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कश्मीरी छात्रों से बोले योगी- संवाद से ही निकलेगा रास्ता, बात रखने में ना करें संकोच

लखनऊ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अलीगढ़ में पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्रों से शनिवार को मुलाकात की। सीएम ने जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने और प्रदेश में सुरक्षा की स्थिति के मुद्दे पर कश्मीरी छात्रों से संवाद किया। सीएम के इस कार्यक्रम का एएमयू के छात्रों ने बहिष्कार किया।

एएमयू के छात्रों के बहिष्कार के बाद अलीगढ़ के ही विभिन्न प्राइवेट कॉलेजों में पढ़ाई करने वाले कुछ छात्रों को सीएम के संवाद कार्यक्रम में पहुंचाया गया। सीएम ने बातचीत के दौरान कहा, ‘आज हो रहे संवाद में जो बात निकलेगी, उसको हम जम्मू कश्मीर के शासन से बात कर समस्याओं का समाधान निकाल सकते हैं। संवाद होना जरूरी है। मेरे साथ जो भी बात आप करेंगे वह गोपनीय रहेगी। संवाद के द्वारा हम अच्छा माहौल बना सकते हैं।’

‘सुलझाएंगे समस्या, अपनी बात रखने में ना करें संकोच’
उन्होंने कहा, ‘आज आप पढ़ाई कर रहे हैं, कल आप प्रशासनिक नौकरी के लिए भी आ सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि उत्तर प्रदेश को आप जानें। लोकतांत्रिक माहौल में संवाद सबसे अधिक जरूरी है। लोकतंत्र का मतलब सबका विकास है। बेहतर पहल के लिए आज यह प्रयास किया जा रहा है। राज्य स्तर की जो भी समस्या होगी, उसे हम सुलझाने का प्रयास करेंगे। प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर बच्चे हैं, उनके साथ समय-समय पर मैं संवाद करुंगा। सभी लोग अपनी बात रखने में कोई संकोच न करें।’

राजनीति से प्रेरित बता एएमयू के छात्रों ने किया बहिष्कार
इससे पहले एएमयू के छात्रों ने सीएम के इस कदम को राजनीति से प्रेरित बताते हुए जाने से इनकार कर दिया था। एएमयू के एक कश्मीर छात्र ने कहा, ‘सरकार का यह कदम पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। वे (सरकार) पूरी दुनिया को यह दिखाना चाहते हैं कि वहां सब कुछ सामान्य है और सभी उनके विवादास्पद निर्णय से खुश हैं जबकि यह पूरी तरह से गलत है।’

उन्होंने कहा कि एएमयू में पढ़ने वाले राजनेताओं के हाथों की कठपुतली नहीं बनने वाले हैं, ताकि वे यह दिखा सकें कि कश्मीर के निवासियों के साथ उनका संबंध कितना अच्छा है। कश्मीरी छात्रों ने अपने एक बयान में कहा, ‘यदि केंद्र में बैठी सरकार ने हमारे राजनीतिक भाग्य का फैसला करते समय हमसे न पूछा न सलाह ली, यहां तक कि उन्होंने हमें हमारे प्रियजन से बात करने पर भी पाबंदी लगा दी है तो उन्होंने किस नैतिकता के आधार पर हमें बातचीत के लिए निमंत्रण भेजा है।’

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