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Hindi News / राशिफल / Mahavir Jayanti 2019: एक बार महावीर स्वामी जंगल में तपस्या कर रहे थे, कुछ चरवाहे उन्हें रोज परेशान करने लगे, जब गांव वालों को पता चला तो उन्होंने महावीर से माफी मांगी, महावीर ने कहा- वे चरवाहे भी मेरे अपने हैं 

Mahavir Jayanti 2019: एक बार महावीर स्वामी जंगल में तपस्या कर रहे थे, कुछ चरवाहे उन्हें रोज परेशान करने लगे, जब गांव वालों को पता चला तो उन्होंने महावीर से माफी मांगी, महावीर ने कहा- वे चरवाहे भी मेरे अपने हैं 



रिलिजन डेस्क। वर्धमान महावीर जैन धर्म के प्रवर्तक भगवान श्रीआदिनाथ की परंपरा में चौबीसवें तीर्थंकर थे। महावीर स्वामी ने ही अहिंसा परमो धर्म का संदेश पूरी दुनिया में फैलाया। वर्धमान महावीर का जन्मदिवस जैन अनुयायियों द्वारा प्रतिवर्ष मनाया जाता है। इस बार महावीर जयंती का पर्व 17 अप्रैल, बुधवार को है। इस मौके पर जानिए महावीर स्वामी से जुड़ा एक प्रेरक प्रसंग…

जब महावीर ने माफ किया चरवाहों को
– एक बार भगवान महावीर जंगल में तपस्या कर रहे थे। वे एकाग्रचित्त हो प्रभु के ध्यान में रमे थे। उस जंगल में चरवाहे भी गाय, भेड़, बकरियां चराने आते थे। चूंकि चरवाहे अशिक्षित व अज्ञानी थे, इसलिए वे तपस्या के महत्व को नहीं जानते थे।
– जब भी वे भगवान महावीर को तपस्यामग्न देखते, उनका मजाक उड़ाते और ध्यान भंग करने की कोशिश करते, किंतु महावीर कभी भी इन सबसे विचलित नहीं होते और अपनी तपस्या में अटल भाव से लगे रहते।
– धीरे-धीरे यह बात आसपास के गांवों के निवासियों तक भी पहुंची। तब कुछ ग्रामीण जंगल में भगवान महावीर के पास गए। जब महावीर ने आंखें खोलीं, तब उन ग्रामीणों ने उनसे कहा- भगवान, नासमझ चरवाहे आपको परेशान कर रहे हैं। हम उनकी ओर से आपसे क्षमा चाहते हैं। हमने यह सोचा है कि हम सभी मिलकर आपके लिए एक कमरे का निर्माण करवा दें तथा वहां आपकी सुरक्षा का भी प्रबंध कर दें, जिससे आपकी साधना में कोई परेशानी न हो।
– भगवान महावीर ने उनकी बात शांति से सुनी और बोल- ये चरवाहे भी मेरे अपने ही हैं। यदि बच्चे प्यार से माता-पिता का मुंह अपने छोटे-छोटे हाथों से नोचते हैं तो क्या माता-पिता उन्हें गोद में लेने से इनकार कर देते हैं? नहीं न। आपका धन मेरे लिए कमरा बनवाने की अपेक्षा निराश्रितों के काम आने पर अधिक उपयोगी रहेगा।
– ग्रामीणों के साथ वे अज्ञानी चरवाहे भी महावीर के हृदय की विशालता देखकर उनके चरणों में नतमस्तक हो गए।

लाइफ मैनेजमेंट
कुछ लोग सबकुछ जानते हुए भी पाप करते हैं, जबकि कुछ लोगों से अनजाने में पाप कर्म हो जाता है। ऐसे लोग अज्ञानी होते हैं, वे अच्छे और बुरे का भेद नहीं जानते। ऐसे लोगों को माफ कर देना चाहिए और सत्य के मार्ग पर ले जाना चाहिए।

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