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पटना के हवाला कारोबारी के जरिये नागालैंड में हथियार का भुगतान करवाता था मुकेश व संतोष



पूर्णिया. बायसी से एक एके-47, ग्रेनेड लांचर और कारतूस के साथ गिरफ्तार तीन हथियार तस्करों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले राज सामने आए हैं। पुलिस को जो बात पता चली है, उसके अनुसार मुकेश सिंह और संतोष सिंह हथियार मंगवाने के लिए बड़ी रकम पटना के ही एक हवाला कारोबारी के मार्फ़त नागालैंड के प्रतिबंधित संग़ठन नेशनल सोशलिस्ट ऑफ़ नागालैंड के एक कैप्टन को भेजता था।

एसपी विशाल शर्मा ने बताया कि पूर्णिया पुलिस पटना के उक्त हवाला कारोबारी के पास पहुंचने की फिराक में है ताकि कितने साल से और कितने रुपया का कारोबार होता है पता चल सके। यूपी का रहने वाला सूरज कुमार बचपन से ही नागालैंड में रहता था, उनके पिता वहीं नौकरी करते थे। इसलिए भाषा पर उसकी अच्छी पकड़ थी, जिसका संतोष सिंह और मुकेश सिंह फायदा उठाता था।

पुलिस की पूछताछ में जो पता चला है उसके अनुसार संतोष सिंह, मुकेश सिंह, मंटू कुमार और विपुल कुमार नेटवर्क बिहार, झारखंड, यूपी के कुछ भाग, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के नक्सलियों से सीधा सम्पर्क में है। ये लोग नक्सली के ही डिमांड पर नागालैंड से हथियार मंगवाकर बेचने का काम करता है। एसपी ने बताया कि नागालैंड नेशनल सोशलिस्ट ऑफ़ नागालैंड संग़ठन से चारों सीधा जुड़ा है।

क्या है पूरा मामला
सात फरवरी को बायसी में छह सौ राउंड गोली के साथ गोरखपुर निवासी सूरज कुमार, मणिपुर के उखरुल पोंग्यार निवासी वीआर कहोरनगम और क्लियर्सन कावो को गिरफ्तार किया। उनके पास से 10 फरवरी को सफारी गाड़ी के तहखाने से एक एके-47, 2 ग्रेनेड लांचर और 1200 जिंदा कारतूस बरामद किया है।

तीन खेप में 11800 कारतूस और सात हथियार लाया बिहार
तीनों तस्कर ने बताया कि इसके पूर्व वह तीन बार हथियार और ज़िंदा कारतूस की खेप को बिहार में पहुंचा चुका है। इनमें पहली खेप में चार हथियार पांच हजार ज़िंदा कारतूस, दूसरी खेप में सिर्फ पांच हजार जिन्दा कारतूस और तीसरी खेप में तीन हथियार और 18 सौ ज़िंदा कारतूस गोली की खेप पहुंचाया था। पुलिस तीनों गिरफ्तार हथियार तस्कर को एक बार पुनः 48 घंटे का रिमांड पर ले सकता है।

चोरी की है सफारी, नंबर भी फर्जी
जिस सफारी में पुलिस ने हथियार बरामद किया है। जांच के दौरान उस सफारी का रजिस्ट्रेशन नंबर भी फर्जी निकला और पूछताछ करने पर पता चला कि सफारी भी चोरी की है। पूछताछ के दौरान तीनों तस्कर ने बताया कि हथियार का डील होने के बाद नेशनल सोशलिस्ट ऑफ़ नागालैंड संग़ठन के कप्तान जरूरत के अनुसार सफारी में तहखाना बनवाता था और हथियार सप्लाई होती थी।

48 घंटे के लिए बढ़ाई जाएगी रिमांड
गिरफ्तार तीनों अपराधियों की रिमांड को 48 घंटा बढ़ाने के लिए न्यायालय को लिखा जाएगा ताकि पूछताछ में और भी खुलासा हो सके। विशाल शर्मा, एसपी, पूर्णिया

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Arrested three arms smugglers opened secret

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