loading...
Hindi News / राज्य / मध्य प्रदेश / संविदा को नियमित करने पर कितना भार आएगा पता करने चार मंत्रियों सहित छह लोगों की बनी कमेटी

संविदा को नियमित करने पर कितना भार आएगा पता करने चार मंत्रियों सहित छह लोगों की बनी कमेटी




प्रदेशभर के संविदा कर्मचारी और अधिकारियों को नियमित करने पर सरकार पर कितना भार आएगा, इसके लिए एक चार मंत्री और दो मुख्य व प्रमुख सचिव सहित छह लोगों की कमेटी बनाई गई है। यह तीन माह में प्रदेश भर से आए मांग-पत्रों की जांच करेगी। साथ ही यह भी पता लगाएगी कि मांगें मानी जाने से शासन पर कितना वित्तीय भार आएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है कि अतिथि शिक्षक, रोजगार सहायक, संविदा कर्मचारी के संगठनों से प्राप्त पत्रों के मुताबिक उनके स्थायीकरण और अन्य मांगों से वित्तीय भार नहीं आने पर उन पर निर्णय लिया जाए।

इस कमेटी का अध्यक्ष सामान्य प्रशासन मंत्री गोविंद सिंह को बनाया गया, जबकि जनजातीय कार्य विमुक्त घुमक्कड़ मंत्री ओंकार सिंह मरकाम, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, वित्त मंत्री तरुण भनोट सदस्य होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर प्रमुख सचिव संयोजक होंगे। वित्त विभाग के प्रमुख सचिव भी इसमें सदस्य होंगे। कमेटी को तीन महीने में रिपोर्ट सरकार के सामने पेश करना है। वहीं संविदा कर्मचारियों के संगठनों का कहना है कि किसानों की कर्जमाफी के लिए कोई कमेटी नहीं बनाई। शासन पर पड़ने वाले वित्तीय भार को नहीं देखा गया तो संविदा कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारियों के लिए ऐसा क्यों?

वर्तमान वेतनमान पर ही नियमित कर दे सरकार

संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के जिला संयोजक महेंद्र मकासरे ने बताया कि सरकार ने जिस काम के लिए 6 लोगों की कमेटी बनाई है। उसे तीन महीने का समय दिया गया है, जबकि यही काम 15 दिन में भी किया जा सकता है। प्रदेश में संविदा पर 1 लाख 84 हजार कर्मचारी और अधिकारी हैं। वे शासन के विभिन्न 42 से ज्यादा मंडलों में 10 से 20 वर्ष से कार्यरत हैं। इनका अभी तक नियमितीकरण नहीं किया गया है। समिति की मांग है कि सरकार उन्हें वर्तमान वेतनमान पर ही नियमित कर दे। ऐसे में उन पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा।

कांग्रेस का घोषणा पत्र याद दिलाया

आजाद अध्यापक संघ की प्रांतीय अध्यक्ष शिल्पी सिवान का कहना है कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कहा था कि वे शिक्षकाें की भर्ती संविदा पर नहीं, बल्कि नियमित के आधार पर करेंगे। इसके बावजूद संविदा शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा कराई जा रही है।

भास्कर संवाददाता | इंदौर

प्रदेशभर के संविदा कर्मचारी और अधिकारियों को नियमित करने पर सरकार पर कितना भार आएगा, इसके लिए एक चार मंत्री और दो मुख्य व प्रमुख सचिव सहित छह लोगों की कमेटी बनाई गई है। यह तीन माह में प्रदेश भर से आए मांग-पत्रों की जांच करेगी। साथ ही यह भी पता लगाएगी कि मांगें मानी जाने से शासन पर कितना वित्तीय भार आएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है कि अतिथि शिक्षक, रोजगार सहायक, संविदा कर्मचारी के संगठनों से प्राप्त पत्रों के मुताबिक उनके स्थायीकरण और अन्य मांगों से वित्तीय भार नहीं आने पर उन पर निर्णय लिया जाए।

इस कमेटी का अध्यक्ष सामान्य प्रशासन मंत्री गोविंद सिंह को बनाया गया, जबकि जनजातीय कार्य विमुक्त घुमक्कड़ मंत्री ओंकार सिंह मरकाम, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, वित्त मंत्री तरुण भनोट सदस्य होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर प्रमुख सचिव संयोजक होंगे। वित्त विभाग के प्रमुख सचिव भी इसमें सदस्य होंगे। कमेटी को तीन महीने में रिपोर्ट सरकार के सामने पेश करना है। वहीं संविदा कर्मचारियों के संगठनों का कहना है कि किसानों की कर्जमाफी के लिए कोई कमेटी नहीं बनाई। शासन पर पड़ने वाले वित्तीय भार को नहीं देखा गया तो संविदा कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारियों के लिए ऐसा क्यों?

वर्तमान वेतनमान पर ही नियमित कर दे सरकार

संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के जिला संयोजक महेंद्र मकासरे ने बताया कि सरकार ने जिस काम के लिए 6 लोगों की कमेटी बनाई है। उसे तीन महीने का समय दिया गया है, जबकि यही काम 15 दिन में भी किया जा सकता है। प्रदेश में संविदा पर 1 लाख 84 हजार कर्मचारी और अधिकारी हैं। वे शासन के विभिन्न 42 से ज्यादा मंडलों में 10 से 20 वर्ष से कार्यरत हैं। इनका अभी तक नियमितीकरण नहीं किया गया है। समिति की मांग है कि सरकार उन्हें वर्तमान वेतनमान पर ही नियमित कर दे। ऐसे में उन पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा।

कांग्रेस का घोषणा पत्र याद दिलाया

आजाद अध्यापक संघ की प्रांतीय अध्यक्ष शिल्पी सिवान का कहना है कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कहा था कि वे शिक्षकाें की भर्ती संविदा पर नहीं, बल्कि नियमित के आधार पर करेंगे। इसके बावजूद संविदा शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा कराई जा रही है।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

Check Also

खेत में घात लगाए बैठा बाघ मजदूर पर झपटा

बुरहानपुर. नेपानगर से तीन किमी दूर रतागढ़ में केली के खेत में घात लगाकर बैठा …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *