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ठाणेः रात में साढ़े दस बजे दिया भाषण, रैली में जलाए गए पटाखे, रामदास अठावले के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी

ठाणे
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ध्वनि प्रदूषण नियमों के उल्लंघन को लेकर मुश्किल में पड़ सकते हैं। सोमवार देर रात उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के दस बजे के बाद तेज ध्वनि के प्रतिबंध का उल्लंघन किया। उन्होंने उल्हासनगर में रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) रैली में रात लगभग 10.23 बजे तेज आवाज में भाषण दिया। इतना ही नहीं पटाखे जलाने के बैन को दरकिनार करते हुए उनके कार्यक्रम में तेज आवाज के पटाखे भी जलाए गए।

आठवले आरपीआई के प्रमुख हैं और मोदी सरकार में सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण में कनिष्ठ मंत्री हैं। उनका शाम को उल्हासनगर पहुंचने का कार्यक्रम था लेकिन वह रात 10 बजे के बाद यहां पहुंच सके। इस कार्यक्रम का आयोजन एक स्थानीय नेता भगवान भालेराव ने किया था। कार्यक्रम के दौरान आठवले से भाषण देने का आग्रह किया गया। आठवले को सुनने के लिए लगभग चार घंटे से इंतजार कर रहे लोगों उनके बोलने की शुरुआत में ही जोश में आए और खूब नारे लगाए।

हाई कोर्ट पहुंचेगा मामला
घटना के बाद पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत भालेराव और साउंड सिस्टम ऑपरेटर प्रमोद थोरात के खिलाफ मामला दर्ज किया। हालांकि ऐंटी नॉइस पलूशन कार्यकर्ता सरिता खानचंदानी ने कहा कि वह आठवले पर पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ हाई कोर्ट में मामला दायर करेंगी। उन्होंने कहा कि भालेराव की ही तरह आठवले के खिलाफ भी शोर नियमों का उल्लंघन करने का मामला दर्ज होना चाहिए थे।

टिकट के दावेदार नेता ने आयोजित की थी रैली
आरपीआई के उल्हासनगर प्रमुख भालेराव महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने आरपीआई टिकट की उम्मीदवारी के लिए ही कार्यक्रम का आयोजन किया था। हालांकि चार मिनट के भाषण के दौरान आठवले ने सीधे तौर पर उनकी उम्मीदवारी की घोषणा नहीं की। आठवले ने सिर्फ यही कहा कि वह सहयोगी बीजेपी के साथ चर्चा के बाद भालेराव को टिकट दिलाने की कोशिश करेंगे।

नियम के उल्लंघन के बारे में पूछे जाने पर आठवले ने पत्रकारों को बताया कि इस कार्यक्रम के आयोजकों ने उन्हें बताया था कि उन लोगों ने देर से भाषण दिए जाने की अनुमति ली है। डीसीपी (जोन 3, ठाणे) प्रमोद शेवाले ने कहा कि यदि जरूरत पड़ने पर दूसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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