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बच्चे को जन्म से है Hiv/Aids तो ऐसे जी पाएगा लंबी जिंदगी

जानकारी के मुताबिक, सब-सहारा अफ्रीका में हर दिन करीब 500 बच्चे वायरस के साथ पैदा होते हैं। इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि बोत्सवाना के एक अध्ययन से पता चलता है कि अगर नवजात शिशुओं को तुरंत उपचार दिया जाता है तो एचआईवी का वायरस उनमें लंबे समय के लिए पूरी तरह निष्क्रिय हो जाता है। यह बात एनपीआर की पिएन हुआंग की रिपोर्ट में कही गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जन्म के कुछ महीने बाद जिन बच्चों को एचआईवी का ट्रीटमेंट दिया जाता है, उनमें उन बच्चों की तुलना में 200 प्रतिशत अधिक वायरस होते हैं, जिन्हें जन्म के तुरंत बाद इसका ट्रीटमेंट मिल गया हो। इसका अर्थ यह होता है कि बच्चे को दी जानेवाली दवाएं बच्चे के शरीर को पूरी तरह वायरस की गिरफ्त में नहीं आने देती हैं। ऐसे में वायरस सीमित रहता है बच्चा जैसी बीमारी से लंबे समय तक बचा रह सकता है।

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लेकिन विशेषज्ञों के सामने इस बारे में सबसे बड़ी चुनौती उन डोज को तैयार करने की है, जो बच्चों को जन्म के तुरंत बाद दी जा सकें। क्योंकि इस वायरस को रोकने के लिए यूज की जानेवाली ड्रग्स काफी हैवी होती हैं और अक्सर नवजात शिशु इतनी हैवी डोज को झेल नहीं पाते हैं। साथ ही विशेषज्ञों को इस बीमारी के खिलाफ लड़ने के लिए वास्तव में इस तरह के बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है, जो बोत्सवाना या संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देश में मौजूद है ताकि इन बच्चों की पहचान करने और इन्हें तुरंत एचआईवी रोकथाम की दवाएं देने का काम तेजी से किया जा सके।

बोत्सवाना में हुए एक ताजा परीक्षण के रिजल्ट के आधार पर विशेषज्ञ इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि दवाइयों के असर से जुड़े इस परीक्षण के दौरान दो साल पहले जिन दस एचआईवी पॉजिटिव शिशुओं को उनके जन्म के शुरुआती कुछ घंटों के अंदर ही तीन-ड्रग्स का कॉकटेल दिया गया था, उन बच्चों के शरीर में एचआईवी के वायरस बेहद कम और लगभग निष्क्रिय स्थिति में रहते हैं। जबकि जिन बच्चों को यह डोज नहीं दी गई थी, उनमें इन वायरस की संख्या 200 गुना तक होती है।

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अपनी बात को क्लियर करते हुए एक्सपर्ट्स आगे कहते हैं कि हालांकि वे बच्चे जिन्हें जन्म के शुरुआती कुछ घंटों के बीच ही एचआईवी वायरस को रोकने के लिए डोज दी गई थी, वे पूरी तरह इस वायरस से मुक्त नहीं हुए हैं। लेकिन उन बच्चों में इस वायरस के बढ़ने की दर काफी धीमी हो जाती है। इससे वे बच्चे लंबी और क्वालिटी लाइफ जी सकते हैं।

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