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घूस रोकने के लिए जारी किया फोन नंबर, शिक्षा विभाग में नोटिस चिपकाया, अगर काम के बदले कोई रिश्वत मांगे तो करें शिकायत




डीबी स्टार <img src="images/p3.png" जमशेदपुर

सरकारी कार्यालय में काम के बदले घूस लेने घूस नहीं देने पर कर्मचारियों की ओर से फाइल लटका देने के सैकड़ों मामले प्रकाश में आ चुके हैं। इससे जहां लोगों का काम तो रुकता ही है सरकारी कार्यालयों की भी बदनामी होती है।

इस पर रोक लगाने के लिए सरकार ने 06572220322, 06512281337 व 9431105678 नंबर जारी किया है। अगर कोई सरकारी कर्मचारी की ओर से कार्य के लिए घूस की मांग की जा रही है तो इन नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे संबंधित नोटिस शिक्षा विभाग में भी चिपकाया गया है। भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो झारखंड सरकार के पत्र के आलोक में यह सूचना चिपकाई गई है। विभाग के सभी कर्मियों को किसी भी सरकारी काम के लिए किसी व्यक्ति से पैसे की मांग नहीं करने की चेतावनी दी गई है।

15 दिन से डीएसई के ऑफिस में ही पड़ी है फाइल

आदर्श मवि महुलिया के एक शिक्षक ने अपने सेवानिवृत्त लाभ के लिए 22 जनवरी को सभी आवश्यक दस्तावेज विभाग को उपलब्ध करा दिए थे। इसके बाद फाइल आगे राज्य कार्यालय को भेजना था, लेकिन 15 दिन बाद भी यह फाइल डीएसई कार्यालय में दबी पड़ी है। शिक्षक 31 जनवरी को सेवानिवृत्त भी हो गए। लेकिन उनके पेंशन से लेकर सेवानिवृत्ति लाभ से संबंधित कोई भी फाइनल आगे नहीं बढ़ी है। उत्क्रमित मवि रानीडीह के एक शिक्षक का निधन एक वर्ष पूर्व हुआ था। नियमत: उनके बेटे को अनुकंपा पर नौकरी मिलनी है। इस क्रम में जिला अनुकंपा समिति ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है, लेकिन डीईओ कार्यालय द्वारा करीब दो माह से उसे नियुक्ति पत्र नहीं प्रदान किया जा रहा है।

सरकार ने 06572220322, 06512281337 और 9431105678 नंबर किया है जारी

यह है नियम

नियमत: सेवानिवृत्ति के साथ ही शिक्षकों व शिक्षकेतर कर्मचारियों को पेंशन व सभी लाभ मिल जाने चाहिए। संबंधित शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी को सेवानिवृत्ति से पहले ही आवश्यक सभी दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध कराने होते हैं। लेकिन ऐसा करने बाद भी उन्हें समय पर लाभ नहीं मिलता है।

ऐसे काम करता है सिंडिकेट: शिक्षा विभाग में अधिकतम काम शिक्षकों का ही होता है। ऐसे में विभाग के कर्मचारी विभाग में पैठ रखने वाले पुराने शिक्षकों के माध्यम से शिक्षकों से संपर्क कर काम के लिए पैसा तय करते हैं। कुछ दलाल भी विभाग में सक्रिय है जो काम कराने के बदले पैसे लेते हैं।

घूस का भी फिक्स है रेट चार्ट

<img src="images/bulletblack.png"अनुकंपा नौकरी के लिए: 50 – 75 हजार रुपए

<img src="images/bulletblack.png"पेंशन निर्धारण के लिए: 20- 30 हजार रुपए

<img src="images/bulletblack.png"सेवानिवृत्ति लाभ के लिए: 30- 35 हजार रुपए

<img src="images/bulletblack.png"अच्छे जगह प्रतिनियोजन के लिए: 40- 50 हजार रुपए

<img src="images/bulletblack.png"निजी स्कूलों को मैट्रिक में अधिक छात्रों का रजिस्ट्रेशन कराने की अनुमति दिलाने के लिए: 5- 10 हजार रुपए

<img src="images/bulletblack.png"वार्षिक वेतनवृद्धि के फाइल को आगे बढ़ाने के लिए: 500 0 1000 रुपए

 सरकारी काम पारदर्शिता के साथ हो व कोई कर्मचारी रिश्वत न मांगे इसलिए नोटिस चिपकाया है। इसमें तीन फोन नंबर दिया है। अगर कोई सरकारी कर्मचारी काम के बादल घूस मांगता है तो दिए गए नंबरों पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।  शिवेंद्र कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी

ज्यादातर सरकारी शिक्षकों को अपना काम करवाने के लिए ही देना पड़ता है घूस

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Jamshedpur News – the phone number issued to stop the bribe pasted the notice in the education department if any bribe sought for work then complain

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