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सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत, घायल युवती को कुछ याद नहीं



रांची. हेलमेट आपकी दुर्घटना नहीं रोक सकता, लेकिन हादसे में जान जाने की संभावना को काफी हद तक कम करता है। सिर को गंभीर रूप से चोटिल होने से बचा सकता है। यह एक बार फिर सच साबित हुआ। रविवार को एक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। पीछे बैठी युवती के सिर में गंभीर चोट लगने से याददाश्त पर असर पड़ गया। जिस युवक की मौत हुई वह लगभग पौने दो लाख की बाइक पर बिठाकर तेज रफ्तार से रांची लौट रहा था। युवक पुलिस से बचने के लिए मात्र 200 रुपए का लोकल हेलमेट पहन रखा था। बाइक दुर्घटना होने पर रोड पर गिरते ही हेलमेट टूट गया और उसके सिर व शरीर में अंदरूनी चोट लगी, इससे उसकी मौत हो गई।

  1. यह मामला खरसीदाग ओपी क्षेत्र स्थित ओबरिया के आगे टोनको पूल के पास की है। 18 वर्षीय युवक विकास कच्छप और 17 वर्षीय अनिता मिंज केटीएम बाइक से तेज रफ्तार में जा रहे थे। अचानक ब्रेक लगाने पर बाइक का संतुलन बिगड़ गया और विकास और अनिता हवा में लहराते हुए रोड पर जा गिरे। युवक के सिर और शरीर में चोट लगी तो वह वहीं अचेत हो गया, लेकिन युवती की सांस चल रही थी। उसका एक हाथ फ्रैक्चर हो गया। मौके पर पहुंची खरसीदाग ओपी की पुलिस ने दोनों को हॉस्पिटल ले जाने लगी, इसी दौरान युवक की मौत हो गई। जबकि, युवती किसी को नहीं पहचान रही और न उसे कुछ भी याद है। सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले विकास और युवती अनिता दोस्त हैं। दोनों अपने 8-10 दोस्तों के साथ रविवार को रामकृष्ण मिशन टीवी सेनेटोरियम से पिकनिक मनाकर लौट रहे थे। इस दौरान हादसा हुआ। खरसीदाग ओपी प्रभारी आरके पांडेय ने बताया कि युवक ने हेलमेट पहना था, लेकिन वह लोकल हेलमेट था, इसलिए रोड पर गिरने के बाद टूट गया। गंभीर चोट लगने से युवक की मौत हो गई।

  2. पुलिस के अनुसार 50% लोग तो कानून के डर से खानापूर्ति के लिए हेलमेट पहनते हैं। साधारण हेलमेट से सुरक्षा नहीं हो सकती। कई लोग तो पहनते ही नहीं। इस मुद्दे पर भास्कर रिपोर्टर ने पूर्व ट्रैफिक एसपी संजय रंजन सिंह से बातचीत की।

    • आपने ट्रैफिक एसपी रहते हुए ट्रैफिक सुधार के कई काम किए, लेकिन शत-प्रतिशत वाहन चालक को हेलमेट नहीं पहना सके, क्यों? सह यात्री के लिए हेलमेट अनिवार्य है या नहीं?

    -कानून का डर दिखाकर दुर्घटना कम नहीं किया जा सकता। लोगों में कानून के प्रति सम्मान नहीं होगा, तब तक दुर्घटना नहीं रोकी जा सकती। मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 129 में बाइक पर पीछे बैठने वालों के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य है। इसे सख्ती से पालन कराने की जिम्मेवारी ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग और जिला परिवहन पदाधिकारी की है।

    • बाइक सवार की दुर्घटना में सबसे अधिक क्यों मौत होती है?

    -हेलमेट पहन कर चलने और ट्रैफिक नियम का पालन अभी भी 20 फीसदी युवा पालन नहीं कर रहे हैं। बाइक सवार सामने वाले का सम्मान करना छोड़ दिए हैं।

    • आपके कार्यकाल में सड़क दुर्घटना रोकने के लिए क्या-क्या प्रयास हुए, कितनी सफलता मिली?

    – मैंने बाइक सवार के लिए हेलमेट अनिवार्य किया था। जो बिना हेलमेट के पकड़े जाते थे, उनकी काउंसलिंग होती थी। शहर के सभी स्कूल व कॉलेजों में जागरूकता अभियान लगातार कई दो वर्षों तक चलाया गया।

    • युवाओं को नियम तोड़ने से कैसे रोका जा सकता है?

    -ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के नियम कड़े होने चाहिए। ड्राइविंग टेस्ट पास करने और ट्रैफिक नियम की जानकारी है या नहीं, जांचने के बाद ही लाइसेंस जारी होना चाहिए।

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      हादसे के बाद सड़क पर अचेत पड़े युवक और युवती।

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