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BS6 एमिशन नॉर्म्स आने से बढ़ जाएंगी गाड़ी और ईंधन की कीमतें, लेकिन प्रदूषण स्तर में आएगी कमी



ऑटो डेस्क. बीएसयानी भारतस्टेज एमिशन नॉर्म्स को देश में लगभग दो दशक पहले घोषित किए गए थे। इन एमिशन नॉर्म्स को मुख्य उद्देश्य वाहनों के जरिए होने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना है। यूरोपियन एमिशन नॉर्म्स पर आधारित इन नियमों को हर भारत स्टेज नियमों को और कड़ा करते जाता है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 2000 में BS1 की शुरुआत की, इसके बाद 2005 में BS2, 2010 में BS3 और 2017 में BS4 को लागू किया। वहीं 1 अप्रैल 2020 से पूरे भारत में BS6 एमिशन नॉर्म्स को लागू कर दिया जाएगा।

बढ़तेप्रदूषण स्तर को देखते हुए भारत सरकार ने दूरगामी उपाए अपनाने के लिएBS5 की जगह सीधे BS6एमिशन नॉर्म्स को अपनाने का निर्णय लिया। आइए बात करते हैं नए एमिशन आने से वातावारण और ग्राहकों की जेब पर क्या असर पड़ेगा…

  1. क्या है BS6 एमिशन नॉर्म्स?

    • BS6 यानी भारत स्टेज एमिशन नार्म्स की 6th स्टेज। BS6 फ्यूल में सल्फर की मात्रा BS4 के मुकाबले 5 गुना तक कम होती है। यह एक क्लीन फ्यूल है।
    • वर्तमान में लागू BS4 और आगामी BS6 एमिशन नॉर्म्स के मापदंडों में अहम अंतर फ्यूल में सल्फर की मात्रा है। BS4 कंपाइलेंट फ्यूल में 50 ppm (पार्ट्स पर मिलियन) सल्फर है जबकि BS6 कंपाइलेंट फ्यूल में सिर्फ 10 ppm सल्फर होता है।
    • BS-IV की तुलना में नाइट्रोजन एमिशन लिमिट की बात करें तो लाइट ड्यूटी डीजल व्हीकल में 68% तक की कटौती की जाती है वहीं लाइट ड्यूटी पेट्रोल व्हीकल में यह 25% तक कम है।
    • लाइट ड्यूटी डीजल व्हीकल के लिए BS4 में भारी पार्टिकल मटेरियल (PM) एमिशन स्टैंडर्ड और पार्टिकल नंबर (PN) एमिशन लिमिट (6×1011/किमी) शामिल है। यह उन वाहनों के लिए लागू होता है जिनमें डायरेक्ट इंजेक्शन इंजन मिलते हैं।
  2. यह भारत में कब से लागू हो रहे हैं?

    पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने BS4 व्हीकल को बेचने पर रोक लगा दी थी साथ ही ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर कंपनियों को किसी भी तरह का ग्रेस पीरियड देने से भी मना कर दिया था। साथ ही 1 अप्रैल 2020 से नए एमिशन स्टैंडर्ड को भारत में पूरी तरह से लागू करने का ऐलान कर दिया था।

    कंपनियों ने मांगा था 6 महीने का ग्रेस पीरियड

    कंपनियों ने भरोसा दिलाया था कि वे डेडलाइन से पहले BS-IV वाहनों की बिक्री बंद कर देंगी, लेकिन उन्हें स्टॉक की बिक्री के लिए 6 महीने का ग्रेस पीरियड दिया जाना चाहिए। हालांकि कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी और कहा कि मैन्युफैक्चरिंग के साथ ही बिक्री की भी अनुमति नहीं दी जाएगी।

    BS4से सीधे BS6नॉर्म्स होंगे लागू

    कुछ वक्त पहले पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने 2020 से BS6नॉर्म्स लागू करने का ऐलान किया था। BS6नॉर्म्स के पेट्रोल और डीजल में कम नाइट्रोजन ऑक्साइड व ऐसे तत्व कम होंगे, जो मौजूदा वक्त में बिक रहे BS4नॉर्म्स के फ्यूल में होते हैं।

  3. इसका ऑटो कंपनियों और ग्राहकों पर क्या फर्क पड़ेगा?

    ऑटोमोबाइल कंपनियों को लिए BS6 नॉर्म्स लागू होने के बाद पुरानी टेक्नोलॉजी को नए में बदलाव के लिए बड़ा निवेश करना पड़ेगा साथ ही स्टॉक में मौजूद पुराने व्हीकल की टेक्नोलॉजी में अपग्रेड करना। वहीं नए वाहनों को BS6 कंपाइलेंट इंजन के अनुसार तैयार करना है।

    वहीं ग्राहकों को BS6 एमिशन नार्म्स के लागू हो जाने के बाद वाहनखरीदने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करना होगा। मैन्युफैक्चरर के द्वारा टेक्नोलॉजी में बदलाव के बाद वाहनों की बढ़ी हुई कीमतों का सीधा असर ग्राहकों पर पड़ेगा।

    हालांकि अभी तेल कंपनियां BS6 फ्यूल तैयार करने में आ रहे खर्च ग्राहकों से वसूल नहीं कर रही है लेकिन अप्रैल 2020 के बाद BS6 कंपाइलेंट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी होने के आसार है।

    बड़ा इन्वेस्टमेंट कर रही हैं ऑयल कंपनियां

    • देश में BS-VI नॉर्म्स लागू करने की दिशा में सरकारी ऑइल कंपनियां काफी तैयारी कर रही हैं।
    • ये कंपनियां BS-VI कंप्लायंट फ्यूल के प्रोडक्शन के लिए खुद को अपग्रेड करने के लिए 30 हजार करोड़ रुपए का इन्वेस्ट कर रही हैं।
    • ऑइल कंपनियों और ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के अधिकारियों के मुताबिक पुरानी गाड़ियों को BS-VI फ्यूल पर चलने से कोई समस्या नहीं होगी, हालांकि इंजन इफीशिएंसी कम हो सकती है।
  4. किनकारों को बंद किया जा रहा है और क्यों?

    BS6 एमिशन नॉर्म्स आने के कारण कई कंपनियों ने कुछ मॉडल्स को भारतीय बाजार से बाहर करने का फैसला लिया है, क्योंकि इन कारों को BS4 से BS6 में बदलने के लिए कंपनी को ज्यादा खर्च करना पड़ता। इन मॉडल्स में…

    • महिंद्रा नोवास्पोर्ट
    • फिएट लिनिया (डीजल)
    • फिएट पुंटो (डीजल)
    • फिएट एवेंचुरा
    • टाटा इंडिगो eCS
    • टाटा सूमो
    • टाटा जेस्ट
    • टाटा बोल्ट
    • टाटा नैनो
  5. भारत में इसे लागू करने कीजरूर क्यों पड़ी?

    • वायू प्रदूषण के मामले में विश्व में 9वें स्थान पर आता है यह वायू प्रदूषण का स्तर दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। इस लिए कारों को BS6 में कन्वर्टल करना लोगों को और ऑटो कंपनियों को एक कठोर कदम लग सकता है लेकिन प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए यह उतना ही जरूरी है।
    • हाल ही में चीन ने यूरो 5 एमिशन नॉर्म्स को लागू किया है तो यदि हमें दूसरे देशों से मुकाबला करना है तो BS6 एमिशन नॉर्म्स को लागू करना ही होगा।
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      BS6 emission norms and BS4 emission norms know difference between them, know date feaatures and importance

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