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हिंडौन-करौली मार्ग पर बस संचालन पूरी तरह ठप, पेड़ और पत्थर डालकर लगाया जाम



जयपुर. गुर्जर आंदोलन के चलते प्रदर्शनकारीपिछले छह दिनों से ट्रैक पर डटे हुए हैं। गुर्जर समाज की ओर से मलारना में रेलवे ट्रैक पर आंदोलन किया जा रहा है। जिसके चलते बुधवार को भी हिण्डौन रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसरा हा। दिल्ली-मुंबई ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बंद है। इसके साथ करौली-हिंडौन मार्ग पर गुडला गांव में गुर्जर समाज ने आज भी सड़क पर पेड़ और पत्थर डाल कर जाम लगा रखा है। जाम से हिंडौन-करौली मार्ग पर बस संचालन पूरी तरह ठप हो गया है।

माना जा रहा है कि गुर्जर आरक्षण को लेकर सरकार बुधवार को विधानसभा में बड़ा ऐलान कर सकती है। इस दिन 10% सवर्ण आरक्षण के साथ 5% गुर्जर आरक्षण देने का संकल्प पत्र पारित किया जा सकता है। इस मसौदे को लेकर आईएएस नीरज के पवन सवाईमाधोपुर में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला से मिले।

गंगापुर का आखिरी सड़क संपर्क भी कटा – जयपुर वाले रास्ते कहां से बंद

  • मुख्य मार्ग गंगापुर-पिपलाई-लालसोट-दौसा-जयपुर : खेड़ली मोड़ पर जाम से बंद
  • वैकल्पिक मार्ग गंगापुर-नादौती-गुढाचंद्रजी-सिकंदरा-दौसा-जयपुर : सिकंदरा मोड़ पर जाम से बंद
  • वैकल्पिक मार्ग गंगापुर-मच्छीपुरा-भाड़ौती मोड़-लालसोट-चाकसू-जयपुर: मच्छीपुरा में जाम से बंद
  • वैकल्पिक मार्ग गंगापुर-करौली-हिंडौन-महुआ-दौसा-जयपुर : गुड़ला में जाम से बंद

विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए कमेटियां बनाई

गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए समाज के लोगों की अलग अलग कमेटियां बनाई गई है। इनमें शामिल विजय सिंह बैसला, भूरा भगत, शैलेंद्र एडवोकेट, जगदीश मलारना, मुकेश कसाना, पंचायत समिति सदस्य हरकेश गुर्जर, संपत लाल सरपंच, रामसहाय फौजी, सियाराम गुर्जर आदि लोग दिन भर रेलवे ट्रैक और उसके आसपास होने वाली गतिविधियों पर अपनी नजर बनाए हुए हैं।

लॉ एंड ऑर्डर खराब हुआ तो सरकार अपना काम करेगी : विश्वेंद्र सिंह

केबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि मैं पुलिस को सेल्यूट करता हूं कि अभी तक उन्होंने संयम रखा है। उग्र आंदोलन के चलते धौलपुर में आठ आदमी घायल हो गए। आंदोलनकारियों द्वारा दो जिप्सी व एक बस जला दी गई। पुलिस को मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि किसी को भी अधिकार नहीं है कि आप स्टेट पर होल्ड करें। लाइन आर्डर अगर खराब होगा तो सरकार अपना काम करेगी। सरकार मोम की बनी हुई नहीं है। कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। लॉ एंड आर्डर और रिजर्वेशन दोनों अलग अलग चीज है। पुलिस इसमें कतई कोताही नहीं बरतेगी। आम आदमी की परेशानी को देखते हुए कर्नल वार्ता के लिए आगे आए।

सीएमओ में पहले कोर कमेटी, फिर कैबिनेट की बैठक

इससे पहले गुर्जर आरक्षण और मसौदे पर चर्चा के लिए मंगलवार को दिन भर सीएमओ में बैठकों का दौर चला। दोपहर में कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई। इसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीपी जोशी, मंत्री उदयलाल आंजना के अलावा गुर्जर विधायक जितेंद्र सिंह, अशोक चांदना, शकुंतला रावत, जीआर खटाना शामिल हुए। इसके बाद शाम को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक बुलाई गई। इसमें गुर्जर और सवर्ण आरक्षण के मुद्दे को लेकर करीब 2 घंटे तक चर्चा हुई। संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि सरकार ने अपने घोषणा पत्र में साफ लिखा है कि कानून बनाकर गुर्जरों को 5% आरक्षण देने का काम करेंगे। सरकार ने गुर्जर आंदोलनकारियों से अपील की है कि आंदोलन शांतिपूवर्क करें, लेकिन फिर भी तोड़फोड़ हो रही है।

उत्तरप्रदेश-मध्यप्रदेश से अतरिक्त सुरक्षा बल मंगाया

प्रशासन ने भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर, दौसा और टोंक में सुरक्षा बढ़ा दी है। उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश से अतिरिक्त सुरक्षा बल मंगवाया गया है। आठ जिलों में राजस्थान सशस्त्र बल की 17 कंपनियों की तैनात की गईं। रेलवे स्टेशन और ट्रैक की भी सुरक्षा की जा रही है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

गुर्जर आरक्षण आंदोलन संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष भूरा भगत ने कहा, ‘‘सरकार का प्रतिनिधिमंडल सकारात्मक जवाब देने की बात कह कर गया था, लेकिन अब तक कोई संदेश नहीं आया। ऐसे में अब गुर्जर समाज को अपना आंदोलन तेज करना होगा।’’ इस बीच सरकार ने सरकार ने पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह, स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा और सामाजिक न्याय विभाग मंत्री भंवरलाल मेघवाल की कमेटी बनाई है।

मांग पर अड़े गुर्जर

  • गुर्जर समाज की मांग है कि सरकार सभी प्रक्रिया पूरी करके 5% आरक्षण बैकलॉग के साथ दे।
  • 24 सितंबर 2015 को विधानसभा में एसबीसी विधेयक पारित हुआ था।
  • राज्य सरकार ने 16 अक्टूबर 2015 को नोटिफिकेशन जारी करते हुए इसे लागू किया। ये 14 महीने चला और 9 दिसंबर 2016 को हाईकोर्ट ने खत्म किया।
  • हाईकोर्ट द्वारा आरक्षण पर रोक के बाद यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है।

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Gurjar andolan in different parts of rajasthan


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