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कार से टक्कर लगने पर नई स्कूटी मांग रहा सिटी डीएसपी का रीडर, बगैर केस थाने में रखवाई कार



गया. कार का सिटी डीएसपी के रीडर की स्कूटी से मामूली टक्कर होना, उसके मालिक के लिए परेशानी का सबब बन गया। उसकी कार 6 फरवरी से सिविल लाईन थाना में रखी है। न तो कोई एफआईआर दर्ज की गई और न ही सुलह को तैयार हो रहे, रीडर की बस एक ही डिमांड है, उसे नई स्कूटी चाहिए।

गत महीने ही नई कार खरीदने वाला इसका मालिक रोज-रोज अपने वाहन को पाने के लिए घूम रहा, लेकिन ऊपर के अधिकारी के रीडर के आगे सिविल लाईन के थानेदार भी मजबूर हैं। पीड़ित ने मामले को लेकर 9 फरवरी को सिविल लाईन थाना में आवेदन दिया है, जिसमें सिटी डीएसपी के रीडर पर कई तरह के आरोप हैं। हालांकि इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है, पीड़ित चार-पांच दिनों से लगातार चक्कर काट रहा।

आयुक्त कार्यालय के पास हुई थी मामूली टक्कर
पीड़ित भरत प्रजापत मगध मेडिकल थाना के केन्दुई का रहने वाला है। इसने नई कार खरीदी थी। इसके मुताबिक बीते 6 फरवरी को वह किसी काम को लेकर आयुक्त कार्यालय को पहुंचा था। बैक करने के क्रम में कार पीछे खड़ी एक स्कूटी से मामूली रूप से टकरा गई।

स्कूटी का नंबर बीआर-01 बीयू 8079 है। स्कूटी से टक्कर के बाद खुद को सिटी एसपी का रीडर सचिता सिंह बताते हुए एक व्यक्ति आया और इस छोटी सी दुर्घटना के एवज में एक लाख रुपए की मांग करने लगा। बाद में वह नई स्कूटी लेने की बात पर अड़ गए। हमने रुपए नहीं दिए तो 6 फरवरी को ही नई कार को सिविल लाईन थाना में रखवा दिया।

गाड़ी को छोड़ा नहीं जा रहा है। साथ ही इस मामले में रीडर न तो केस कर रहे हैं और न ही सुलह कर रहे हैं। उनकी अब एक ही मांग है, कि नई स्कूटी खरीदकर दो। पीड़ित ने बताया कि कई बार उसने कहा कि स्कूटी को शोरूम में ले जाकर बनवा देंगे, जो खर्च लगेगा, वह देंगे। लेकिन इस पर भी वह राजी नहीं हो रहे।

थानेदार ने कहा-शोरूम में बनवाने तक को राजी नहीं
एसएसपी को इसकी खबर लगी तो उन्होंने सिविल लाईन थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार से जानकारी ली। प्रदीप कुमार ने उन्हें बताया कि कार का मालिक स्कूटी बनाने के लिए मिस्त्री लेकर आया, शोरूम में बनवाने तक की बात कही। किंतु सिटी डीएसपी के रीडर राजी नहीं हो रहे। कई दिनों से कार खड़ी है।

जानकारी मिलने के बाद एसएसपी राजीव मिश्रा भड़क उठे, उन्होंने सिविल लाईन थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि रीडर कौन होता है, इस तरह की मनमानी करने वाला। एसएसपी राजीव मिश्रा ने कहा कि सिविल लाईन थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है। यदि सुलह करते हैं तो ठीक, अन्यथा एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।

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थाने में जब्त वाहन।

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