेज के आधार पर यह बताया गया है कि हमले के स्थान पर काेई तबाही या विनाश नजर नहीं आताहै।

रॉयटर्स की रिपाेर्ट में मिडिलबरी इंस्टीट्यूट ऑफइंटरनेशनल स्टडीज से संबद्ध ईस्ट एशिया नाॅनप्राेलिफरेशन प्राेजेक्ट के डायरेक्टर जेफ्रे लेविस ने कहा है कि इमारतें पूरी तरह से आबाद हैं। लेविस काे 15 साल का हथियार भंडारण क्षेत्राें और हमलेके स्थानाें के सैटेलाइट इमेज का विश्लेषण करने का अनुभव है। रायटर्स ने दावा किया है कि इमारत की छताें में भी काेई सुराख नहीं दिख रहा है। न काेई दीवार गिरी है औरन ही आसपास के पेड़ गिरे नजर आते हैं। इस संबंध में एजेंसी ने भारतीय विदेश और रक्षा मंत्रालय से ई-मेल से कुछ सवाल पूछे थे, जिसका जवाब अभी तक नहीं दिया गया है।

रिपोर्टर्स ने किए हमले वाले इलाके का दौरा
रायटर्स के दाे रिपाेर्टराें ने पिछले मंगलवार और गुरुवार काे बालाकाेट इलाके का दाैरा किया था। रिपाेर्टराें ने स्थानीय लाेगाें से बातचीत भी की थी। इन रिपाेर्टराें ने दावा किया है कि उन्हें जैश के कैंप के तबाह हाेने या किसी के मारे जाने का काेई सबूत नहीं मिले। रिपाेर्टराें काे ग्रामीणाें ने बताया था कि उन्हाेंने तेज धमाके की आवाजसुनी थी। लेकिन ये बम जंगलाें में पेड़ाें पर गिरे, जहां चीड़ के कुछ पेड़ गिरे पड़े थे। जंगल में बम से चार गड्ढे बने हैं, जहां एक कौआ भी मरा पड़ा था।

मीडिया रिपाेर्ट्स में तबाही के निशान दिखने का दावा
कुछ भारतीय मीडिया रिपाेर्टाें में बताया गया है कि वायुसेना ने स्पाइस 2000 ग्लाइड बम का इस्तेमाल किया था। ये बम खास निशाने काे ध्वस्त करते हैं। इस बम से यह जरूरी नहीं है कि पूरी बिल्डिंग ध्वस्त हो जाए। भारतीय मीडिया में दिखाई जा रही तस्वीराें में इमारतें टूटी-फूटी नजर आ रही हैं।

वायुसेना ने 12 पेज की रिपाेर्ट केंद्र काे साैंपी
भारतीय वायुसेना ने बालाकाेट हवाई हमले काे लेकर 12 पेज की रिपोर्ट केंद्र सरकार काे सौंपी है। सेना के सूत्राें ने बुधवार काे यह दावा किया। इसमें वायुसेना ने बालाकोट के उस क्षेत्र की हाई रिजोल्यूशन तस्वीरें भी साझा की हैं। ये रिपोर्ट सार्वजनिक होगी या नहीं इसका फैसला सरकार ही करेगी।

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बालाकोट में जैश के कैम्प की सैटेलाइट इमेज।

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