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यूएस-कनाडा में नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाजी, बिटकॉइन में लेते थे पेमेंट, गिरफ्तार

लखनऊयूएस, , यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गैंग के तीन सदस्यों को यूपी एसटीएफ ने चिनहट के कमता इलाके से किया है। आरोपी लॉटरी और कौन बनेगा करोड़पति के नाम पर भी लोगों से ठगी करते थे। एसटीएफ ने आरोपियों के पास से 16 एटीएम कार्ड, 5 मोबाइल फोन और रुपये बरामद किए हैं। गैंग का लीडर विदेश में बैठकर भारत ही नहीं बल्कि अन्य देशों के लोगों को अपना शिकार बनाता है। एसटीएफ के मुताबिक गैंग का सरगना में सारी डीलिंग करता था।

रेस्ट्रॉन्ट से पकड़े गए तीन जालसाज
एसएसपी एसटीएफ राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि शनिवार रात यूपी एसटीएफ गोरखपुर की एक टीम को सूचना मिली कि कुशीनगर से कुछ जालसाज लखनऊ आने वाले हैं। इस सूचना पर एसटीएफ की टीम चिनहट के कमता पहुंची और सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर मेट्री इन रेस्टोरेंट से तीन लोगों को धर दबोचा। पूछताछ की गई तो पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम बिहार निवासी राकेश कुमार सिंह, बिट्टू यादव और प्रदीप देव बताया। पूछताछ के दौरान पकड़े गए जालसाजों ने बताया कि वह लोग इंटरनेट के माध्यम से लोगों को विदेश में नौकरी, लॉटरी और कौन बनेगा का करोड़पति के नाम पर अपने जाल में फंसाते थे। जाल में फंसे लोगों से जालसाज धीरे-धीरे करके रुपये फर्जी नाम व पते से खुलवाए गए बैंक खाते में जमा कराते थे। आरोपी इंटरनेट पर वॉट्सऐप नंबर अपलोड करते थे। लोग वाट्सऐप नंबर पर ही संपर्क करते थे।

विदेश में बैठा है जालसाजों का लीडर
ठगी करने वाले आरोपियों ने बताया कि धंधे का असली मास्टरमाइंड विदेश में है। वह ही लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर अपना शिकार बनाता था। इसके बाद उसके गैंग के अन्य सदस्य उसके बताए इशारे में जाल में फंसे पीड़ित को ठगते थे। एसटीएफ की मानें तो जालसाजों के इस गैंग ने अब तक करोड़ों रुपये की ठगी की है। पकड़े गए आरोपियों ने 10 लाख रुपये ठगी से कमाने की बात कबूली है।

बिटकॉइन में लेता था रुपये
मास्टरमाइंड ठगी की रकम सीधे अपने खाते में नहीं लेता था। वह भारत में मौजूद अपने साथियों से बिटकॉइन के रूप में अपने ई-वॉलेट में लेता था। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वह लोग मुरादाबाद के रहने वाले मनोज नाम के एक व्यक्ति की मदद से विदेश में बैठे अपने आका को ई-वॉलेट में बिटकॉइन भेजते थे। आरोपी जालसाज अपना कमीशन काटकर गैंग लीडर को बिटकॉइन में रुपये भेजते थे।

बरतें ये सावधानियां

-इंटरनेट पर नौकरी से संबंधित ऐड पर आवदेन से पहले छानबीन और पड़ताल कर लें।

-नौकरी के नाम पर रुपये की मांग होते ही होशियार हो जाएं।

-हो सके तो नौकरी देने वाली कंपनी या संस्था से सीधे संपर्क कर पता कर लें।

-किसी भी हाल में अपने बैंक खाते और एटीएम की जानकारी न साझा करें।

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