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जाम के लिए बदनाम रांची में मरीज को 13 मिनट में 14 किलोमीटर पार करा पहुंचाया एयरपोर्ट



रांची. क्रोनिक लिवर डिजीज से पीड़ित मरीज रविंद्र नाथ तिवारी को इलाज के लिए मेडिका अस्पताल से बिरसा मंुडा एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। अस्पताल से एयरपोर्ट तक की 14 किलोमीटर की दूरी 13 मिनट में तय की गई। रविंद्र नाथ तिवारी को इलाज के लिए एक सप्ताह पहले मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल ले जाने को कहा। परिजनों ने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर एयर एंबुलेंस बुलाई और ट्रैफिक एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग को सूचना दी।

ट्रैफिक एसपी ने बनवाया ग्रीन कॉरिडोर
सूचना के बाद ट्रैफिक एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग ने ग्रीन कॉरिडोर बनवाया। इसे तैयार करने में ट्रैफिक थानेदार और जवानों ने अहम भूमिका निभाई। अस्पताल से मरीज को एंबुलेंस के जरिए एसएसपी आवास होते हुए, रणधीर वर्मा चौक और हॉटलिप्स चौक होते हुए बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचाया गया। मेडिका से एंबुलेंस 11:55 पर निकली थी और 12:08 मिनट पर एयरपोर्ट पहुंच गई।

अप्रैल, 2017 में जवानों के लिए बना था पहला कॉरिडोर
रांची में एंबुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने की योजना दो वर्ष पूर्व तत्कालीन ट्रैफिक एसपी संजय रंजन सिंह ने शुरू की थी। इसके लिए दोनों ट्रैफिक डीएसपी के मोबाइल नंबर भी जारी किए गए थे। 24 अप्रैल, 2017 को बूढ़ा पहाड़ के नक्सली अभियान में घायल हुए जवानों को रांची एयरपोर्ट से मेडिका अस्पताल तक 19 मिनट में पहुंचाया गया था।

एक सप्ताह पहले बना था दूसरा कॉरिडोर
एक सप्ताह पहले यानी पांच फरवरी को 9 महीने की बच्ची खुशी को बचाने के लिए रानी चिल्ड्रन हॉस्पिटल से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। अस्पताल से एयरपोर्ट तक की 12 किमी की दूरी 11 मिनट में तय की गई थी। रांची के पिस्का मोड़ स्थित ओझा मार्केट के पास रहने वाले निशांत दूबे की 9 माह की बेटी खुशी 1 फरवरी को बाथटब में खेलते समय गिर गई। पानी सिर व लंग्स में पहुंच गया। वह कोमा में चली गई। उसे रानी चिल्ड्रन अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति देखते हुए उसे सर गंगाराम अस्पताल नई दिल्ली ले जाने को कहा। परिजनों ने एयर एंबुलेंस बुलाई और ट्रैफिक एसपी को सूचना दी। ग्रीन कॉरिडोर तैयार करने में दो ट्रैफिक थानेदारों और 52 जवानों ने अहम भूमिका निभाई। अस्पताल से एंबुलेंस को एयरपोर्ट तक जाने के लिए हरमू रोड का चुनाव किया। एंबुलेंस दिन में 1:02 पर रानी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल से निकली और 1:13 पर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंच गई। 12 किमी के रास्ते में 13 कट मिले। लेकिन यहां तैनात ट्रैफिक जवानों ने रास्ते को खाली करा दिया।

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एंबुलेंस को स्कॉट करते ट्रैफिक एसपी।

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