loading...
Hindi News / स्वास्थ्य चिकित्सा / पॉकेट स्कैनर बताएगा कोई चीज खाने लायक है या नहीं, एक्सपायरी डेट भी पता चल सकेगी

पॉकेट स्कैनर बताएगा कोई चीज खाने लायक है या नहीं, एक्सपायरी डेट भी पता चल सकेगी



साइंस डेस्क. जर्मनी में फ्रैनहॉफर इंस्टीट्यूट ने एक पॉकेट साइज फूड स्कैनर बनाया है। यह किसी भी फूड आइटम को स्कैन करके बता सकता है कि वह खाने लायक गुणवत्ता का है या नहीं। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह पता लगाने के लिए स्कैनर इन्फ्रारेड किरणों का इस्तेमाल करता है। इसे बनाने वाले शोधकर्ताओं का दावा है कि इसडिवाइस की मदद से खाने की एक्सपायरी डेट भी पता की जा सकती है।

  1. ‘वी रेस्क्यू फूड’ प्रोजेक्ट के तहत बावेरियन मिनिस्ट्री ऑफ फूड, एग्रीकल्चर एंड फॉरेस्ट्री और फ्रॉनहॉफर इंस्टीट्यूट ने मिलकर खाने की जांच करने वाली यह डिवाइस बनाई है। अभी इसे डेमो देने के लिए ही बनाया गया है, लेकिन जल्द ही इसे कहीं भी ले जा सकने लायक रूप में तब्दील कर बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा।

  2. शोधकर्ताओं के अनुसार, खाना कैसा है, यह जांचने के लिए डिवाइस उस पर इंफ्रारेड किरणें डालती है। रिफ्लेक्ट हुई किरणों के स्पेक्ट्रम की जांच करने के बाद वेवलेंथ से फूड के केमिकल कंपोजिशन का पता लगाया जाता है। स्कैनर से यह जानकारी ब्लूटूथ के जरिए डाटाबेस तक पहुंचाई जाती है और यहां से यूजर को मिलती है।

  3. शोधकर्ता इसके लिए मोबाइल एप भी विकसित कर रहे हैं जिसमें टेस्ट के रिजल्ट दिखाई देंगे। खाने को प्रिजर्व करने के लिए कौन सी स्थिति बेहतर है जिससे वह ज्यादा समय तक खाने योग्य रहेगा, इसकी भी जानकारी मिलेगी। खराब हो चुके खाने का इस्तेमाल किस रूप में किया जा सकता है, इसकी जानकारी भी यूजर तक पहुंचेगी। एक रिसर्च के मुताबिक, सिर्फ जर्मनी में ही हर साल करीब 10 मिलियन मीट्रिक टन खाना कचरे में फेंका जाता है।

    1. Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


      german researchers makes pocket size food scanner


      Source link

Check Also

60 फीसदी भारतीयों को पसंद है शाकाहार, ग्लोबल रिसर्च कंपनी इप्सोस ने 29 देशों में किया सर्वे

लाइफस्टाइल डेस्क. ग्लोबल रिसर्च कंपनी इप्सोस ने भारतीयों के खाने के मिजाज पर एक सर्वे …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *