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कभी 18 खातों में थे सिर्फ 1261 रुपये

Bनैशनल पीजी कॉलेज का संस्थापक दिवस आज:B जानिए कैसे B29 साल में ऊंचाइयों पर पहुंचा कॉलेजB

Bएनबीटी, लखनऊ

Bप्रदेश के टॉप कॉलेजों में शुमार नेशनल पीजी कॉलेज की स्थापना के आज यानी रविवार को 45 साल पूरे गए हैं। इस अवसर पर चारबाग के रवींद्रालय में शाम पांच बजे कार्यक्रम होगा। एक वक्त था जब यहां विद्यार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त क्लास रूम थे न पीने के लिए पानी, लेकिन आज हाईटेक लाइब्रेरी से लेकर कई सुविधाएं हैं। खास बात यह है कि यहां दाखिले के लिए हर साल मारामारी रहती है। नैक के ए-ग्रेड का तमगा पा चुके इस कॉलेज के 29 साल में जमीन से ऊचांइयों तक के सफर पर पेश है एक रिपोर्ट :

नेशनल पीजी कॉलेज की स्थापना 14 जुलाई 1974 में मोती लाल मेमोरियल सोसायटी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्त ने की थी। कॉलेज में शुरुआत में बीए और बीकॉम कोर्सों के साथ दाखिले शुरू हुए थे। संसाधनों की कमी की वजह से काफी साल कॉलेज ऐसे ही चलता रहा। कॉलेज में 1991 से बदलाव शुरू हुए। तब से लगातार कॉलेज नई ऊंचाइयां छूता गया। आज यह यूपी के टॉप कॉलेजों में शुमार है और यहां दाखिला पाने के लिए प्रदेश भर से छात्र आते हैं। एलयू के वीसी और कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रफेसर एसपी सिंह के मुताबिक जब उन्होंने कॉलेज प्राचार्य का पदभार संभाला था तब बीए और बीकॉम में 150 छात्र थे। इसके अलावा बिजली थी न पानी। क्लास में बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था तक नहीं थी। कॉलेज के 18 खातों में मात्र 1261 रुपये थे। कॉलेज को टॉप पर ले जाना चुनौतीपूर्ण था। साल 1991 से 2016 तक के सफर में 70 क्लास रूम, 6 कम्प्यूटर लैब, छह ऑडिटोरियम सहित कई कोर्सों के अलावा बहुत सी सुविधाएं उपलब्ध करवाईं। यही नहीं, नैक का ए-ग्रेड भी कॉलेज को मिला।

Bनाम रोशन कर रहे पूर्व छात्र

Bनेशनल पीजी कॉलेज से पढ़कर निकले कई पूर्व छात्र आज ऊंचे पदों पर कार्यरत हैं। इनमें पीजीआई के डॉ. सुनील प्रधान से लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा कृष्णा नगर के ब्रांच मैनेजर अमित झा, स्वाति सक्सेना, मयंक प्रसाद, रितिका पाल, मिलिंद राज के नाम शामिल हैं।

BकोटB

कॉलेज में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा शुरू हो गई है। विद्यार्थियों के आईकार्ड पर बारकोड सिस्टम भी लागू किया गया है। साढ़े तीन दशक से यहां शिक्षण के दौरान मैंने बदलाव के सभी दौर देखे हैं। एक बार ऊंचाई पर पहुंचने पर उसे कायम रखने के साथ ही और ऊंचाई पर ले जाने की कोशिश जारी है।

Bडॉ. नीरजा सिंह, प्राचार्या, नेशनल पीजी कॉलेज

एक नजर B

B-वर्तमान में विद्यार्थी :B 6000

B-शिक्षकों की संख्या :B 12 रेग्युलर, 78 सेल्फ फाइनैंस, 40 गेस्ट लेक्चर

B-क्लास :B बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीबीएएमएस, बीकॉम, ऑर्नस, बीसीए, वीवोक, एमवोक, एमए, एमकॉम, एमएससी, एडऑन कोर्सेज

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