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गोड्डा सीट नहीं तो होगा अलग रास्ता, जिद छोड़े कांग्रेस : बाबूलाल



दुमका. झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी गोड्डा लोकसभा सीट को लेकर पीछे हटने के मूड में कतई नहीं है। महागठबंन में गोडडा सीट को लेकर चल रहे जिद पर बाबूलाल ने सोमवार को दो टूक कहा कि हमारी पार्टी को हर हाल में गोड्डा सीट चाहिए और अगर ऐसा नहीं होता है तो हमारी पार्टी महागठबंधन से अलग होकर अलग रास्ता बनाएगी। हालांकि बाबूलाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस बड़ा दल है इसलिए अंतिम फैसला भी उनके उपर ही छोड़ दिया है।

  1. बाबूलाल स्थानीय परिसदन में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश में नरेन्द्र मोदी और भाजपा को रोकना है तो कांग्रेस को बड़ा ह्दय दिखाते हुए गोडडा सीट को लेकर जिद छोड़ देना चाहिए। बाबूलाल ने कहा कि गोड्डा पर झाविमो का सबसे मजबूत व स्वभाविक दावा है। कहा कि उनकी पार्टी राज्य में धनबाद, दुमका, गिरिडीह समेत राज्य दूसरे सीटों पर तो दावा नहीं कर रही है लेकिन गोड्डा सीट झाविमो को चाहिए। एक सवाल पर कहा कि कांग्रेस को अगर यह सीट मिल भी जाए तो वह चुनाव नहीं जीत सकेगी। दलील यह कि पिछले चुनाव में भी कांग्रेस यहां दंगल में थी और झामुमो, राजद और जदयू के संग गठबंधन करने के बाद चुनाव हार गई।

  2. झाविमो ने अपने दम पर मजबूत प्रदर्शन किया था। वर्तमान परिस्थितियां झाविमो के पक्ष में क्योंकि झाविमो ने यहां किसानों के साथ मिलकर जल, जंगल और जमीन की लड़ाई न सिर्फ खड़ा किया है बल्कि झाविमो नेता प्रदीप यादव इस आंदोलन में पांच माह के लिए जेल में भी रहे हैं। महागठबंधन के दूसरे दल तो किसानों के हक की लड़ाई पर बयानबाजी तक ही कायम रहे। कहा कि कांग्रेस को जिद छोड़कर दिल्ली की राजनीति करनी चाहिए। झाविमो के किसी नेता या उन्हें प्रधानमंत्री नहीं बनना है। अगर यहां से जीतेंगे तो भी कांग्रेस को ही समर्थन करेंगे। कांग्रेस के नेता फुरकान अंसारी को राज्यसभा भेजा जा सकता है। महागठबंधन में सबसे बड़ा दल कांग्रेस है इसलिए इस पर कांग्रेस को जिद छोड़कर जमीनी हकीकत के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।

  3. इस सवाल पर कि अगर कांग्रेस नहीं मानती है तो झाविमो का स्टैंड क्या होगा के जवाब में बाबूलाल ने कहा कि अंतिम समय तक झाविमो महागठबंधन का पक्षधर हैं लेकिन निर्णय तो कांग्रेस को ही लेना है। इधर सरयू राय प्रकरण पर बाबूलाल ने कहा कि उनके जैसे अनुभवी नेता जब इस्तीफा देने की पेशकश कर रहे हैं तो यह गंभीर मामला है। अगर मुख्यमंत्री रघुवर दास में नैतिकता है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। कहा कि सरयू राय सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाकर साहस दिखाया है जिससे सरकार के अंदर की कार्यशैली उजागर हुई है। मौके पर विनोद शर्मा, धर्मेंद्र सिंह बिट्टू, जमील अख्तर, डा.अजुला मुर्मू, अली इमाम, पिंटू अग्रवाल समेत कई नेता मौजूद थे।

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      बाबूलाल मरांडी। (फाइल फोटो)

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