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CISCE ने इस सत्र से 10वीं और 12वीं में शुरू कीं पूरक परीक्षाएं



भोपाल। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने कक्षा 10वीं और 12वीं यानी आईसीएसई और आईएससी परीक्षाओं के परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया है। परिषद ने कई कदम उठाए हैं, जो पढ़ाई को छात्रो और स्कूल के अनुकूल बनाएंगे। इनमें सबसे बड़ा बदलाव यह है कि बोर्ड ने आईसीएसई और आईएससी दोनों स्तरों पर पूरक परीक्षाओं की शुरुआत है।

2019-20 सत्र से कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के छात्रों के पास परीक्षा में असफल होने पर सफलता के लिए प्रयास करने का एक और मौका होगा। जो छात्र परीक्षा में असफल होते हैं, उन्हें कंपार्टमेंटल परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, पूरक परीक्षा की सुविधा तो शुरू हो रही है, लेकिन एक छात्र साल में केवल एक कंपार्टमेंटल परीक्षा ही दे पाएगा। यह परीक्षा हर साल जुलाई में हाेगी और जिसके परिणाम अगस्त में घोषित किए जाएंगे।

थाईलैंड पर केन्द्रित भूगोल का भी होगा विकल्प : परिषद ने कक्षा 10 और कक्षा 12 (ICSE और ISC) दोनों के लिए परीक्षा पैटर्न को बदलने की भी घोषणा की है। 2021 से, दोनों कक्षाओं में नए विषय भी शुरू किए जाएंगे। आईसीएसई के समूह I के लिए इतिहास, नागरिक शास्त्र और भूगोल (थाईलैंड) थाई राष्ट्रीयता वाले बच्चों के लिए पढ़ना अनिवार्य होगा। जबकि, दूसरे रीजन के बच्चे इन विषयों को विकल्प के रूप में चुन सकते हैं। साथ ही छात्रों के पास विकल्प होगा कि वे या तो इतिहास, नागरिक शास्त्र और भूगोल पढ़ें या फिर इतिहास, नागरिक शास्त्र और भूगोल (थाईलैंड) पढ़ें।

शेक्सपियर को भी पढ़ेंगे : आईएससी में आतिथ्य प्रबंधन और कानूनी अध्ययन के विषय भी शुरू हो रहे हैं। कक्षा 10वीं और 9वीं के प्रश्नपत्रों के हिसाब से ही 6वीं और 8वीं के पाठ्यक्रम काे एलाइन किया जाएगा। आईसीएसई और आईएससी दोनों स्तरों पर अंग्रेजी के पेपर – II के रूप में जाना जाने वाले अंग्रेजी साहित्य के पाठ्यक्रम में शेक्सपियर के नाटक, कविता पढ़नी अनिवार्य होंगी।

छात्रों को मिलेगी मदद : द संस्कार वैली स्कूल के प्रिंसिपल अमलान के साहा ने बताया कि आईसीएससीई ने पहली बार पूरक परीक्षाएं कराने का निर्णय लिया है, जो छात्रों के हित में है। पूरक परीक्षाओं के माध्यम से छात्रों को अपना प्रदर्शन सुधारने का मौका मिलेगा। बोर्ड पाठ्यक्रम में कई बदलाव भी करने जा रहा है, जो अगले सत्र से देखने को मिलेंगे।

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