loading...
Hindi News / राज्य / राजस्थान / दर्द से कराहती रही गर्भवती, डॉ. ने रैफरल कार्ड तक नहीं बनाया, कहा- जहां मर्जी करो शिकायत

दर्द से कराहती रही गर्भवती, डॉ. ने रैफरल कार्ड तक नहीं बनाया, कहा- जहां मर्जी करो शिकायत




मकराना के सीएचसी में प्रसव करवाने पहुंची एक गर्भवती महिला एवं उसके परिजनों को उस समय शर्मसार होना पड़ा जब सीएचसी प्रभारी डॉ. योगेन्द्र कच्छावा ने अस्पताल में प्रसव की सुविधा नहीं होने का हवाला देकर उन्हें चलता कर दिया। इतना ही नहीं डॉक्टर की कमी की बात कहकर रैफरल कार्ड बनाने से मना कर दिया। घटना 5 फरवरी की रात्रि की है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सोमवार से वायरल हुआ है। वीडियो में नजर आ रहा है कि प्रभारी कच्छावा ने परिजनों के साथ गाली गलौच की भाषा में बात की। इस बारे में प्रसूता के रिश्तेदार मोहम्मद आरिफ पुत्र मोहम्मद इस्माइल ने एसडीएम मकराना अशोक कुमार चौधरी को सोमवार को ज्ञापन देकर लापरवाही व कर्तव्य के प्रति उदासीनता बरतने वाले डॉ. योगेन्द्र कच्छावा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उसने बताया कि 5 फरवरी को उसकी प|ी को प्रसव पीड़ा हुई, जिसे 108 एंबुलेंस से रात्रि 10:20 बजे अस्पताल पहुंचाया। वहां मेल नर्स ने बताया कि अस्पताल में प्रसूति विशेषज्ञ नहीं है जिस पर प्रार्थी ने रैफरल कार्ड का कहा। कर्मचारी ने डॉक्टर द्वारा ही रैफरल कार्ड जारी करने की बात कही एवं डॉक्टर कच्छावा को सूचना देकर बुलवा लिया।

वायरल वीडियो में डॉक्टर के बोल : मैं तो खुद चाहता हूं कि पंगा हो, अकेला आदमी हूं और बोलते रहे अपशब्द

मकराना: मकराना सीएचसी के डॉ. कच्छावा प्रसव पीड़ा झेल रही महिला को तुरंत प्राथमिक उपचार देने की बजाय परिजनों से उलझ गए एवं अपशब्द इस्तेमाल में लेते हुए प्रसव कराने से मना कर दिया। गरीब परिवार से होने का हवाला देने पर भी डॉक्टर ने रैफरल कार्ड नहीं बनाया एवं बताया कि गुणावती पीएचसी में ही यह व्यवस्था है तथा वहां से ही रैफरल कार्ड बनवाओ। इस दौरान माजरा देख रहे 108 एम्बुलेंस के ईएमटी ने भी मानवीयता का हवाला देते हुए डॉ. कच्छावा से रैफरल कार्ड बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि उसे पीड़ा ज्यादा हो रही है। रैफरल कार्ड बना देंगे तो वह उसे कुचामन के अस्पताल में भर्ती करवा देगा। डॉ. कच्छावा ने 108 एम्बुलेंस के चालक को कहा कि मरीज को ले जाकर गुणावती में पटक दो। अगर मुझसे कोई आपत्ति है तो जहां चाहे वहां शिकायत कर दो।

गुणावती में सूचना पर आए कर्मियों ने बनाया रैफरल कार्ड

इसके पश्चात 108 एम्बुलेंस के चालक व ईएमटी ने प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को एम्बुलेंस से नजदीकी गुणावती पीएचसी पहुंचाया। वहां पर रात्रिकालीन डॉक्टर की सेवाएं नहीं है तथा अस्पताल के ताला लगा हुआ था। बाद में अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग कर्मचारियों को इत्तला करवाई, जिन्होंने पीएचसी पहुंचकर महिला का रैफरल कार्ड बनवाया एवं देर रात्रि में उसे कुचामन के सरकारी अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती करवाया गया। इस घटना की मकराना शहर में जमकर आलोचना हो रही है।

बागोट : इस गांव के सरकारी अस्पताल के एक डॉ. पर प्रसूता के परिजनों से पैसे लेने का पांच दिन पहले वीडियो सामने आया था।

मकराना सीएचसी में सिर्फ चार डॉक्टर

मकराना की आबादी 1.70 लाख है। यहां अस्पताल में डॉक्टरों के 13 पद स्वीकृत है, जिनमें से 4 ही लगे हुए हैं। डॉक्टर्स सहित कुल 78 पद है जिनमें से 26 ही कर्मचारी नियुक्त है। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मुखराम चौधरी भी किन्ही कारणों से चार माह से अनुपस्थित चल रहे हैं। अस्पताल में प्रसव सुविधा समय पर नहीं मिलने का सीधा फायदा निजी अस्पतालों को हो रहा है।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

Check Also

कान खुजलाने एसयूवी की चाबी मांगी, बाथरूम जाने का कह गाड़ी ले भागा

शातिर दिनेश ने शुक्रवार को भी एक बाइक चुराई थी। इसके खिलाफ पूर्व में भी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *