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3 साल पुरानी गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम को रीलॉन्च करेगी सरकार : देवांग्शु दत्ता



क्रूड सस्ता होने से वैश्विक आर्थिक हालात बेहतर हुए
कच्चे तेल के दाम घटने से वैश्विक आर्थिक हालात बेहतर हुए। अमेरिका ने भारत को ईरान से तेल आयात करने की छूट दी। हालांकि भारत को धीरे-धीरे तेल खरीदना कम करना पड़ेगा। रुपए में तेजी से सुधार हुआ और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से निफ्टी-50 भी ऊपर आया।

गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम में 50 शहरों पर फोकस
सरकार गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम को रीलॉन्च करेगी। पुरानी स्कीम को ज्यादा रिस्पांस नहीं मिलने के कारण कुछ बदलाव किए जा रहे हैं। 40-50 शहरों पर फोकस किया जाएगा। इन शहरों में बैंकों की खास ब्रांच में सोना जमा किया जाएगा। स्कीम 5 नवंबर 2015 को लांच हुई थी। लेकिन इसमें सिर्फ 14.4 टन सोना आया है। स्कीम के तहत जमा सोने पर ब्याज मिलता है। शॉर्ट टर्म यानी 1 से 3 साल तक के लिए जमा सोने को बैंक कर्ज के तौर पर दे सकते हैं। इससे ज्यादा समय के लिए जमा सोना बैंक सरकार को देंगे। एमएमटीसी इसकी नीलामी करेगी। अनुमान है कि घरों में करीब 22,000 टन सोना पड़ा हुआ है।

एसबीआई का नेट एनपीए घटा, प्रोविजनिंग भी कम
एसबीआई को सितंबर तिमाही में 944 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ। इससे पहले तीन तिमाही में बैंक घाटे में रहा था। मुनाफा पिछले साल के 1,581 करोड़ की तुलना में 40% कम है। जून तिमाही में बैंक को 4,875 करोड़ का नुकसान हुआ था। बैंक की शुद्ध ब्याज आय 18,586 करोड़ से 12.5% बढ़कर 20,906 करोड़ हो गई है। मुनाफे की एक बड़ी वजह एसबीआई जनरल लाइफ इंश्योरेंस में हिस्सेदारी बेचने से 1,560 करोड़ मिलना भी है। जून के 5.29% की तुलना में नेट एनपीए 4.84% रह गया है। प्रोविजनिंग भी पिछले साल के 16,541 करोड़ की तुलना में 12,092 करोड़ रह गई।

खराब नतीजों से सिप्ला के शेयरों में गिरावट
दवा कंपनी सिप्ला के नतीजे खराब रहे हैं। सितंबर तिमाही में इसका मुनाफा 11% घटकर 377 करोड़ रुपए रह गया। भारत के अलावा अफ्रीका में बिक्री घटी है। बिक्री पिछले साल के 3,988 करोड से 1% घटकर 3,947 करोड़ रह गई। हालांकि अमेरिका में रेवेन्यू 23% बढ़ा है। नतीजे निराशाजनक होने के कारण शेयर 8% गिर गए।

बोर्ड बैठक में आरबीआई का रिजर्व घटाने पर विचार संभव
सरकार आरबीआई का रिजर्व घटाने की कोशिश कर रही है ताकि उसके फंड से पैसा सरकार को ट्रांसफर किया जा सके। रुपए के प्रबंधन से रिजर्व बैंक को जो लाभ होता है वह इस फंड में रहता है। 19 नवंबर को आरबीआई बोर्ड की बैठक है। इसमें सरकार के प्रतिनिधि पूंजी रिजर्व घटाने का प्रस्ताव रख सकते हैं।

फाइनेंस कंपनियों के होम लोन महंगे होंगे
आईएलएंडएफएस के नए बोर्ड ने एनसीएलटी के सामने कंपनी का कामकाज सुधारने के साथ प्रमोटरों द्वारा निवेश का प्रस्ताव रखा है। नवंबर में एनबीएफसी के करीब एक लाख करोड़ रु. के कर्ज मैच्योर होने वाले हैं। बिना रिफाइनेंसिंग के इनके डिफॉल्ट का खतरा है। अक्टूबर के आखिर में एनबीएफसी ने 30,000 करोड़ जुटाए हैं। इससे राहत मिल सकती है। एनबीएफसी को यह राशि ज्यादा ब्याज पर मिली है, इसलिए हाउसिंग फाइनेंस वाली एनबीएफसी होम लोन पर ब्याज दरें बढ़ा सकती है।

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देवांग्शु दत्ता, कंट्रीब्यूटिंग एडिटर, बिजनेस स्टैंडर्ड

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