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आपके रिटर्न को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने प्रोसेस नहीं किया? तुरंत करें यह उपाय

प्रीति मोतियानी
आपके इनकम टैक्स रिटर्न () फाइल करने के बाद टैक्स डिपार्टमेंट इसकी जांच-पड़ताल (प्रोसेसिंग) करता है और इसके बाद आपको इनकम टैक्स के सेक्शन 143(1) के तहत इंटिमेशन नोटिस भेजता है। आपको इंटिमेशन नोटिस का मिलना जरूरी है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि आपके द्वारा रिटर्न में भरी गई डीटेल विभाग के रेकॉर्ड से मैच कर गई है। की प्रोसेसिंग में आयकर विभाग अधिकतम एक महीने का वक्त लेता है।

आईटीआर फाइलिंग वेबसाइट टैक्स2विन के को फाउंडर तथा सीईओ अभिषेक सोनी कहते हैं, ‘करदाता द्वारा अपने रिटर्न को वेरिफाई करने के बाद आयकर विभाग आईटीआर की प्रोसेसिंग शुरू कर देता है। बेंगलुरु स्थित सेंट्रल प्रॉसेसिंग सेंटर को आईटीआर की प्रोसेसिंग करने में एक महीने का वक्त लगता है, जिस दौरान वह आपके द्वारा क्लेम किए गए टीडीएस का फॉर्म 26एएस से मिलान करता है, जोड़-घटाव में किसी तरह की गलती की जांच करने के साथ टैक्स तथा इंट्रेस्ट का कैलकुलेशन करता है। आप यह याद रखें कि आयकर विभाग को आईटीआर की प्रोसेसिंग जिस वित्त वर्ष में रिटर्न फाइल की गई है, उसके समाप्त होने से एक साल के एक्सपायरी पीरियड के भीतर करनी होती है। इसलिए, वित्त वर्ष 2018-19 के लिए फाइल की गई आईटीआर की प्रोसेसिंग 31 मार्च, 2021 तक हो जानी चाहिए।’

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जब आईटीआर की प्रोसेसिंग हो जाती है तो आयकर विभाग आपको एक इंटिमेशन नोटिस भेजता है।

क्या करें, जब आईटीआर प्रॉसेस न हुआ हो?
जब आप अपना आईटीआर भर देते हैं तो आपके टैक्स रिटर्न का स्टेटस ‘रिटर्न सबमिटेड ऐंड वेरिफाइड’ दिखाता है। हालांकि, लंबे वक्त के बाद भी अगर टैक्स विभाग द्वारा आपके आईटीआर की प्रोसेसिंग न की गई हो तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं।

शिकायत (ग्रेवियंस) करने के लिए निम्न स्टेप्स को फॉलो करें।

स्टेप 1– आयकर विभाग की वेबसाइट www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं और अपना अकाउंट लॉग इन करें।

स्टेप 2– ई-फाइलिंग वेबसाइट पर ‘ई-निवारण’ टैब में ‘सब्मिट ग्रेवियंस’ ऑप्शन को सेलेक्ट करें।

स्टेप 3– ‘ग्रेवियंस’ टैब को सेलेक्ट करें। पर्सनल डीटेल को क्रॉस चेक करें, जो ऑटो-पोपुलेटेड होता है।

स्टेप 4– ग्रेवियंस डीटेल्स को भरने के लिए नीचे दिए गए ऑप्शंस को सेलेक्ट करें।

a: रेजॉल्यूशन साउट फ्रॉम- सेंट्रलाइज्ड प्रॉसेसिंग सेंटर फॉर इनकम टैक्स रिटर्न (CPC-ITR)

b: ग्रेवियंस कैटिगरी- प्रोसेसिंग

c: ग्रेवियंस सब कैटिगरी- अदर्स-प्रॉसेसिंग

d: असेसमेंट इयर- वित्त वर्ष 2018-19 के लिए फाइल किए गए आईटीआर के लिए 2019-20, अगर रिटर्न वित्त वर्ष 2017-18 के लिए प्रॉसेस नहीं किया गया हो तो आप असेसमेंट इयर 2018-19 सेलेक्ट करेंगे।

डिस्क्रिप्शन बॉक्स में आपको अपनी शिकायत का विवरण देना होगा। आपके पास अपनी शिकायत के सपोर्ट में डॉक्युमेंट्स अपलोड करने का भी विकल्प है। याद रखें कि उचित विकल्प को सेलेक्ट करने के बाद केवल पीडीएफ फाइल ही अपलोड किए जा सकते हैं। टोटल अटैचमेंट साइज 5 एमबी से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

स्टेप 5– प्रीव्यू पर क्लिक करें और सब्मिट करें। नए वेबपेज पर फाइनल सबमिशन से पहले अपनी शिकायत के तमाम विवरणों की अच्छी तरह जांच करें।

स्टेप 6– सब्मिट पर क्लिक करें। जब आपकी शिकायत सब्मिट हो जाएगी, तो आपके स्क्रीन पर आपका ग्रेवियंस आईडी जेनरेट होगा। इंटिमेशन आपके रजिस्टर्ड ई-मेल आईडी पर भेज दिया जाएगा। ग्रेवियंस को डाउनलोड करने के लिए आपको एक लिंक भी नजर आएगा।
सामान्यतया, आयकर विभाग ग्रेवियंस का जवाब सात से 10 दिनों के भीतर देता है। आप ई-फाइलिंग वेबसाइट पर अपने ग्रेवियंस का स्टेटस भी चेक कर सकते हैं।

ई-फाइलिंग वेबसाइट पर अपने ग्रेवियंस को इस तरह ट्रैक करें

स्टेप 1– www.incometaxindiaefiling.gov.in वेबसाइट पर अपने अकाउंट में लॉगइन करें।

स्टेप 2– ई-निवारण टैब में ग्रेवियंस स्टेटस को सेलेक्ट करें।

स्टेप 3– आपका पेंडिंग ग्रेवियंस आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देगा।

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