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बीजेपी ने उपचुनाव में 'अपनों' पर जताया भरोसा

लखनऊ
ने पहली बार किसी चुनाव में पूरी तरह से ‘अपने’ स्थानीय कार्यकर्ताओं पर जताया है। ग्यारह सीटों पर होने वाले के लिए घोषित प्रत्याशियों में अधिकतर बीजेपी के पदाधिकारी या पूर्व पदाधिकारी हैं। पार्टी ने इस बार दस सीटों पर नए चेहरों पर दांव लगाया है। सिर्फ तीन टिकट उन प्रत्याशियों को दिए गए हैं, जो पहले चुनाव लड़ चुके हैं। इनमें लखनऊ कैंट से सुरेश तिवारी, रामपुर से भारत भूषण गुप्ता और जलालपुर से राजेश सिंह शामिल हैं।

पदाधिकारी ही चुनाव मैदान मेंबीजेपी ने लखनऊ कैंट से अवध क्षेत्र के अध्यक्ष सुरेश तिवारी को चुनाव मैदान में उतारा है। सुरेश तिवारी रीता बहुगुणा जोशी से पहले तीन बार कैंट क्षेत्र से विधायक रह चुके थे। रीता जोशी के आने के बाद उन्होंने सीट छोड़ दी थी। वहीं, कानपुर की गोविंदनगर सीट से चुनाव मैदान में उतरे सुरेंद्र मैथानी भी पार्टी के पुराने कार्यकर्ता और शहर अध्यक्ष हैं। बाराबंकी की जैदपुर सीट से उतरे अम्बरीष रावत पार्टी के जिला उपाध्यक्ष रह चुके हैं। 2017 से वह जैदपुर सीट से टिकट मांग रहे थे। गंगोह से चुनाव मैदान में उतरे कीरत सिंह भी पूर्व जिला महामंत्री रह चुके हैं, जबकि भारत भूषण गुप्ता रामपुर के कोषाध्यक्ष हैं। इगलास सीट से चुनाव मैदान में उतरे राजकुमार सहयोगी पार्टी के जिला महामंत्री हैं। मानिकपुर प्रत्याशी आनंद शुक्ला प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य हैं। वह 2017 में भी टिकट के दावेदार थे। बलहा से चुनाव मैदान में उतरीं सरोज सोनकर भी अवध क्षेत्र के महिला मोर्चे की मंत्री हैं। घोसी से चुनाव मैदान में आए विजय सोनकर भी पार्टी के पदाधिकारी हैं। वह मऊ जिले के महामंत्री हैं। माना जा रहा है कि कार्यकर्ताओं की नाराजगी कम करने के लिए ही स्थानीय को तवज्जो दी गई है।

जाति के साथ अपना नेतृत्व उभारने पर जोरबीजेपी ने उपचुनाव में भले अपने कार्यकर्ताओं को तहजीह दी हो, पर जातीय गणित का पूरा ख्याल रखा है। साथ ही यह भी कोशिश की है कि जिले में उस जाति का पार्टी अपना नेतृत्व खड़ा करे। इसी वजह से बहराइच की बलहा सीट से सावित्री बाई फुले को चुनौती देने के लिए बीजेपी ने सरोज सोनकर को उतारा है। पार्टी जिले में उन्हें महिला नेत्री के तौर पर उभारने पर विचार कर रही है। वहीं, घोसी में पूर्व मंत्री ओम प्रकाश राजभर को चुनौती देने के लिए विजय राजभर को चुना गया है।

इस बार दस में जहां तीन ब्राह्मणों को टिकट दिया गया है, वहीं तीन दलितों को भी उतारा गया है। लखनऊ कैंट, कानपुर की गोविंदनगर सीट से सुरेंद्र मैथानी और मानिकपुर से आनंद शुक्ला को उतार कर ब्राह्मणों में संदेश देने की कोशिश की गई है। इगलास से राजकुमार सहयोगी, जैदपुर से अम्बरीष रावत और बलहा से सरोज सोनकर को दलितों में संदेश देने के लिए टिकट दिया गया। गंगोह से कीरत सिंह गुर्जर हैं, तो विजय राजभर भी पिछड़े वर्ग के हैं। रामपुर से वैश्य समाज के भारत भूषण गुप्ता और अम्बेडकरनगर से क्षत्रिय वर्ग से राजेश सिंह को उतार कर सभी वर्गों को खुश करने की कोशिश की गई है।

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