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Hindi News / राशिफल / Hanuman Jayanti 2019: देवराज इंद्र के वज्र के प्रहार से अचेत हो गए थे हनुमानजी, होश में आने पर ब्रह्मदेव सहित अनेक देवताओं ने दिए थे उन्हें वरदान 

Hanuman Jayanti 2019: देवराज इंद्र के वज्र के प्रहार से अचेत हो गए थे हनुमानजी, होश में आने पर ब्रह्मदेव सहित अनेक देवताओं ने दिए थे उन्हें वरदान 



रिलिजन डेस्क। धर्म ग्रंथों के अनुसार, चैत्र मास की पूर्णिमा पर हनुमान जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 19 अप्रैल, शुक्रवार को है। हनुमानजी भगवान शिव के अवतार हैं, ये बात तो सभी जानते हैं, लेकिन उन्हें इतनी सारी शक्तियां कैसे प्राप्त हुई, इसके बारे में कम ही लोग जानते हैं। इससे संबंधित कथा वाल्मीकि रामायण में मिलती है, जो इस प्रकार है-

इस घटना के बाद हनुमानजी बने इतने शक्तिशाली
वाल्मीकि रामायण के अनुसार, बचपन में जब हनुमान सूर्यदेव को फल समझकर खाने को दौड़े तो घबराकर देवराज इंद्र ने हनुमानजी पर वज्र का वार किया। वज्र के प्रहार से हनुमान बेहोश हो गए। यह देखकर वायुदेव बहुत क्रोधित हुए और उन्होंने समस्त संसार में वायु का प्रवाह रोक दिया। संसार में हाहाकार मच गया। तब परमपिता ब्रह्मा हनुमान को होश में लाए। उस समय सभी देवताओं ने हनुमानजी को वरदान दिए। इन वरदानों से ही हनुमानजी परम शक्तिशाली बन गए।

देवताओं ने ये वरदान दिए हनुमानजी को
1.
भगवान सूर्य ने हनुमानजी को अपने तेज का सौवां भाग देते हुए कहा कि जब इसमें शास्त्र अध्ययन करने की शक्ति आ जाएगी, तब मैं ही इसे शास्त्रों का ज्ञान दूंगा, जिससे यह अच्छा वक्ता होगा और शास्त्रज्ञान में इसकी समानता करने वाला कोई नहीं होगा।
2. धर्मराज यम ने हनुमानजी को वरदान दिया कि यह मेरे दण्ड से अवध्य और निरोग होगा।
3. कुबेर ने वरदान दिया कि इस बालक को युद्ध में कभी विषाद नहीं होगा तथा मेरी गदा संग्राम में भी इसका वध न कर सकेगी।
4. भगवान शंकर ने यह वरदान दिया कि यह मेरे और मेरे शस्त्रों द्वारा भी अवध्य रहेगा।
5. देव शिल्पी विश्वकर्मा ने वरदान दिया कि मेरे बनाए हुए जितने भी शस्त्र हैं, उनसे यह अवध्य रहेगा और चिंरजीवी होगा।
6. देवराज इंद्र ने हनुमानजी को यह वरदान दिया कि यह बालक आज से मेरे वज्र द्वारा भी अवध्य रहेगा।
7. जलदेवता वरुण ने यह वरदान दिया कि दस लाख वर्ष की आयु हो जाने पर भी मेरे पाश और जल से इस बालक की मृत्यु नहीं होगी।
8. परमपिता ब्रह्मा ने हनुमानजी को वरदान दिया कि यह बालक दीर्घायु, महात्मा और सभी प्रकार के ब्रह्दण्डों से अवध्य होगा। युद्ध में कोई भी इसे जीत नहीं पाएगा। यह इच्छा अनुसार रूप धारण कर सकेगा, जहां चाहेगा जा सकेगा। इसकी गति इसकी इच्छा के अनुसार तीव्र या मंद हो जाएगी।

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Hanuman Jayanti 2019, 19 April: Know importance, Pujan Vidhi and Katha of Lord Hanuman: Dainik Bhaskar Hindi

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