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प्रॉपर्टी में उम्मीद, सोना-म्युचुअल फंड में कुछ नहीं



दिल्ली. सरकार ने रियल एस्टेट को जीवित करने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। आम लोग निवेश के लिए बैंक और पोस्ट ऑफिस की तरफ भी आकर्षित होंगे। गोल्ड, शेयर बाजार और म्युचुअल फंड के लिए कोई घोषणा नहीं की है।

रियल एस्टेट

2 मकान खरीदने पर 2 करोड़ तक के कैपिटल गेन पर टैक्स नहीं

  • लान्ग टर्म कैपिटल गेन की राशि पर एक मकान की छूट सीमा को दो मकान कर दिया गया है। इसकी अधिकतम सीमा दो करोड़ रु. होगी। फायदा एक बार मिलेगा।
  • सेक्शन 80-आईबीए के तहत मिलने वाली छूट का दायरा एक वर्ष और बढ़ा दिया गया है। मार्च 2020 तक रजिस्टर्ड अफॉर्डेबल हाउसिंग प्रॉजेक्ट को आयकर राहत मिलेगी।
  • एक से अधिक मकान होने पर एक मकान पर ही कर छूट मिलती थी। अब यह छूट दो मकानों पर मिल सकेगी। रहने के दो मकान हैं तो अब उनपर कोई कर नहीं देना पड़ेगा।
  • किराया की राशि पर 10 फीसदी से कर कटौती (टीडीएस) का प्रावधान है। यह कर कटौती पहले सालाना 1.80 लाख हजार रुपए से अधिक के किराए पर होती थी इस सीमा को बढ़ाकर 2.4 लाख रुपए कर दिया गया है।
  • बिल्डर को अभी तक बिना बिके हुए फ्लैट, डुप्लेक्स पर परियोजना पूर्ण होने के अंतिम वर्ष में कर शुल्क नहीं देना होता था। अब इसकी अवधि दो वर्ष कर दी गई है।

असर : इससे रियल एस्टेट में चली आ रही मंदी से राहत मिलेगी। रुके हुए प्रोजेक्ट शुरू होंगे। मकानों की बिक्री और मांग में तेजी आएगी क्योंकि अब व्यक्ति एक के बजाय दो मकान खरीदने के लिए प्रोत्साहित होगा।

फिक्स डिपॉजिट

पोस्ट ऑफिस और बैंकों में निवेश बढ़ेगा, फायदा बुजुर्गों को

घोषणा :पोस्ट ऑफिस, बैंक, कोऑपरेटिव सोसायटी से अगर 10 हजार से ज्यादा ब्याज मिलता था तो टैक्स नहीं लगता था। यह टीडीएस के रूप में कट जाता था। अब यह सीमा बढ़ाकर 40 हजार रु. कर दी गई है।

असर :अब महिला, सीनियर सिटीजन और सुपर सीनियर सिटीजन को इसका फायदा ज्यादा होगा क्योंकि इनमें इस वर्ग के लोग निवेश ज्यादा करते हैं। काफी समय से ब्याज पर टैक्स छूट की मांग हो रही थी।

इंश्योरेंस

कम आय वाले 55 रुपएप्रतिमाह से कर सकते हैं पेंशन के लिए निवेश

घोषणा :प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन पेंशन योजना शुरू की जाएगी। इसका लाभ 15 हजार या इससे कम मासिक आय वालों को मिलेगा। 18 वर्ष की उम्र में शुरू करने वालों को 55 रुपए और 29 की उम्र वालों को 100 रु. मासिक जमा करना होगा। रिटायरमेंट के बाद इससे 3000 हजार रु. की मासिक पेंशन मिलेगी।
असर :इससे 10 करोड़ श्रमिक और कामगारों को फायदा मिलेगा। प्राइवेट और सरकारी दोनों इंश्योरेंस कंपनियों को प्रोत्साहन मिलेगा।

रिटर्न की संभावनाएं

सेक्टर 2018-19 2019-20
रियल एस्टेट 10% 10-12%
म्युचुअल फंड (इक्विटी) 3.5% 15%
शेयर बाजार (निफ्टी 50) 3.15% 18%
गवर्नमेंट बाॅन्ड 13-14% 11-12%
गोल्ड 7.5% 10-11%
फिक्स्ड डिपोजिट 7-8% 7%

स्रोत: एड्लवाइज असेट मैनेजमेंट और केडिया कमोडिटी

इन क्षेत्रों ने किया निराश

  • म्युचुअल फंड :पिछले बजट में इक्विटी बेस्ड म्युचुअल फंड पर लगाए गए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (एलटीसीजी) को वापस लिए जाने की उम्मीद निवेशकों को थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। न ही सरकार ने गेन पर छूट की सीमा को 1 लाख से बढ़ाया। फिर भी इकनम टैक्स की छूट सीमा बढ़ने से इस सेक्टर को फायदा होगा। टैक्सपेयर्स अपनी बचत का बड़ा हिस्सा म्युचुअल फंड में इनवेस्ट करेंगे।
  • शेयर बाजार :लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स और सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स को यथावत ही रखा गया है। जबकि इसे हटाने की मांग थी। ऐसे में शेयर निवेश से जुड़े लोग थोड़े निराश रहे। जिसका असर बजट के दिन बाजार पर भी दिखा।
  • सोना :उम्मीद थी कि सोने पर लगने वाला 10 फीसदी आयात शुल्क कुछ हद तक कम होगा, ताकि इसकी डिमांड बढ़े। मगर सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया। जेम्स एंड ज्वैलरी उद्योग यह आयात शुल्क घटाकर 4% करने की मांग कर रहा है, उसे निराशा हाथ लगी है।
  • कमोडिटी बाजार :कारोबारी लंबे समय से कमोडिटी ट्रांजैक्शन टैक्स हटाने की मांग कर रहे हैं। इनका कहना है कि इस टैक्स की वजह से वायदा में हेजिंग फायदेमंद साबित नहीं हो रही है। मगर 2013 से लागू इस टैक्स को लेकर भी कोई राहत नहीं दी गई है।

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Hope in property, nothing in gold-mutual funds

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