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Hindi News / धर्म एवं आध्यात्म

धर्म एवं आध्यात्म

वृन्दावन का निधिवन

आचार्य डॉ. प्रदीप द्विवेदी(पत्रकार/लेखक) कहा जाता है की निधिवन की सारी लताये गोपियाँ है। जो एक दूसरे कि बाहों में बाहें डाले खड़ी है जब आधी रात में निधिवन में राधा रानी जी, बिहारी जी के साथ रास लीला करती है। तो वहाँ की लता पताये गोपियाँ बन जाती है। …

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संस्कृत ग्रन्थों के गणितीय समीकरण

संकलन एवं सम्पादन-आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी “चतुरस्रं मण्डलं चिकीर्षन्न् अक्षयार्धं मध्यात्प्राचीमभ्यापातयेत्।यदतिशिष्यते तस्य सह तृतीयेन मण्डलं परिलिखेत्।” बौधायन ने उक्त श्लोक को लिखा है !इसका अर्थ है – यदि वर्ग की भुजा 2a होतो वृत्त की त्रिज्या r = [a+1/3(√2a – a)] = [1+1/3(√2 – 1)] aये क्या है ? अरे …

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एकलव्य का अंगूठा- एक दृष्टिकोण

आचार्य डॉ. प्रदीप द्विवेदी (पत्रकार/ लेखक) श्वेत वस्त्र पहने हुए, अनाहत तक पहुंचती श्वेत दाढी, कंधे पर जनेऊ और मुख पर अदम्य तेज युक्त द्रोण ने अपने श्वान की ओर गंभीर दृष्टि से देखा, “ले चलो जहां ये बाण मिला तुम्हें” थोडी ही देर पहले वे जब अपने आश्रम में …

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परमतत्व तक पहुंचने की कुंजी हैं उपनिषद

आचार्य डा0 प्रदीप द्विवेदी (वरिष्ठ सम्पादक- इडेविन टाइम्स) उपनिषद आध्यात्म विद्या अथवा ब्रह्म विद्या को कहते हैं। उपनिषद वेद का ज्ञानकाण्ड हैं। यह वह ज्ञान दीपक है जो स्रष्टि के आदि से प्रकाशमान है और जो शाश्वत है, सनातन है, अक्षर है। इनके प्रकाश में वह अमरत्व है जिसमें सनातन …

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प्रेम ही श्रष्टि की मूल ऊर्जा है

आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी पत्रकार एवं आध्यात्मिक लेखक   प्रेम ही सृष्टि की मूल उर्जा है । हम अपने हृदय मे जितना प्रेम महसूस करते है हमे उतना ही प्रेम मिलता है। प्रेम एक रेडियो स्टेशन  की  तरह है । यह प्रसारण परमपिता परमात्मा  की  ओर से हर समय प्रसारित …

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