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बिहार के ‘राजनीतिक सूरमा’ झारखंड में तलाश रहे जमीन

रांची
बिहार में अपने बड़े वोट बैंक पर गुमान करने वाले राजनीतिक ‘सूरमा’ झारखंड में होनेवाले में राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) हो या बिहार की सबसे ज्यादा विधायकों वाली पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (जेडीयू) या फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) हो, सभी बिहार के अपने जातीय समीकरण का जोड़-घटाव कर में अपने गढ़ को दुरुस्त करने में जुटे हैं।

ये सभी दल झारखंड में भी अपनी ‘सोशल इंजिनियरिंग’ के सहारे उन जातीय वर्ग में पैठ बनाने की कोशिश में हैं, जिससे अब तक बिहार में सफलता पाते रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री और जेडी(यू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बीजेपी से अलग अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर अपने पुराने वोटरों को गोलबंद करना शुरू कर दिया है। जेडी(यू) की नजर राज्य में दर्जनभर से ज्यादा सीटों पर है।

जेडी(यू) का अधिक ध्यान पलामू, दक्षिणी छोटानागपुर और उत्तरी छोटानागपुर की उन सीटों पर है, जहां जेडी(यू) का परंपरागत आधार रहा है। जेडी(यू) अपने वरिष्ठ नेता आर. सी. पी. सिंह के नेतृत्व में राज्यभर के चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ता सम्मेलन सह जनभावना यात्रा निकालकर अपने वोटबैंक को एकजुट करने में जुटी है।

जेडी(यू) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य प्रवीण सिंह कहते हैं, ‘जेडी(यू) पूरे दमखम के साथ इस चुनाव में उतरेगी और अपनी सोच समावेशी समाज, समावेशी विकास को लेकर जनता के बीच जा रही है।’ उन्होंने कहा कि जनता विकास चाहती है और बिहार में 14 वर्षों का शासनकाल इसका जीता जागता उदाहरण है। इधर, 20 सितंबर को झारखंड के हुसैनाबाद से लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) ने भी अपने चुनावी अभियान का आगाज कर दिया है।

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान की नजर पलामू और संताल परगना की छह सीटों पर है। एलजेपी के एक नेता का कहना है कि उनकी पार्टी एनडीए में है और अपनी सीटों पर दावेदारी करेगी। एलजेपी झारखंड में चिराग पासवान के सहारे युवाओं के बीच अपनी पैठ बनाने के लिए जमीन तलाश रही है।

इधर, बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी एनडीए भी झारखंड में अपनी खोई जमीन तलाश रही है। एनडीए विपक्षी दलों के महागठबंधन के साथ चुनाव मैदान में जाने की इच्छा जताकर 12 सीटों पर अपना दावा ठोंक चुका है। उल्लेखनीय है कि पलामू प्रमंडल और संथाल की कुछ सीटों पर एनडीए की पुरानी पैठ रही है। इन क्षेत्रों में एनडीए के उम्मीदवार जीतते भी रहे हैं। एनडीए के अध्यक्ष अभय सिंह कहते हैं कि एनडीए के नेता तेजस्वी यादव 23 सितंबर को झारखंड पहुंचेंगे और ‘संकल्प यात्रा’ पर निकलेंगे।

इस यात्रा से एनडीए कार्यकर्ताओं को एकजुट कर एनडीए चुनावी मैदान में उतरेगा। जमीन तलाशने के संदर्भ में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यहां एनडीए की जमीन पहले से ही तैयार है। लोकसभा हो या विधानसभा चुनाव, एनडीए के कई उम्मीदवार यहां से जीत चुके हैं। बहरहाल, झारखंड चुनाव में बिहार के इन दलों के आने के बाद इस साल के अंत में होने वाला विधानसभा चुनाव दिलचस्प रहने के आसार बढ़ गए हैं।

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