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अधिकारी बोले- लिखित आदेश हो तो बताओ, नहीं तो पूर्व की तरह नए बस स्टैंड से संचालित होंगी बसें



खंडवा. पुराने बस स्टैंड से बसों का संचालन प्रशासन ने एक बार फिर बंद कर दिया है। मंगलवार से नये बस स्टैंड से ही पूर्व की तरह बसों का संचालन शुरू हुआ। यानी इंदौर, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी व धार की बसें नए बस स्टैंड से संचालित होंगी। सोमवार शाम सीएसपी प्रशांत मुकादम, एआरटीओ जगदीश बिल्लोरे, कोतवाली टीआई बीएल मंडलोई व सूबेदार देवेंद्रसिंह परिहार ने बस मालिकों की पुलिस कंट्रोल रूम में बैठक ली।

अधिकारियों ने कहा – आपके लिखित आदेश हो तो बताओ, नहीं तो मंगलवार से पूर्व की तरह की नए बस स्टैंड से बसों का संचालन करना है। कलेक्टर व एसपी ने प्रभारी मंत्री से फोन पर बात कर ली है। अधिकारियों की बात खत्म होने के बाद बस मालिक टोनी राजपाल ने कहा प्रभारी मंत्री ने बैठक के दौरान कलेक्टर से पुराने बस स्टैंड से ही बसों के संचालन को कहा था। पुराने बस स्टैंड से संचालन संबंधित आप लिखित में दो। इस पर एआरटीओ ने कहा पूर्व का जो आदेश है, उसे मानना होगा।

अधिकारियों को व्यवस्था बनानी चाहिए : बैठक के दौरान बस मालिक टोनी राजपाल, सुनील आर्य ने कहा पुराने बस स्टैंड से बसों का संचालन होने से रेल से उतरने वाले यात्रियों को परेशानी नहीं होती। इंदौर, खरगोन, बड़वानी जाने वाले यात्रियों को बस आसानी से मिल जाती है, जबकि ऑटो वाले मनमाना किराया वसूलते हैं, कोई भी ऑटो वाल दस रुपए में गोशाला बस स्टैंड तक नहीं छोड़ता। बाहर से आने वाले यात्री परेशान होते हैं। बस मालिकों को कोई दिक्कत नहीं है बसें कहीं से भी संचालित हों। पुराने बस स्टैंड पर बसों के आते ही ऑटो वाले सवारी बैठाने के लिए बस के पीछे लगा देते है। जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ती है और जाम लग जाता है। बस मालिक पूर्व में भी यह शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी कार्रवाई नहीं करते। अधिकारियों को व्यवस्था बनानी चाहिए।

नए बस स्टैंड पर 5 मिनट रुकी बसें : पुराने बस स्टैंड से यात्रियों को बैठाने के बाद बायपास होते हुए गोशाला पहुंची बसें पांच मिनट के लिए नए बस स्टैंड पर रुकीं। यहां तीन-चार बस एजेंट यात्रियों को इंदौर, खरगोन, बड़वानी व धार की बसों में बैठा रहे थे। कुछ दुकानें भी खुली हुई थीं। नए बस स्टैंड पर पहले की तरह रौनक दिखाई नहीं दे रही थी। सोमवार दोपहर किसी ने यह अफवाह भी उड़ा दी कि गोशाला क्षेत्र के कुछ युवक इंदौर जाने वाली बसों को स्टैंड पर रुकने नहीं दे रहे हैं। जानकारी मिलने के बाद पुलिस जवान और मीडियाकर्मी पहुंचे, लेकिन यह बात महज अफवाह ही निकली।

मंत्री ने लिखित आदेश नहीं दिया : पदमकुंड वार्ड की पार्षद शारदा आव्हाड़ ने कहा 9 फरवरी को जियोस की बैठक में मैं स्वयं उपस्थित थी। प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने ऐसा कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया। अगर ऐसा कोई आदेश था तो उसे शहर की जनता के सामने सार्वजनिक किया जाना चाहिए। दादाजी बस स्टैंड से दो दिन से बसों का संचालन बंद है। सैकड़ों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। पूर्व की तरह बसों का संचालन शुरू नहीं किया गया तो धरना आंदोलन और पुतले फूंके जाएंगे।

पूर्व की व्यवस्था खरगोन, बड़वानी, इंदौर और बुरहानपुर की बसें नए बस स्टैंड से चलेगी। मूंदी, जावर और खालवा की बसें पुराने से संचालित होगी। आदेश न मानने पर कार्रवाई की जाएगी। -जगदीश बिल्लोरे, एआरटीओ

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khandwa news officers asked for written orders else follow the existing process

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