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मध्य प्रदेश की मूसलाधार बारिश से राजस्थान के जिलों में बाढ़ के 'बादल', अगले 24 घंटे का अलर्ट

जयपुर
पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से राज्यस्था के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कोटा के अधिकांश बांध ओवरफ्लो होने की कगार पर हैं तो प्रतापढ़ जिले में भी कई इलाकों में जलभराव हो गया है। कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गई हैं। प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, बांसवाड़ा और भीलवाड़ा जिलों में लगातार बारिश हो रही है।

प्रदेश के कुछ जिलों में अप्रत्याशित रूप से अधिक बारिश होने और मध्यप्रदेश में गांधी सागर बांध से राजस्थान की ओर पानी छोड़े जाने से धौलपुर जिले में बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका है। सभी प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टीमें भेज दी गई हैं जो पानी में फंसे लोगों को तुरन्त सहायता उपलब्ध करा रही हैं। कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति देखी गई। कोटा में लगभग 500 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) की मदद से जिला और पुलिस प्रशासन बाढ़ राहत के लिए काम कर रहे हैं।

सबसे ज्यादा बारिश प्रतापगढ़ में
शनिवार को पूरे पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में भी भारी बारिश देखी गई। प्रतापगढ़ में 270 मिमी बारिश हुई जो राज्य में सबसे अधिक थी। शनिवार तड़के से चंबल नदी से सटे निचले इलाकों में दहशत फैल गई जब लोगों ने मदद के लिए प्रशासन को फोन करना शुरू किया। कोटा का डीएम मुक्तानंद अग्रवाल ने बताया कि बचाव अभियान लगातार जारी है। अब तक पांच सौ से ज्यादा परिवारों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।


कोटा बैराज के खोले गए 18 गेट

प्रशासन को ओवरफ्लो के कारण कोटा बैराज के 18 गेट खोलने पड़े जिसके बाद परेशानी और बढ़ गई। सार्वजनिक स्वास्थ्य और इंजिनियरिंग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह पहली बार है जब कोटा बैराज के 18 गेट खोले गए। इस मौसम में अब तक की सबसे ज्यादा बारिश दो दिनों में हुई है जिससे बाढ़ की स्थिति बन गई है।

घटना से बचने के लिए काटी गई बिजली
अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर, निचले इलाकों में बिजली भी काट दी गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि करंट लगने के किसी की मौत न हो और न ही कोई घटना हो। कोटा के नयापुरा, हरिजन बस्ती, दोस्तपुरा, कुन्हारी और अन्य क्षेत्रों में भारी जलभराव देखा गया, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी हुई। एसडीआरएफ के साथ पुलिस दल लोगों को सुरक्षित स्थानों के स्कूलों, ऊंची इमारतों और अन्य इलाकों में रेस्क्यू कराकर ले गए।

लोगों को घर खाली करने का नोटिस
इसी तरह मेवाड़ क्षेत्र में माही बांध के निचले इलाकों में कई गांवों में भारी जल जमाव देखा गया। सिविल डिफेंस टीमों को क्षेत्र में लगातार बारिश से पहले किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैनात किया गया है। तहसीलदार रमेश वढ़ेरा ने कहा कि जिन इलाकों में ज्यादा पानी बढ़ रहा है वहां पर अवैध रूप से रह रहे लोगों को जगह खाली करने के नोटिस जारी किए हैं। उप ब्लॉक क्षेत्र में शुक्रवार रात एक मिट्टी का मकान गिर गया, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

मंदिर बना टापू पुजारी समेत 16 फंसे
माही बांध से भारी बाढ़ ने डूंगरपुर के बेणेश्वर धाम की ओर जाने वाली तीनों सड़कों को पूरी तरह डुबो दिया। पानी इतना ज्यादा था कि कई घर और इलाके टापू बन गए। इलाके में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। बेणेश्वर मंदिर टापू में तब्दील हो गया और यहां पुजारी सहित सोलह लोग मंदिर में फंस गए। जिन्हें रेस्क्यू कराया गया।

किसानों की फसलें हुईं तबाह
चित्तौड़गढ़ में, लगातार बारिश ने बड़े क्षेत्र में खड़ी खरीफ फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों ने भारी बारिश के कारण फसल के नुकसान को लेकर मुआवजे की मांग की। पुनावाली, भानुजा, सत्ती-का-खेड़, पिनोदरा, अनथेल, रतनपुर आदि सहित कई गांवों के लोगों का कहना है कि उनकी बोई गई सोयाबीन, मक्का, कपास और मूंगफली की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है।

अगले 24 घंटे बारिश का अनुमान
बीसलपुर बांध में पानी ज्यादा बढ़ने पर बांध के आठ गेट खोलने पड़े। पीएचईडी के अधिकारी ने बताया कि हमने बीसलपुर बांध से आठ गेट खोलकर 96,000 क्यूसेक मीटर पानी छोड़ा। जल का प्रवाह निरंतर हो रहा है क्योंकि शुक्रवार से भारी बारिश लगातार हो रही है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेंगी।


पुलिस कर्मी सहित दो की डूबने से मौत

बाड़मेर जिले के बालोतरा क्षेत्र में लूणी नदी में शनिवार शाम एक पुलिस कर्मी सहित दो व्यक्ति डूब गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शवों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बालोतरा डाई के एसपी चुग सिंह सोढ़ा ने बताया कि लूणी नदी में पुरणी चोंच मंदिर के पास बालोतरा क्षेत्र में, एएसआई कानाराम पुलिस लाइन में तैनात थे और उनके दोस्त सीताराम मेघवाल नदी में नहाने गए थे। दोनों गहरे पानी में चले गए और डूब गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सीएम ने की बैठक, राहत कार्य के दिए निर्देश
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीते दो दिनों में धौलपुर, प्रतापगढ़ और झालावाड़ जिलों में अत्यधिक बारिश के चलते जल भराव की स्थिति को देखते हुए तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। गहलोत ने अधिकारियों से कहा है सभी प्रभावित क्षेत्रों में राज्य आपदा प्रबन्धन बल (एसडीआरएफ) सहित अन्य राहत एजेन्सियों की टीमें भेजी जाएं तथा धौलपुर में आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की पूरी तैयारी रखी जाए।

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