loading...
Hindi News / राज्य / राजस्थान / वाड्रा पेशी के लिए जयपुर के ईडी ऑफिस पहुंचे, समर्थकों ने ‘चौकीदार चोर है’ के नारे लगाए

वाड्रा पेशी के लिए जयपुर के ईडी ऑफिस पहुंचे, समर्थकों ने ‘चौकीदार चोर है’ के नारे लगाए



जोधपुर.मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी 75 वर्षीयमां मौरीनमंगलवार को जयपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होने पहुंचे। जैसे ही वे कार्यालय के बाहर पहुंचे, वहां मौजूद उनके समर्थकों ने ‘चौकीदार चोर है’ के नारे लगाना शुरू कर दिए।वाड्रा पर आरोप है कि उन्होंनेबीकानेर जिले के कोलायत में 79 लाख में 270 बीघा जमीन खरीदकर तीन साल बाद 5.15 करोड़ में बेच दी। ईडी नेकई बार समन जारी किए तोवाड्रा ने राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में अपील दायर कर पूछताछ पर सवाल उठाए थे। लेकिन, उन्हें राहत नहीं मिली। ईडी का कहना है कि पूछताछ के बाद ही मामले में वाड्राकी भूमिका स्पष्ट हो पाएगी।

इस बीच,सोमवार रात प्रियंका गांधी भीउत्तरप्रदेश का दौरा छोड़कर पति रॉबर्ट वाड्रा से मिलने जयपुर पहुंचीं। वहीं,वाड्रा ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर कहा कि ईश्वर हमारे साथ है। अगर मैंने कुछ गैरकानूनी काम किया है तो इसकी जांच के लिए 4 साल 8 महीने का वक्त क्यों लगा?लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू होने से महज दो महीने पहले ही यह पूछताछ क्यों हो रही है?

सेना की जमीन थी, इसे बेचनहीं सकते

2007 में वाड्रा ने स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक कंपनी बनाई। वाड्रा औरउनकी मां मौरिन कंपनी कीडायरेक्टर बनीं। बाद में कंपनी का नाम स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड लायबिलिटी कर दिया गया। रजिस्ट्रेशन के वक्त बताया गया था कि ये कंपनी रेस्टोरेंट, बार और कैंटीन चलाने जैसे काम करेगी।

फायरिंग रेंज की जमीन होने का आरोप

वाड्रा की कंपनी ने 2012 में कोलायत क्षेत्र में 270 बीघा जमीन 79 लाख रुपए में खरीदी। आरोप है कि यह बीकानेर में भारतीय सेना की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज की जमीन थी। इस जमीन के कुछ हिस्से पर विस्थापित लोगों को बसाया गया था, लेकिन उनमें से कुछ ने फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकरजमीन वाड्रा की कंपनी को बेच दी, जबकि सेना की जमीन बेची नहीं जा सकती।

बाद में वाड्रा की कंपनी ने यह जमीन पांच करोड़ रुपए मेंबेची। ईडी ने इस मामले में कुछ स्थानीय अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी है।

वसुंधरा सरकार ने शुरू कराई जांच
2013 में राजस्थान में भाजपा सरकार बनीऔर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस जमीन सौदे की जांच शुरू कराई। 2014 में जमीन सौदों को लेकर केस दर्ज किया गया। कुल 16 मामले दर्ज कराए गए। इनमें से चार मामलों में वाड्रा की कंपनी जुड़ी है। बाद में राज्य सरकार ने मामला जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया। सीबीआई ने 31 अगस्त 2017 को आईपीसी की धारा 420, 461, 478 व 471 के तहत मामला दर्ज किया।

जमीन खरीदने वाली कंपनी और कांग्रेस विधायक के भाई पर भी शक
2015 में मनी लांड्रिंग से जुड़े इस मामले की जांच ईडी ने शुरू की। जांच एजेंसी कोवाड्रा की कंपनी से जमीन खरीदने वाली कंपनी एलजेनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड पर भी शक है। जमीन खरीदने के लिए इस कंपनी ने भूषण पावर औरस्टील से करीब साढ़े पांच करोड़ का कर्जलिया था। बाद में सरकार ने भूषण स्टील को 500 करोड़ रुपए के विभिन्न करों से राहत दे दी। जमीन की सौदेबाजी में कांग्रेस के एक विधायक के भाई महेश नागर की भूमिका पर भी शक है। महेश के करीबी अशोक कुमार ने कंपनी के लिए कोलायत में जयप्रकाश से जमीन के सौदे किए थे। अशोक और जयप्रकाश को गिरफ्तार भी किया गया।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


मां के साथ जयपुर पहुंचे वाड्रा।


राबर्ट वाड्रा।


बीकानेर जिले के कोलायत में जमीन पर लगा ईडी के कब्जे का बोर्ड।

Check Also

आसमान में रोशनी बिखेर दुश्मन की मिसाइल को गच्चा दे लक्ष्य को भेदते है फाइटर जेट

जोधपुर. पोकरण में शनिवार को इंडियन एयरफोर्स वायुशक्ति 2019 के माध्यम से अपने फायर पावर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *